गुजरात: उधना रेलवे स्टेशन पर भारी भीड़ के चलते चलाई गई स्पेशल ट्रेनें
सारांश
Key Takeaways
- भीड़ नियंत्रण: रेलवे ने अतिरिक्त ट्रेनें चलाईं।
- यात्रियों की संख्या: 23,000 से अधिक यात्रियों को यात्रा कराई गई।
- सुरक्षा: यात्रियों की सुरक्षा के लिए कर्मचारी तैनात किए गए।
- संतोष: यात्रियों ने रेलवे की व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया।
- आवश्यकता: आवश्यकता पड़ने पर और ट्रेनें चलाई जाएंगी।
सूरत, 19 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। गुजरात के सूरत में उधना रेलवे स्टेशन पर रविवार को भारी भीड़ के कारण भारतीय रेलवे ने अतिरिक्त स्पेशल ट्रेनें चलाकर स्थिति को काफी हद तक नियंत्रित कर लिया। कुछ घंटे पहले, स्टेशन पर उमड़ी भीड़ और अव्यवस्था के दृश्य सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गए थे।
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि दिनभर में नियमित और स्पेशल ट्रेनों के माध्यम से 23,000 से अधिक यात्रियों को यात्रा कराई गई। भीड़ को कम करने के लिए रात 9:40 बजे और 11:30 बजे दो और स्पेशल ट्रेनें चलाने की योजना बनाई गई।
गर्मी के मौसम में यात्रियों की संख्या में अचानक वृद्धि के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई। उधना स्टेशन, जो सूरत का एक प्रमुख रेलवे स्टेशन है, वहां हजारों यात्री, जिनमें प्रवासी मजदूरों की बड़ी संख्या भी थी, अपने घर लौटने के लिए इकट्ठा हो गए थे।
स्टेशन के बाहर 2 से 3 किलोमीटर तक लंबी कतारें देखी गईं, और कई यात्रियों को तेज गर्मी में घंटों इंतजार करना पड़ा।
भीड़ को नियंत्रित करने के लिए रेलवे और पुलिस के कर्मचारी तैनात किए गए थे। अधिकारियों ने स्वीकार किया कि यात्रियों की संख्या उम्मीद से अधिक थी। कुछ स्थानों पर यात्रियों ने लाइन तोड़ने का प्रयास भी किया, जिसके बाद सुरक्षाकर्मियों ने व्यवस्था को संभाला।
पश्चिम रेलवे ने कहा कि बाद में किए गए बेहतर इंतजामों के कारण स्थिति में सुधार आया। यात्रियों को नियंत्रित तरीके से ट्रेन में चढ़ाना, लाइन व्यवस्था और लगातार निगरानी के कारण भीड़ को कम किया गया।
यात्रियों ने इन व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया। वाराणसी जाने वाले एक यात्री ने कहा कि रेलवे कर्मचारी लाइन का प्रबंधन कर रहे हैं और सुरक्षित तरीके से लोगों को ट्रेन में चढ़ा रहे हैं।
एक अन्य यात्री, जो वलसाड से मऊ जा रहा था, ने कहा कि अतिरिक्त स्टॉप और बेहतर समन्वय ने उसकी यात्रा को आसान बना दिया।
अधिकारियों के अनुसार, भीड़ नियंत्रण, कर्मचारियों की तैनाती और आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता से यात्रियों को अधिक सुरक्षित और आरामदायक यात्रा अनुभव मिली।
यात्रियों ने बताया कि स्पेशल ट्रेनों के कारण भीड़ में कमी आई और बैठने की व्यवस्था भी बेहतर हुई।
रेलवे ने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर आगे भी अतिरिक्त ट्रेनें चलाई जाएंगी।
अधिकारियों ने यात्रियों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें और सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों से बचें।
रेलवे ने यह भी कहा कि गर्मी के मौसम में सुरक्षित और सुचारु यात्रा के लिए निरंतर निगरानी और बेहतर प्रबंध बनाए रखे जाएंगे।