अखिलेश यादव का तंज: भाजपा वोट चोरी के लिए विश्वविद्यालय खोले, कार्यकर्ताओं को तीन साल का कोर्स कराए
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 23 अक्टूबर 2026 को सैफई में मतदान के बाद मीडिया से बातचीत में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर विधान परिषद के स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के चुनाव में बड़े पैमाने पर धांधली और फर्जी मतदान कराने का आरोप लगाया। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि भाजपा को वोट चोरी के लिए एक विश्वविद्यालय स्थापित कर देना चाहिए और अपने कार्यकर्ताओं के लिए कम-से-कम तीन साल का पाठ्यक्रम चलाना चाहिए।
सैफई में मतदान के बाद बोले अखिलेश
अखिलेश यादव आगरा-अलीगढ़ स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में मतदान करने के लिए सैफई पहुँचे थे। मतदान के उपरांत पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में मतदाताओं की सीमित संख्या होने के बावजूद भाजपा हार के भय से बुरी तरह घबराई हुई है। उनका आरोप था कि भाजपा से जुड़े लोगों ने जगह-जगह फर्जी मतदान का प्रयास किया और सपा के मतदाताओं को मतदान केंद्रों तक पहुँचने से रोका।
उन्होंने कहा कि भाजपा ने अपने 'गुंडों और भ्रष्ट अधिकारियों' को आगे कर दिया — एक आरोप जिसे सत्यापित नहीं किया जा सका है और जिसे सपा का कथित दावा मानना उचित होगा। पूरे प्रदेश से ऐसी सूचनाएँ मिलने की बात कहते हुए अखिलेश ने दावा किया कि यह अलग-थलग घटनाएँ नहीं, बल्कि एक सुनियोजित कोशिश है।
चुनाव आयोग और प्रशासन पर निशाना
सपा प्रमुख ने प्रशासन और चुनाव आयोग (ECI) पर भी तीखा हमला बोला। उनके अनुसार प्रशासन मूकदर्शक बना रहा और चुनाव आयोग ने शिकायतों पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग के अधिकारी 'नींद की गोली खाकर सोए हुए हैं।' इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि 2022 से ही सपा मतदाता सूची में गड़बड़ियाँ और वोट चोरी के मुद्दे उठाती आ रही है। उनके मुताबिक, मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों में भाजपा और चुनाव आयोग की मिलीभगत है — एक गंभीर आरोप जिस पर चुनाव आयोग की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।
शासन-विफलता पर व्यापक हमला
अखिलेश यादव ने केवल चुनावी धांधली तक अपनी बात सीमित नहीं रखी। उन्होंने भाजपा सरकार पर भ्रष्टाचार, महंगाई और अन्याय को बढ़ावा देने के आरोप भी लगाए। उन्होंने कहा कि डीजल-पेट्रोल की कीमतें बढ़ी हैं, युवाओं को पर्याप्त रोजगार नहीं मिला और अस्पतालों को 'खुद इलाज की जरूरत है।' एंबुलेंस सेवाओं, एक्सप्रेसवे की खराब हालत और किसानों को खाद न मिलने का मुद्दा भी उन्होंने उठाया।
पुलिस व्यवस्था पर तंज कसते हुए अखिलेश ने कहा कि प्रदेश में 'हथेली गरम तो पुलिस नरम' जैसी स्थिति बन गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा आरक्षण को कमजोर कर रही है, प्राथमिक विद्यालय बंद कर रही है और शराब की दुकानें खुलवा रही है।
केंद्र सरकार की विदेश नीति पर सवाल
सपा प्रमुख ने केंद्र सरकार की व्यापार नीति पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि खाद के लिए आवश्यक रसायनों की आपूर्ति चीन और अन्य देशों से होती है, और केंद्र की व्यापार नीति देश के हितों के अनुरूप नहीं है — जिसका सीधा असर किसानों को खाद की उपलब्धता पर पड़ रहा है।
2027 विधानसभा चुनाव का एलान
अखिलेश यादव ने दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में जनता भाजपा का 'सफाया' कर देगी। उन्होंने कहा कि सपा और इंडिया गठबंधन पूरी तरह तैयार हैं। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश की राजनीति में विधान परिषद चुनाव को अगले विधानसभा चुनाव की दिशा का संकेत माना जा रहा है।