24 अगस्त 2026
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अखिलेश यादव का भाजपा पर वार: वंदे मातरम से महंगाई-बेरोजगारी छिपाई जा रही, UP चुनाव सपा बनाम भाजपा होगा

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अखिलेश यादव का भाजपा पर वार: वंदे मातरम से महंगाई-बेरोजगारी छिपाई जा रही, UP चुनाव सपा बनाम भाजपा होगा

सारांश

अखिलेश यादव ने लखनऊ में BJP को घेरा — वंदे मातरम का मुद्दा महंगाई और बेरोजगारी से ध्यान भटकाने की चाल है। 350 भैंसें जब्त, एक्सप्रेस-वे की गुणवत्ता, राम मंदिर भ्रष्टाचार — एक भाषण में कई मोर्चे खोले। UP चुनाव: सपा बनाम BJP, यह दावा अब आधिकारिक।

मुख्य बातें

अखिलेश यादव ने 24 अगस्त 2026 को लखनऊ में कहा — UP विधानसभा चुनाव में मुख्य मुकाबला सपा और BJP के बीच होगा।
BJP पर आरोप: वंदे मातरम जैसे मुद्दों से महंगाई और बेरोजगारी की असल समस्याओं से ध्यान भटकाया जा रहा है।
लखनऊ नगर निगम पर आरोप — बुद्धेश्वर इलाके में पशुपालकों की करीब 350 भैंसें जब्त की गईं।
गोरखपुर एक्सप्रेस-वे समेत कई परियोजनाओं की निर्माण गुणवत्ता पर सवाल उठाए।
राम मंदिर से जुड़े भ्रष्टाचार के आरोप लगाए; आरक्षण पर कहा — 'आरक्षण था, है और रहेगा।'

समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 24 अगस्त 2026 को लखनऊ स्थित पार्टी के राज्य मुख्यालय में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि BJP सरकार वंदे मातरम् जैसे भावनात्मक मुद्दों में जनता को उलझाकर महंगाई और बेरोजगारी की असल समस्याओं से ध्यान भटका रही है। अखिलेश ने स्पष्ट किया कि आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में मुख्य मुकाबला समाजवादी पार्टी और BJP के बीच ही होगा।

भटकाव की राजनीति पर निशाना

अखिलेश यादव ने कहा कि BJP नए-नए मुद्दे उठाकर जनता को वास्तविक समस्याओं से दूर रखना चाहती है। उनके अनुसार, वंदे मातरम् का मुद्दा इसी रणनीति का हिस्सा है। उन्होंने आरोप लगाया कि महंगाई लगातार बढ़ रही है और त्योहारी सीजन में इसमें और इजाफा हुआ है। उनका दावा है कि अपने करीबियों को मुनाफा पहुँचाने के लिए चीनी की कीमतें जानबूझकर बढ़ाई गई हैं।

उन्होंने कहा, भाजपा को आम जनता की नहीं, बल्कि उद्योगपतियों की चिंता है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ जोर पकड़ रही हैं।

किसान और पशुपालक: खाद व भैंसों का मुद्दा

सपा अध्यक्ष ने किसानों की समस्याओं को लेकर सरकार पर सवाल दागे। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, 'पहले बोरी में खाद चोरी हो रही थी, अब पूरी बोरी ही गायब हो गई है।' उनका कहना था कि किसानों को खाद की उपलब्धता और उनकी उपज के उचित दाम मिलने चाहिए।

अखिलेश ने लखनऊ के बुद्धेश्वर इलाके में पशुपालकों के साथ कथित अमानवीय व्यवहार का मुद्दा भी उठाया। उनके अनुसार, नगर निगम ने पशुपालकों की करीब 350 भैंसें जब्त कर ली हैं और डेयरी संचालकों को परेशान किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन अपनी नाकामी छिपाने के लिए पशुपालकों का उत्पीड़न कर रहा है। बुद्धेश्वर क्षेत्र के डेयरी संचालकों ने इस दौरान अखिलेश से मुलाकात कर अपनी समस्याएँ बताईं और उन्होंने हरसंभव मदद का आश्वासन दिया।

एक्सप्रेस-वे और शिक्षा पर सवाल

अखिलेश यादव ने BJP सरकार के विकास कार्यों की गुणवत्ता को भी कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि गोरखपुर एक्सप्रेस-वे पर हजारों करोड़ रुपये खर्च होने के बावजूद वह जगह-जगह उखड़ गया। गंगा एक्सप्रेस-वे और लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे की स्थिति का जिक्र करते हुए उन्होंने निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए।

