अखिलेश यादव का गंगा एक्सप्रेसवे उद्घाटन पर तंज: 'अधूरे प्रोजेक्ट्स का श्रेय ले रही BJP', महंगाई-महिला आरक्षण पर भी हमला

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अखिलेश यादव का गंगा एक्सप्रेसवे उद्घाटन पर तंज: 'अधूरे प्रोजेक्ट्स का श्रेय ले रही BJP', महंगाई-महिला आरक्षण पर भी हमला

सारांश

गंगा एक्सप्रेसवे के उद्घाटन को अखिलेश यादव ने राजनीतिक श्रेय की होड़ करार दिया — दावा किया कि एक्सप्रेसवे की सोच सपा की है और BJP अधूरे प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन कर रही है। महंगाई, महिला आरक्षण और ईवीएम पर भी सरकार को घेरते हुए उन्होंने प्रदेश में राजनीतिक बदलाव का दावा किया।

Key Takeaways

  • अखिलेश यादव ने 29 अप्रैल 2026 को लखनऊ में गंगा एक्सप्रेसवे उद्घाटन पर BJP और केंद्र सरकार पर हमला बोला।
  • दावा किया कि एक्सप्रेसवे निर्माण की मूल सोच समाजवादी पार्टी की देन है; सरकार अधूरे प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन कर रही है।
  • महिला आरक्षण कानून पारित होने के बावजूद लागू न होने पर BJP को घेरा, आगामी चुनावों में लागू करने की माँग की।
  • ईवीएम की जगह बैलेट पेपर से चुनाव कराने की वकालत; कहा — कई विकसित देशों में आज भी यही प्रणाली।
  • गाजीपुर घटना पर निष्पक्ष जाँच की माँग; पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की जीत का दावा।

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 29 अप्रैल 2026 को लखनऊ में पत्रकारों से बातचीत के दौरान गंगा एक्सप्रेसवे के उद्घाटन को लेकर केंद्र और उत्तर प्रदेश की राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि एक्सप्रेसवे निर्माण की मूल सोच समाजवादियों की देन है और मौजूदा सरकार अधूरे प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन कर राजनीतिक श्रेय लेने की कोशिश कर रही है। महंगाई, महिला आरक्षण और चुनाव प्रणाली जैसे अहम मुद्दों पर भी उन्होंने सरकार को घेरा।

गंगा एक्सप्रेसवे पर अखिलेश का कटाक्ष

अखिलेश यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा गंगा एक्सप्रेसवे के उद्घाटन पर कटाक्ष करते हुए कहा कि एक्सप्रेसवे बनाने की असली समझ और दूरदृष्टि समाजवादी पार्टी की सरकार ने दी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार अधूरे एक्सप्रेसवे तैयार कर उनका उद्घाटन कर रही है, जबकि पूर्ववर्ती सपा सरकार ने बेहतर गुणवत्ता और सुनियोजित सुविधाओं वाले प्रोजेक्ट्स दिए थे।

उन्होंने नोएडा-आगरा एक्सप्रेसवे सहित कई प्रमुख परियोजनाओं का हवाला देते हुए कहा कि ये समाजवादी सरकार की उपलब्धियाँ हैं, जिनमें बेहतर प्लानिंग और सुविधाएँ थीं। उन्होंने सवाल उठाया कि प्रधानमंत्री ने आगरा के विकास की बात तो की, लेकिन उसके अनुरूप ठोस कार्य नहीं हुए।

महंगाई पर सरकार को घेरा

सपा अध्यक्ष ने महंगाई के मुद्दे पर कहा कि जब तक 'बुरे दिन' खत्म नहीं होंगे, तब तक आम जनता को राहत नहीं मिलेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने कुछ चुनिंदा लोगों को लाभ पहुँचाकर अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुँचाया है। यह ऐसे समय में आया है जब खुदरा महंगाई आम परिवारों पर दबाव बनाए हुए है।

महिला आरक्षण कानून लागू न होने पर सवाल

महिला आरक्षण कानून को लेकर अखिलेश यादव ने कहा कि कानून बनने के बावजूद इसे लागू नहीं किया जा रहा है। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर महिलाओं को भ्रमित करने का आरोप लगाते हुए कहा कि अगर सरकार चाहे तो इसे आगामी चुनावों में लागू किया जा सकता है। गौरतलब है कि महिला आरक्षण विधेयक संसद में पारित हो चुका है, लेकिन परिसीमन की शर्त के कारण इसके क्रियान्वयन पर अनिश्चितता बनी हुई है।

