24 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

पीड़ित परिवार ने पीएम मोदी का जताया आभार, पहलगाम हमले के लिए न्याय की उम्मीद

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
पीड़ित परिवार ने पीएम मोदी का जताया आभार, पहलगाम हमले के लिए न्याय की उम्मीद

सारांश

पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी पर, संतोष जगदाले की पत्नी ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के लिए पीएम मोदी का आभार व्यक्त किया। उनके दर्द और न्याय की उम्मीद की कहानी जानें।

मुख्य बातें

पीड़ित परिवारों का दर्द और संघर्ष ऑपरेशन सिंदूर : न्याय की तलाश संतोष जगदाले की यादों का महत्व धर्म के आधार पर हमला सरकार की भूमिका और जिम्मेदारी

पुणे, 21 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पहलगाम में हुए आतंकी हमले की पहली बरसी 22 अप्रैल को है। इस अवसर पर, महाराष्ट्र के पुणे में पीड़ित परिवारों का दर्द एक बार फिर उभर कर सामने आया है। इस हमले में जान गंवाने वाले संतोष जगदाले की पत्नी प्रगति जगदाले ने सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया।

प्रगति जगदाले ने मंगलवार को समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत करते हुए कहा, "सरकार ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के माध्यम से उन्हें न्याय दिलाने का प्रयास किया, जिसके लिए वे गहराई से आभारी हैं।" उन्होंने प्रधानमंत्री से कम से कम एक बार मिलने की इच्छा भी जताई। हालांकि इस आभार के साथ-साथ उनका दर्द भी स्पष्ट है। प्रगति ने कहा कि घटना को एक वर्ष बीत जाने के बावजूद वह उस भयावह दिन को नहीं भुला पाईं हैं।

उन्होंने कहा कि आज भी उन्हें बैसरन घाटी में हुए हमले की आवाजें, चीखें और अफरा-तफरी याद आती है। धर्म के आधार पर किया गया यह हमला उनके जीवन को पूरी तरह से बदल चुका है। प्रगति ने भावुक होकर कहा कि वह हर दिन उसी घटना को जीती हैं और शायद इसे कभी भुला नहीं पाएंगी।

संतोष जगदाले की बेटी असावरी जगदाले ने भी अपने पिता को याद करते हुए भावुक बातें साझा कीं। उन्होंने कहा कि पहलगाम से जुड़ी यादें उनके जीवन की सबसे दर्दनाक स्मृतियों में शामिल हैं, जिन्हें वह अपनी अंतिम सांस तक नहीं भूल पाएंगी।

असावरी ने बताया कि उनके पिता उनके लिए एक मजबूत सहारा थे, जो हमेशा उन्हें जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते थे।

असावरी ने कहा कि बीता हुआ वर्ष उनके परिवार के लिए बेहद कठिन रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि उन अन्य 25 परिवारों के लिए भी यह समय उतना ही दर्दनाक रहा होगा, जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया। उनके अनुसार, यह एक ऐसा अनुभव है जिसे वे “नरक जैसा” मानती हैं, जहाँ एक ओर अपनों को खोने का दुख है, वहीं दूसरी ओर न्याय और सरकारी वादों को पूरा करवाने का संघर्ष जारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह पूरे देश के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश भी है। न्याय की तलब और सरकार की भूमिका पर सवाल उठाना अनिवार्य है। हमें अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ऑपरेशन सिंदूर क्या है?
ऑपरेशन सिंदूर एक सरकारी पहल है, जिसका उद्देश्य आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई करना और पीड़ितों को न्याय दिलाना है।
पहलगाम आतंकी हमला कब हुआ था?
पहलगाम आतंकी हमला 22 अप्रैल 2022 को हुआ था।
संतोष जगदाले कौन थे?
संतोष जगदाले एक नागरिक थे, जो पहलगाम में हुए आतंकी हमले में शहीद हुए।
पीड़ित परिवारों की स्थिति क्या है?
पीड़ित परिवार आज भी अपने अपनों को खोने के दुख में हैं और न्याय की उम्मीद कर रहे हैं।
इस हमले का राजनीतिक असर क्या है?
इस हमले ने सुरक्षा और आतंकवाद के प्रति समाज की जागरूकता बढ़ाई है और सरकार पर दबाव डाला है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 महीने पहले
  2. 4 महीने पहले
  3. 11 महीने पहले
  4. 11 महीने पहले
  5. 11 महीने पहले
  6. 12 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले