चीनी प्रधानमंत्री ली छ्यांग का चच्यांग दौरा: तेल-अनाज भंडारण हब निर्माण में तेजी का निर्देश
सारांश
मुख्य बातें
चीनी प्रधानमंत्री ली छ्यांग ने 25 से 27 मई के बीच पूर्वी चीन के चच्यांग प्रांत के चोशान और निंगपो शहरों का दौरा किया और अहम वस्तुओं के भंडारण हब के निर्माण में तेजी लाने पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास और सुरक्षा के समन्वित विकास के लिए विश्वसनीय भंडारण ढाँचा अनिवार्य है।
मुख्य निरीक्षण स्थल और भंडारण परियोजनाएँ
ली छ्यांग ने चोशान राष्ट्रीय तेल भंडार अड्डे, मुख्य कृषि उत्पादों के भंडारण व परिवहन अड्डे और निंगपो डाश्ये वाणिज्यिक तेल भंडारण परियोजना का निरीक्षण किया। इन स्थलों पर उन्होंने तेल और अनाज भंडारण कार्य की विस्तृत रिपोर्ट सुनी और भंडारण संस्थापनों की कार्यप्रणाली को करीब से समझा।
उन्होंने कहा कि महत्वपूर्ण वस्तुओं और सामग्रियों का सुचारु भंडारण स्थिर आर्थिक और सामाजिक संचालन के लिए बड़ा महत्व रखता है। उन्होंने कई किस्मों वाले भंडारण संस्थापनों का निर्माण बढ़ाने और भंडारण क्षमता के विस्तार पर बल दिया।
सूचनाकरण और बुद्धिमत्ता पर जोर
ली छ्यांग ने भंडारण और प्रबंधन तकनीकों के सुधार की आवश्यकता रेखांकित की। उनके अनुसार, सूचनाकरण और बुद्धिमता का स्तर उन्नत करना इस क्षेत्र की दीर्घकालिक दक्षता के लिए ज़रूरी है। यह ऐसे समय में आया है जब चीन वैश्विक आपूर्ति शृंखला में अपनी स्थिति को और मज़बूत करने की कोशिश कर रहा है।
अंतरराष्ट्रीय वस्तु कारोबार और मूल्य निर्धारण
चच्यांग अंतरराष्ट्रीय वस्तु कारोबार केंद्र के निरीक्षण के दौरान ली छ्यांग ने अहम वस्तुओं के समेकित सेवा मंच के निर्माण पर जोर देने का निर्देश दिया। उनका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अहम वस्तुओं के दाम निर्धारण तंत्र में चीन का प्रभाव बढ़ाना है।
चोशान बंदरगाह: विश्व स्तरीय बंदरगाह का लक्ष्य
चोशान बंदरगाह के दौरे में ली छ्यांग ने मानव रहित कंटेनर ढुलाई प्रणाली का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि चोशान बंदरगाह के कई रणनीतिक लाभ हैं और इसे विश्व स्तरीय शक्तिशाली बंदरगाह के रूप में विकसित किया जाना चाहिए। गौरतलब है कि चोशान बंदरगाह पहले से ही दुनिया के सबसे व्यस्त बंदरगाहों में गिना जाता है, और इस दौरे के बाद इसके आधुनिकीकरण को नई गति मिलने की संभावना है।