चारमीनार एक्सप्रेस में आग: आलेर स्टेशन के पास S5 कोच धधका, यात्रियों में दहशत
सारांश
Key Takeaways
- 26 अप्रैल, रविवार को तेलंगाना के यदाद्री भुवनगिरी जिले में आलेर स्टेशन के पास चारमीनार एक्सप्रेस के S5 कोच में आग लगी।
- आग लगते ही यात्रियों में दहशत और भगदड़ मच गई, लेकिन अब तक कोई हताहत नहीं हुआ।
- आग का कारण अभी अज्ञात है — शॉर्ट सर्किट या तकनीकी खराबी की आशंका जताई जा रही है।
- रेलवे अधिकारी मौके पर पहुंचे, जांच शुरू हो चुकी है और आधिकारिक बयान जांच के बाद आएगा।
- इससे पहले 7 अप्रैल को मुंबई के माटुंगा रेलवे वर्कशॉप में भी कोच में आग लगी थी — तीन हफ्ते में यह दूसरी बड़ी घटना।
- विशेषज्ञ इसे रेलवे कोचों के रखरखाव और विद्युत तंत्र में खामियों का संकेत मान रहे हैं।
हैदराबाद, 26 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। तेलंगाना के यदाद्री भुवनगिरी जिले में रविवार को उस समय बड़ा हादसा टल गया, जब चारमीनार एक्सप्रेस के S5 कोच में अचानक आग भड़क उठी। यह घटना आलेर रेलवे स्टेशन परिसर के निकट उस वक्त हुई जब ट्रेन स्टेशन सीमा के भीतर ही थी। आग की लपटें देखते ही यात्रियों में भगदड़ मच गई और पूरे स्टेशन पर अफरातफरी का माहौल बन गया।
घटना का विवरण और तत्काल प्रतिक्रिया
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, 26 अप्रैल, रविवार को चारमीनार एक्सप्रेस जैसे ही आलेर स्टेशन के निकट पहुंची, S5 कोच से धुआं उठता दिखा और देखते-देखते आग ने विकराल रूप ले लिया। यात्रियों ने तुरंत कोच से बाहर निकलने की कोशिश की। सूचना मिलते ही रेलवे अधिकारी और स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रण में लेने के प्रयास शुरू किए।
अब तक की जानकारी के मुताबिक, इस हादसे में किसी के हताहत या घायल होने की कोई पुष्टि नहीं हुई है। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि आग पर काबू पाने के लिए तत्काल कदम उठाए गए और यात्रियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया।
आग की वजह अभी अज्ञात, जांच शुरू
आग लगने के कारणों को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है। सूत्रों का अनुमान है कि यह शॉर्ट सर्किट या किसी तकनीकी खराबी के चलते हो सकता है, लेकिन इसकी पुष्टि विस्तृत जांच के बाद ही की जाएगी। कोच को कितना नुकसान पहुंचा, इसका भी आकलन किया जा रहा है।
रेलवे अधिकारियों ने कहा कि जांच पूरी होने के बाद एक विस्तृत आधिकारिक बयान जारी किया जाएगा। फिलहाल घटनास्थल को सुरक्षित कर लिया गया है और तकनीकी टीम कोच का निरीक्षण कर रही है।
रेलवे कोच अग्निकांड: एक चिंताजनक पैटर्न
यह घटना अकेली नहीं है। 7 अप्रैल को मुंबई के माटुंगा इलाके में सेंट्रल रेलवे के कोच मरम्मत वर्कशॉप में भी अचानक आग लग गई थी। वर्कशॉप में खड़ी एक कोच में भड़की आग तेजी से फैली और दूर-दूर तक धुआं दिखाई दिया था। दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और स्थिति को नियंत्रण में लिया गया था।
माटुंगा कांड में भी कोई जनहानि नहीं हुई थी, लेकिन एहतियात के तौर पर मेडिकल टीम तैनात की गई थी और आसपास के इलाके को खाली करा लिया गया था। यह तथ्य कि महज तीन सप्ताह के भीतर दो अलग-अलग रेलवे कोच अग्निकांड हुए, रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था और रखरखाव प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
रेलवे सुरक्षा पर उठते सवाल
विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय रेलवे के पुराने कोचों में विद्युत तारों की जर्जर स्थिति और समय पर रखरखाव न होना आग की घटनाओं का प्रमुख कारण बनता है। राष्ट्रीय रेल सुरक्षा आयोग की रिपोर्टों में भी बार-बार कोच रखरखाव में सुधार की सिफारिश की गई है।
यदाद्री भुवनगिरी जैसे क्षेत्र में जहां यात्री घनत्व अधिक है, ऐसी घटनाएं बड़े हादसे का रूप ले सकती हैं। रेलवे प्रशासन को इस दिशा में त्वरित और ठोस कदम उठाने की जरूरत है। यात्री संगठनों ने मांग की है कि पुराने कोचों का नियमित निरीक्षण अनिवार्य किया जाए।
आने वाले दिनों में रेलवे की जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद यह स्पष्ट होगा कि आग का असली कारण क्या था और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या उपाय किए जाएंगे।