अखिलेश यादव का आरोप: भाजपा फर्जी वोट बनवा और असली वोट कटवाकर जीतती है चुनाव
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार, 18 अक्टूबर 2026 को लखनऊ स्थित पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर मतदाता सूची में हेरफेर और चुनावी धोखाधड़ी के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि भाजपा फर्जी वोट बनवाने और विपक्षी दलों के वास्तविक मतदाताओं की सूची से छंटाई कराने की सुनियोजित साजिश रचती है। यादव ने पार्टी कार्यकर्ताओं से अपने-अपने बूथों पर चौकस रहने की अपील करते हुए कहा कि 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में सत्ता परिवर्तन तय है।
मुख्य आरोप और कार्यकर्ताओं को संदेश
अखिलेश यादव ने विभिन्न जिलों से आए नेताओं और कार्यकर्ताओं के समक्ष कहा कि भाजपा चुनाव जीतने के लिए 'दस तरह की चालें' चलती है और न तो कानून मानती है, न संविधान। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि वे जनता को 'वोट चोरी' और 'चंदा चोरी' के प्रति सचेत करें। सपा अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा सपा नेतृत्व पर झूठे आरोप लगाना अपनी उपलब्धि समझती है, लेकिन जनता अब उसकी बेईमानी को भली-भाँति समझ चुकी है।
महंगाई, बेरोजगारी और भूमाफिया पर निशाना
यादव ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और सरकारी जमीनों पर कब्जे के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने भाजपा को 'भूमाफिया पार्टी' करार देते हुए कहा कि सत्ता के संरक्षण में गरीबों और असहायों की जमीनें हड़पी जा रही हैं। उनके अनुसार, न्याय मांगने वालों को उल्टा फंसाया जाता है और पुलिस भाजपा समर्थित दबंगों के साथ खड़ी दिखती है।
शिक्षा व्यवस्था और पेपर लीक पर प्रहार
सपा प्रमुख ने शिक्षा के मुद्दे पर भाजपा सरकार को तीखे लहजे में घेरा। उन्होंने दावा किया कि पिछले दस वर्षों में 26,000 से अधिक प्राथमिक विद्यालय बंद किए गए हैं, जबकि शराब की दुकानें बढ़ती जा रही हैं। यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री की 'रूढ़िवादी सोच' ने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को गर्त में धकेल दिया है। उन्होंने पेपर लीक का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि देश में सबसे अधिक पेपर लीक उत्तर प्रदेश में हुए हैं और सरकार जानबूझकर प्रश्नपत्र लीक कराती है।
पीडीए एकता और 2027 का चुनावी संकल्प
अखिलेश यादव ने कहा कि पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक (PDA) वर्ग एकजुट है और उत्तर प्रदेश में सपा सरकार बनाने को लेकर जनता में एकराय है। उन्होंने आरोप लगाया कि पीडीए की एकता से घबराई भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री इस वर्ग को लगातार अपमानित और प्रताड़ित कर रहे हैं। यादव ने दावा किया कि 2027 में भाजपा के सत्ता से हटने के बाद वह फिर कभी उत्तर प्रदेश की सत्ता में नहीं लौट पाएगी।
भाजपा की प्रतिक्रिया और आगे का परिदृश्य
अखिलेश यादव के इन आरोपों पर फिलहाल भाजपा की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। गौरतलब है कि 2027 का उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव अब करीब डेढ़ साल दूर है और सपा ने बूथ-स्तर पर संगठन को मजबूत करने की मुहिम तेज कर दी है। आने वाले महीनों में दोनों पक्षों के बीच राजनीतिक तकरार और तेज होने की संभावना है।