ईवीएम की जगह बैलेट पेपर की वकालत

चुनाव प्रणाली पर सवाल उठाते हुए सपा प्रमुख ने ईवीएम के बजाय बैलेट पेपर से चुनाव कराने की वकालत की। उनका कहना था कि कई विकसित देशों में आज भी बैलेट पेपर का इस्तेमाल होता है और भविष्य में उनकी पार्टी इस दिशा में प्रयास करेगी।

पश्चिम बंगाल, गाजीपुर और प्रदेश की राजनीति

पश्चिम बंगाल के राजनीतिक परिदृश्य पर टिप्पणी करते हुए अखिलेश ने ममता बनर्जी की जीत का दावा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि वहाँ केंद्रीय एजेंसियों के ज़रिए समानांतर ढाँचा खड़ा किया गया है, लेकिन जनता लोकतंत्र को बचाने के लिए मतदान करेगी।

गाजीपुर की घटना का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि प्रशासन और प्रभावशाली लोगों की कथित मिलीभगत से पीड़ितों को न्याय नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने निष्पक्ष जाँच की माँग की। अंत में अखिलेश यादव ने दावा किया कि प्रदेश में समाजवादी पार्टी के पक्ष में माहौल बन रहा है और आने वाले समय में राजनीतिक बदलाव देखने को मिलेगा।

Point of View

लेकिन असल में यह उत्तर प्रदेश में सपा की व्यापक विपक्षी रणनीति का हिस्सा है — जिसमें विकास के हर प्रतीक को 'छीने गए श्रेय' के रूप में पेश किया जाता है। महिला आरक्षण और ईवीएम जैसे मुद्दे राष्ट्रीय विपक्ष की साझा भाषा हैं, लेकिन इनके साथ ठोस वैकल्पिक नीति का अभाव सपा की आलोचना को प्रतिक्रियावादी बनाता है। गाजीपुर और पश्चिम बंगाल का एक साथ ज़िक्र यह भी दर्शाता है कि सपा राष्ट्रीय स्तर पर प्रासंगिकता बनाए रखने की कोशिश कर रही है — जो 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव से पहले ज़मीन तैयार करने की रणनीति हो सकती है।
NationPress
29/04/2026

Frequently Asked Questions

अखिलेश यादव ने गंगा एक्सप्रेसवे उद्घाटन पर क्या कहा?
अखिलेश यादव ने दावा किया कि एक्सप्रेसवे निर्माण की मूल सोच समाजवादी पार्टी की देन है और मौजूदा सरकार अधूरे प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन कर राजनीतिक श्रेय लेने की कोशिश कर रही है। उन्होंने नोएडा-आगरा एक्सप्रेसवे जैसी परियोजनाओं को सपा सरकार की उपलब्धि बताया।
महिला आरक्षण कानून को लेकर अखिलेश यादव ने क्या माँग की?
अखिलेश यादव ने कहा कि महिला आरक्षण कानून संसद में पारित होने के बावजूद लागू नहीं किया जा रहा है। उन्होंने BJP पर महिलाओं को भ्रमित करने का आरोप लगाते हुए माँग की कि सरकार इसे आगामी चुनावों में लागू करे।
अखिलेश यादव ने ईवीएम पर क्या रुख अपनाया?
सपा अध्यक्ष ने ईवीएम की जगह बैलेट पेपर से चुनाव कराने की वकालत की। उन्होंने तर्क दिया कि कई विकसित देशों में आज भी बैलेट पेपर का उपयोग होता है और उनकी पार्टी भविष्य में इस दिशा में प्रयास करेगी।
गाजीपुर घटना पर सपा का क्या कहना है?
अखिलेश यादव ने गाजीपुर की घटना का ज़िक्र करते हुए कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए और कथित तौर पर प्रशासन व प्रभावशाली लोगों की मिलीभगत का आरोप लगाया। उन्होंने पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए निष्पक्ष जाँच की माँग की।
पश्चिम बंगाल को लेकर अखिलेश यादव ने क्या दावा किया?
अखिलेश यादव ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की जीत होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसियों के ज़रिए वहाँ समानांतर ढाँचा खड़ा किया गया है, लेकिन जनता लोकतंत्र की रक्षा के लिए मतदान करेगी।
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