25 अगस्त 2026
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चीन में ग्रीष्मकालीन गेहूं खरीद 9 करोड़ टन के पार, न्यूनतम मूल्य नीति से किसानों को राहत

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चीन में ग्रीष्मकालीन गेहूं खरीद 9 करोड़ टन के पार, न्यूनतम मूल्य नीति से किसानों को राहत

सारांश

चीन में ग्रीष्मकालीन अनाज खरीद का चरम दौर जारी है — 9 करोड़ टन से अधिक गेहूं की खरीद हो चुकी है। च्यांगशी और हुनान में न्यूनतम मूल्य नीति लागू कर किसानों के हितों की रक्षा की जा रही है, जबकि भंडारण क्षमता बढ़ाने और फसल नुकसान घटाने पर भी ज़ोर है।

मुख्य बातें

चीनी राष्ट्रीय खाद्य और रणनीतिक भंडार प्रशासन ने 24 अगस्त 2026 को बताया कि देशभर में 9 करोड़ टन से अधिक गेहूं की खरीद हो चुकी है।
च्यांगशी और हुनान प्रांतों में धान के लिए न्यूनतम खरीद मूल्य योजना अगस्त से लागू।
हुनान प्रांत में गेहूं के लिए भी न्यूनतम मूल्य नीति प्रभावी की गई है।
अनाज सुखाने और भंडारण क्षमता बढ़ाने के निर्देश संबंधित प्रांतों को दिए जाएंगे।
किसानों और कंपनियों के बीच सीधे संपर्क को मज़बूत कर बाज़ार स्थिरता सुनिश्चित करने का लक्ष्य।

चीनी राष्ट्रीय खाद्य और रणनीतिक भंडार प्रशासन ने 24 अगस्त 2026 को जारी नवीनतम आंकड़ों में बताया कि देशभर की अनाज कंपनियों ने अब तक कुल 9 करोड़ टन से अधिक गेहूं की खरीद कर ली है। पूरे चीन में इस समय ग्रीष्मकालीन अनाज खरीद का चरम दौर जारी है और प्रशासन के अनुसार समग्र प्रगति संतोषजनक बनी हुई है।

मुख्य घटनाक्रम

प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अगस्त माह से संबंधित राष्ट्रीय विभागों ने च्यांगशी और हुनान प्रांतों में धान के लिए न्यूनतम खरीद मूल्य योजना लागू कर दी है। इसके साथ ही हुनान प्रांत में गेहूं के लिए भी न्यूनतम खरीद मूल्य नीति प्रभावी की गई है।

इन नीतिगत कदमों का उद्देश्य बाज़ार की उम्मीदों को स्थिर रखना और अनाज उत्पादक किसानों के आर्थिक हितों की रक्षा करना है।

सरकार की रणनीति

आंकड़ों के अनुसार, अगले चरण में चीनी राष्ट्रीय खाद्य और रणनीतिक भंडार प्रशासन बाज़ार-आधारित खरीद और नीतिगत भंडारण को एक साथ आगे बढ़ाएगा। मौसमी बदलावों — विशेषकर बारिश के प्रभाव — पर निरंतर निगरानी रखी जाएगी।

संबंधित प्रांतों को अनाज सुखाने और भंडारण क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ खरीद व्यवस्था को और सुदृढ़ करने के निर्देश दिए जाएंगे, ताकि फसल कटाई के बाद होने वाले अनाज के नुकसान को न्यूनतम किया जा सके।

किसानों पर असर

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अनाज उत्पादन और विपणन के बीच सहयोग को और प्रगाढ़ किया जाएगा। किसानों और अनाज कंपनियों के बीच सीधे संपर्क को बढ़ावा देकर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसानों को अपनी फसल बेचने में कोई कठिनाई न हो और बाज़ार का संचालन स्थिर बना रहे।

यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक खाद्य सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ी हुई हैं और चीन अपनी घरेलू खाद्य आपूर्ति श्रृंखला को और मज़बूत बनाने पर ज़ोर दे रहा है।

आगे की राह

गौरतलब है कि चीन दुनिया के सबसे बड़े गेहूं उत्पादक और उपभोक्ता देशों में से एक है। 9 करोड़ टन से अधिक की यह खरीद देश की खाद्य भंडारण नीति की दृष्टि से महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है। आने वाले हफ्तों में खरीद की गति और भंडारण की स्थिति पर प्रशासन की नज़र बनी रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या न्यूनतम मूल्य नीति वास्तव में छोटे किसानों तक पहुंच रही है या केवल बड़ी अनाज कंपनियों को फायदा हो रहा है। वैश्विक खाद्य बाज़ार में चीन की इतनी बड़े पैमाने पर सरकारी खरीद अंतरराष्ट्रीय गेहूं कीमतों को भी प्रभावित करती है — एक पहलू जिसे घरेलू रिपोर्टिंग अक्सर नज़रअंदाज़ करती है। भंडारण क्षमता और फसल-पश्चात नुकसान को लेकर जो चिंताएं जताई गई हैं, वे संकेत देती हैं कि ज़मीनी बुनियादी ढांचा अभी भी खरीद की रफ्तार के साथ कदम नहीं मिला पा रहा।
RashtraPress
25 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चीन में इस बार गेहूं की खरीद कितनी हुई है?
चीनी राष्ट्रीय खाद्य और रणनीतिक भंडार प्रशासन के 24 अगस्त 2026 के आंकड़ों के अनुसार, देशभर की अनाज कंपनियों ने अब तक 9 करोड़ टन से अधिक गेहूं की खरीद की है। प्रशासन ने इसे संतोषजनक प्रगति बताया है।
चीन में न्यूनतम खरीद मूल्य नीति किन प्रांतों में लागू हुई है?
अगस्त 2026 से च्यांगशी और हुनान प्रांतों में धान के लिए न्यूनतम खरीद मूल्य योजना लागू की गई है। इसके अतिरिक्त हुनान प्रांत में गेहूं के लिए भी यही नीति प्रभावी की गई है।
यह नीति चीनी किसानों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
न्यूनतम खरीद मूल्य नीति का उद्देश्य अनाज उत्पादक किसानों को बाज़ार की अनिश्चितता से बचाना और उनकी आय को स्थिर रखना है। इससे किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य मिलना सुनिश्चित होता है और बाज़ार में उम्मीदें भी स्थिर रहती हैं।
अनाज खरीद के अगले चरण में चीन क्या करेगा?
प्रशासन बाज़ार-आधारित खरीद और नीतिगत भंडारण को एक साथ जारी रखेगा। मौसमी बदलावों पर निगरानी, अनाज सुखाने व भंडारण क्षमता बढ़ाने के निर्देश, और किसानों व कंपनियों के बीच सीधे संपर्क को प्रोत्साहन देना प्राथमिकताओं में शामिल है।
चीन की इस खरीद का वैश्विक खाद्य बाज़ार पर क्या असर हो सकता है?
चीन दुनिया के सबसे बड़े गेहूं उत्पादक और उपभोक्ता देशों में से एक है। इतने बड़े पैमाने पर सरकारी खरीद से घरेलू आपूर्ति तो स्थिर होती है, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार इसका अंतरराष्ट्रीय गेहूं कीमतों पर भी अप्रत्यक्ष प्रभाव पड़ सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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