अखिलेश यादव का चुनाव आयोग पर हमला: 'निष्पक्षता पर सवाल, आयोग किसके इशारे पर काम कर रहा?'
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बुधवार, 23 सितंबर 2026 को लखनऊ में पत्रकारों से बातचीत के दौरान चुनाव आयोग (ECI) की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग की निष्पक्षता को लेकर अब केवल राजनीतिक दल ही नहीं, बल्कि आम जनता के बीच भी गंभीर संदेह पैदा हो रहा है। यादव ने सीधे पूछा कि आखिर चुनाव आयोग किसके इशारे पर काम कर रहा है।
आयोग के भीतर मतभेद पर सवाल
अखिलेश यादव ने कहा कि यदि किसी स्वतंत्र संवैधानिक संस्था के सदस्य अपने ही फैसलों पर असहमति दर्ज कराएँ और उनकी सुनवाई न हो, तो यह लोकतंत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा, 'आयोग के भीतर यदि उसके अपने सदस्यों के बीच फैसलों को लेकर गंभीर मतभेद सामने आ रहे हैं, तो यह सामान्य स्थिति नहीं है।' उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग सत्ता की कठपुतली बनकर काम कर रहे हैं और लोकतांत्रिक व्यवस्था के साथ खिलवाड़ हो रहा है।
उत्तर प्रदेश चुनाव में धाँधली के आरोप
सपा प्रमुख ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि सपा समर्थक मतदाताओं को चिह्नित कर उनके नाम मतदाता सूची से हटाए गए। उन्होंने दावा किया कि कुछ मामलों में ऐसे लोगों के हस्ताक्षर बनाए गए जो खुद हस्ताक्षर करने में सक्षम नहीं थे, और इसी आधार पर बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम काटे गए। यादव के अनुसार, पार्टी ने इस संबंध में हलफनामे के साथ शिकायत की, लेकिन किसी भी जिम्मेदार अधिकारी पर कार्रवाई नहीं हुई।
जवाबदेही और संवैधानिक वैधता पर सवाल
अखिलेश यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश के उपचुनावों के दौरान भी सपा ने चुनाव प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए थे, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की परिस्थितियों में बनी सरकारों की संवैधानिक वैधता पर भी प्रश्नचिह्न लगता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मतदाता सूची से नाम हटाने या जोड़ने की शिकायतों पर कार्रवाई नहीं होती, तो इससे चुनाव व्यवस्था में जनता का भरोसा कमजोर होता है।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर भाजपा को घेरा
अखिलेश यादव ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर भी भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार हर स्तर पर मनमानी कर रही है और व्यवस्थाएँ तहस-नहस हो रही हैं। उन्होंने कहा कि अयोध्या में विकास के नाम पर लोगों के घर गिराए गए और उन्हें अपना सामान निकालने तक का मौका नहीं दिया गया। यादव ने वादा किया कि सपा की सरकार बनने पर ऐसे प्रभावित लोगों को हुए नुकसान का उचित हर्जाना दिया जाएगा।
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय को बताया है कि एसआईटी जाँच में राम मंदिर परिसर में संदिग्ध चोरी की कई घटनाओं के सीसीटीवी रिकॉर्ड सामने आए हैं और आरोपपत्र दाखिल करने की प्रक्रिया चल रही है। यह मामला हाल के दिनों में राजनीतिक और न्यायिक दोनों मंचों पर चर्चा में रहा है।
आगे की राह
अखिलेश यादव ने कहा कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सामने आई रिपोर्टों ने संस्था पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। उनके अनुसार, 'लोकतंत्र में चुनाव की निष्पक्षता सबसे महत्वपूर्ण है' और अंततः जनता ही इन सवालों का जवाब देगी। यह ऐसे समय में आया है जब 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ राजनीतिक दलों के बीच जोर पकड़ने लगी हैं।