मुलुंड स्टेशन पर एसी लोकल में AC बंद, 3 यात्री बेहोश; सभी अब स्वस्थ — सेंट्रल रेलवे
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई के मुलुंड रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-2 पर खड़ी एसी लोकल ट्रेन का एयर कंडीशनिंग सिस्टम 13 जुलाई को करीब 15 मिनट तक बंद रहा, जिससे डिब्बे के भीतर घुटन की स्थिति पैदा हो गई और 3 यात्री — जिनमें दो महिलाएँ शामिल थीं — बेहोश हो गए। सेंट्रल रेलवे ने पुष्टि की है कि सभी प्रभावित यात्री अब पूरी तरह स्वस्थ हैं।
घटनाक्रम: क्या हुआ मुलुंड स्टेशन पर
एसी यूनिट खराब होने के बाद बंद डिब्बे में गर्मी और उमस तेज़ी से बढ़ी। दो महिला यात्री बेहोश हो गईं, जबकि एक अन्य यात्री को भी सांस लेने में कठिनाई हुई। मौके पर मौजूद सहयात्रियों ने तत्काल प्रतिक्रिया दिखाते हुए बेहोश महिलाओं को ट्रेन से बाहर निकाला और प्राथमिक उपचार दिया।
इसके बाद रेलवे ने ट्रेन के दरवाज़े खोलकर उसे कुर्ला तक चलाया, जहाँ उस रैक की यात्रा रद्द कर दी गई और ट्रेन को बिना एसी के वैकल्पिक रैक से प्रतिस्थापित करने का निर्णय लिया गया।
यात्रियों की स्वास्थ्य स्थिति
सेंट्रल रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी स्वप्निल नीला ने बताया, 'तीन यात्री प्रभावित हुए थे। उनमें से दो महिलाएँ थीं और उनकी हालत अब सामान्य हो गई है। उन्होंने अपनी यात्रा भी फिर से शुरू कर दी है।' तीसरे यात्री फहीम अंसारी को कुछ समय के लिए अग्रवाल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्हें सोमवार सुबह करीब 11:30 बजे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। नीला के अनुसार, 'उनकी हालत स्थिर और सामान्य है, और उन्हें अब स्वास्थ्य संबंधी कोई समस्या नहीं है।'
रेलवे की प्रतिक्रिया और तकनीकी पहलू
स्वप्निल नीला ने स्पष्ट किया कि खराब एसी यूनिट वाले कोच को कुर्ला तक चलाने के बाद उसे सेवा से हटा दिया गया और आगे की यात्रा बिना एसी वाले रैक से कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि इस रूट पर प्रतिदिन लगभग 108 सर्विसेज संचालित होती हैं और इससे पहले इस तरह की कोई समस्या सामने नहीं आई थी।
गौरतलब है कि मुंबई की एसी लोकल सेवाएँ अपेक्षाकृत नई हैं और इन पर लाखों यात्री निर्भर हैं। एसी यूनिट की खराबी जैसी तकनीकी विफलताएँ, विशेष रूप से मानसून की उमस भरी गर्मी में, यात्रियों के लिए गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा कर सकती हैं।
आगे क्या होगा
रेलवे अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि एसी यूनिट की नियमित जाँच और रखरखाव को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देशों का पालन किया जाएगा ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। यात्री संगठनों की ओर से माँग उठ रही है कि एसी लोकल में तकनीकी खराबी की स्थिति में आपातकालीन वेंटिलेशन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।