कोटा के पास राजधानी एक्सप्रेस के B-1 कोच में भीषण आग, 68 यात्री सुरक्षित बचाए गए
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान के कोटा के निकट विक्रमगढ़ आलोट रेलवे स्टेशन के पास रविवार, 18 मई 2025 की सुबह लगभग 5:15 बजे तिरुवनंतपुरम-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 12431) के B-1 एसी कोच में भीषण आग लग गई। कोच में सवार 68 यात्रियों को लगभग 15 मिनट के भीतर सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और किसी के हताहत होने की पुष्टि नहीं हुई।
घटनाक्रम: कैसे लगी आग और क्या हुआ
आग सबसे पहले B-1 एसी बोगी में भड़की, जो केरल के तिरुवनंतपुरम से नई दिल्ली के हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन की ओर जा रही थी। ट्रेन का दिल्ली पहुँचने का निर्धारित समय उसी दिन दोपहर 12:30 बजे था। आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है और जाँच जारी है।
रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के जवानों तथा ट्रेन में मौजूद रेलवे कर्मचारियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए यात्रियों को बाहर निकालना शुरू किया। एहतियात के तौर पर आसपास की बोगियों को भी खाली करा लिया गया।
रेलवे की त्वरित प्रतिक्रिया
घटना की सूचना मिलते ही कोटा रेलवे मंडल की राहत एवं बचाव टीमें मौके पर पहुँच गईं। अधिकारियों ने प्रभावित B-1 कोच को तुरंत ट्रेन से अलग कर दिया। सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ओवरहेड इलेक्ट्रिक सप्लाई (OHE) भी बंद कर दी गई।
कोटा मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (DRM) ने बयान में कहा, 'सभी यात्री सुरक्षित हैं। किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है।' प्रभावित यात्रियों को आगे की यात्रा के लिए अन्य बोगियों में स्थानांतरित करने की व्यवस्था की गई।
आपातकालीन संपर्क नंबर जारी
रेलवे प्रशासन ने लूनी रिछा और विक्रमगढ़ आलोट रेलवे सेक्शन के लिए आपातकालीन संपर्क नंबर जारी किए हैं — कोटा पूछताछ: 6375898943, घटनास्थल: 09256099269।
पृष्ठभूमि: हाल में रेलवे आग की घटनाएँ
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब रेलवे में आग की घटनाओं की आवृत्ति को लेकर चिंताएँ बढ़ रही हैं। गौरतलब है कि इससे महज दो दिन पहले, 15 मई को, हैदराबाद के नामपल्ली रेलवे स्टेशन पर हैदराबाद-जयपुर स्पेशल एक्सप्रेस की दो एसी बोगियों में भी आग लग गई थी। यह एक पैटर्न की ओर संकेत करता है जिसकी विशेषज्ञ समीक्षा आवश्यक है।
आगे क्या होगा
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, आग लगने के कारणों की जाँच जारी है। विशेषज्ञों का कहना है कि एसी कोचों में विद्युत तारों की नियमित जाँच और अग्निशमन उपकरणों की स्थिति पर ध्यान देना ज़रूरी है। भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए रेलवे बोर्ड की ओर से दिशानिर्देश जारी होने की संभावना है।