शिक्षा के मोर्चे पर उन्होंने कहा कि सरकारी विद्यालयों की स्थिति चिंताजनक है। उन्होंने दावा किया कि सपा सरकार के कार्यकाल में खरीदे गए बर्तन और दस साल पुराने गिलास आज भी बच्चों के काम आ रहे हैं, जो मौजूदा सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल खड़ा करता है।

राम मंदिर भ्रष्टाचार और आरक्षण

अखिलेश ने राम मंदिर से जुड़े भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर भी BJP पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि जो लोग प्रभु श्रीराम के नाम पर मिले धन में चोरी कर सकते हैं, वे चुनाव में बेईमानी करने से भी नहीं हिचकेंगे। गौरतलब है कि राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े वित्तीय विवाद पिछले कुछ महीनों से राजनीतिक बहस का केंद्र बने हुए हैं।

आरक्षण के मुद्दे पर सपा अध्यक्ष ने दृढ़ता से कहा, 'आरक्षण था, आरक्षण है और आरक्षण आगे भी रहेगा।' उन्होंने स्पष्ट किया कि समाजवादी पार्टी सामाजिक न्याय और आरक्षण के मुद्दे पर लगातार मजबूती से अपनी बात रखती रहेगी। आने वाले चुनाव में यह मुद्दा सपा के प्रमुख एजेंडे में रहेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

पशुपालक, एक्सप्रेस-वे, शिक्षा और राम मंदिर जैसे विविध मुद्दों को एक साथ उठाना सपा की 'सब-मुद्दा' रणनीति को दर्शाता है। लेकिन यह भी उतना ही सच है कि सपा के पिछले कार्यकाल में भी कानून-व्यवस्था और विकास पर गंभीर सवाल उठे थे, जिनका जवाब पार्टी के पास अब भी स्पष्ट नहीं है। 'चुनाव सपा बनाम BJP' का दावा राजनीतिक रूप से सुविधाजनक है, लेकिन UP की जातीय और क्षेत्रीय जटिलताएँ इसे उतना सरल नहीं बनातीं। असली परीक्षा यह होगी कि क्या सपा इन मुद्दों को ज़मीनी संगठन में बदल पाती है या यह सिर्फ मंच से उठती आवाज़ें बनकर रह जाती हैं।
RashtraPress
24 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अखिलेश यादव ने वंदे मातरम को लेकर BJP पर क्या आरोप लगाया?
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि BJP वंदे मातरम् जैसे भावनात्मक मुद्दों में जनता को उलझाकर महंगाई और बेरोजगारी की असल समस्याओं से ध्यान भटका रही है। उनके अनुसार यह BJP की जानबूझकर अपनाई गई राजनीतिक रणनीति है।
UP विधानसभा चुनाव में सपा की क्या रणनीति है?
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने स्पष्ट किया कि आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में मुख्य मुकाबला समाजवादी पार्टी और BJP के बीच ही होगा। उन्होंने कहा कि जनता अब BJP सरकार को हटाना चाहती है।
लखनऊ के बुद्धेश्वर में पशुपालकों का क्या मामला है?
अखिलेश यादव के अनुसार, लखनऊ नगर निगम ने बुद्धेश्वर इलाके में पशुपालकों की करीब 350 भैंसें जब्त कर ली हैं और डेयरी संचालकों को परेशान किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन अपनी नाकामी छिपाने के लिए यह कार्रवाई कर रहा है।
अखिलेश ने गोरखपुर एक्सप्रेस-वे को लेकर क्या कहा?
अखिलेश यादव ने कहा कि गोरखपुर एक्सप्रेस-वे पर हजारों करोड़ रुपये खर्च होने के बावजूद वह जगह-जगह उखड़ गया है। गंगा एक्सप्रेस-वे और लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे का हवाला देते हुए उन्होंने BJP सरकार के विकास कार्यों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए।
अखिलेश यादव ने आरक्षण पर क्या कहा?
सपा अध्यक्ष ने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'आरक्षण था, आरक्षण है और आरक्षण आगे भी रहेगा।' उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी सामाजिक न्याय और आरक्षण के मुद्दे पर लगातार मजबूती से अपनी बात रखती रहेगी।
राष्ट्र प्रेस
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