भाजपा सांसद गोपचडे का सपा पर तंज: 'हार के बाद चुनाव आयोग दिखता है, जीत में भगवान'
सारांश
मुख्य बातें
भाजपा सांसद अजित माधवराव गोपचडे ने 24 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला। गोपचडे ने कहा कि जब सपा चुनाव जीतती थी, तब उसे लगता था कि भगवान उनके साथ हैं, लेकिन चुनावी हार के बाद पार्टी को चुनाव आयोग में खामियाँ नज़र आने लगती हैं। उन्होंने इस रवैये को 'दोगलापन और दिखावे की राजनीति' करार दिया।
गोपचडे का सीधा हमला
गोपचडे ने अखिलेश यादव की आलोचना करते हुए कहा, 'जब आपकी विजय होती थी, तब आप भगवान को मानते थे। जब आप मुंह के बल गिर जाते हैं, जब बत्तीसी गिर जाती है, तब आपको चुनाव आयोग दिखाई देने लगता है।' उन्होंने सपा प्रमुख को सलाह दी कि इस तरह की 'दोगली राजनीति' से बाज़ आना चाहिए।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सपा जाति के आधार पर राजनीति कर रही है और प्रदेश में 'ओछी राजनीति' का प्रदर्शन हो रहा है। उनके अनुसार ऐसी राजनीति में देशभक्ति का अभाव साफ़ दिखता है।
भाजपा का चुनावी दावा
गोपचडे ने आगामी चुनाव को लेकर बड़ा दावा करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) उत्तर प्रदेश में दो-तिहाई बहुमत के साथ सरकार बनाएगी और सपा के उम्मीदवारों की जमानत जब्त होगी। उन्होंने कहा कि जनता को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) सरकार के कामों पर पूरा भरोसा है।
चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर बयान
गोपचडे ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का उल्लेख करते हुए कहा कि जब किसी प्रमुख देश — जिसमें उन्होंने अमेरिका की कथित सकारात्मक टिप्पणी का संदर्भ दिया — की ओर से भारत की चुनाव प्रक्रिया की सराहना की जाती है, तो राजनीतिक दलों को भी आत्ममंथन करना चाहिए।
गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दल चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाते रहे हैं। भाजपा इन आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताती है।
अखिलेश यादव को नसीहत
गोपचडे ने अखिलेश यादव को सीधी नसीहत दी कि चुनाव आयोग पर उँगली उठाने के बजाय वे 'परमेश्वर रूपी जनता' के दरबार में जाएँ और जनता के बीच अपना पक्ष रखें। उन्होंने कहा कि देश संविधान के मूल्यों, कानून और नियमों के आधार पर चलता है, न कि किसी की धमकी या मनमाने रवैये से।
भाजपा सांसद का यह बयान आने वाले विधानसभा चुनाव से पहले दोनों दलों के बीच बढ़ते राजनीतिक तनाव की एक और कड़ी है।