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बंगाल चुनाव: मतदाताओं को धमकाने की शिकायत पर CEO मनोज अग्रवाल काकद्वीप पहुंचे, कड़ी कार्रवाई के निर्देश

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बंगाल चुनाव: मतदाताओं को धमकाने की शिकायत पर CEO मनोज अग्रवाल काकद्वीप पहुंचे, कड़ी कार्रवाई के निर्देश

सारांश

बंगाल चुनाव में डायमंड हार्बर के काकद्वीप में मतदाताओं को बाइक सवारों द्वारा धमकाने की शिकायत पर CEO मनोज अग्रवाल ने मौके का जायजा लिया। चुनाव आयोग ने 5 पुलिस अधिकारी निलंबित किए। 29 अप्रैल को 142 सीटों पर दूसरे चरण का मतदान होगा।

मुख्य बातें

CEO मनोज अग्रवाल ने 26 अप्रैल को काकद्वीप का दौरा कर मतदाताओं को धमकाने की शिकायतों की समीक्षा की।
डायमंड हार्बर में बाइक सवार लोगों द्वारा मतदाताओं को डराने और धमकी भरे नारे लगाने की शिकायत सामने आई।
चुनाव आयोग ने 5 पुलिस अधिकारियों — जिनमें एडिशनल एसपी और एसडीपीओ शामिल हैं — को 25 अप्रैल को निलंबित किया।
29 अप्रैल को 142 विधानसभा सीटों पर दूसरे और अंतिम चरण का मतदान होगा।
पहले चरण में 23 अप्रैल को 92 प्रतिशत से अधिक मतदान दर्ज किया गया।
मतों की गिनती 4 मई को होगी और उसी दिन चुनाव परिणाम घोषित किए जाएंगे।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण से पहले राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) मनोज अग्रवाल रविवार, 26 अप्रैल को दक्षिण 24 परगना जिले के काकद्वीप पहुंचे। यह दौरा डायमंड हार्बर क्षेत्र में मतदाताओं को बाइक सवार लोगों द्वारा डराने-धमकाने की गंभीर शिकायतों के बाद हुआ। चुनाव आयोग ने इस मामले को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

काकद्वीप में क्या हुआ?

डायमंड हार्बर इलाके में कुछ बाइक सवार व्यक्तियों ने मतदाताओं को खुलेआम धमकियां दीं। एक बाइक रैली के दौरान भड़काऊ और धमकी भरे नारे लगाए गए, जिससे स्थानीय मतदाताओं में भय का माहौल बन गया।

जैसे ही यह शिकायत चुनाव आयोग तक पहुंची, काकद्वीप के चुनाव अधिकारियों और स्थानीय पुलिस को तुरंत निर्देश दिए गए। अधिकारियों को सुनिश्चित करने को कहा गया कि हर मतदाता बिना किसी भय या दबाव के अपने मताधिकार का उपयोग कर सके।

CEO का दौरा और समीक्षा बैठक

CEO मनोज अग्रवाल ने काकद्वीप पहुंचकर सबसे पहले उम्मीदवारों और उनके चुनाव एजेंटों से सीधी बातचीत की। इसके बाद उन्होंने प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ आसपास के इलाकों की सुरक्षा स्थिति की विस्तृत समीक्षा की।

काकद्वीप दौरे के बाद CEO पूर्व बर्दवान जिले के कटवा के लिए रवाना हुए। वहां भी उन्होंने उम्मीदवारों और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक की। काकद्वीप और कटवा दोनों उन 142 विधानसभा सीटों में शामिल हैं जहां 29 अप्रैल को दूसरे चरण का मतदान होना है।

5 पुलिस अधिकारी निलंबित — चुनाव आयोग की सख्त कार्रवाई

इससे पहले शुक्रवार, 25 अप्रैल को चुनाव आयोग ने कड़ा रुख अपनाते हुए डायमंड हार्बर के एडिशनल एसपी और एसडीपीओ समेत पांच पुलिस अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। आयोग ने इन अधिकारियों पर आदर्श आचार संहिता के गंभीर उल्लंघन और चुनावी निष्पक्षता बनाए रखने में विफल रहने का आरोप लगाया।

राज्य के मुख्य सचिव को भी इन अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। यह कदम दर्शाता है कि चुनाव आयोग इस बार बंगाल में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है।

पहले चरण का मतदान और आगे की राह

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को संपन्न हुआ, जिसमें 92 प्रतिशत से अधिक मतदान दर्ज किया गया — जो इस चुनाव की व्यापक जन भागीदारी को दर्शाता है।

दूसरा और अंतिम चरण 29 अप्रैल को होगा, जिसमें 142 विधानसभा सीटों पर मतदान होगा। मतों की गिनती 4 मई को की जाएगी।

गहरा संदर्भ: बंगाल में चुनावी हिंसा का पुराना इतिहास

पश्चिम बंगाल में चुनावी हिंसा और मतदाताओं को डराने की घटनाएं कोई नई बात नहीं हैं। 2021 के विधानसभा चुनावों के दौरान भी व्यापक हिंसा की खबरें आई थीं और चुनाव आयोग को कई बार हस्तक्षेप करना पड़ा था। इस बार डायमंड हार्बर में घटना विशेष रूप से संवेदनशील है क्योंकि यह क्षेत्र राजनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।

आलोचकों का कहना है कि जब तक जमीनी स्तर पर पुलिस प्रशासन निष्पक्ष नहीं होगा, तब तक केवल अधिकारियों को निलंबित करने से स्थायी समाधान नहीं निकलेगा। चुनाव आयोग का यह आक्रामक रुख एक सकारात्मक संकेत है, लेकिन 29 अप्रैल का मतदान दिन ही असली परीक्षा होगी।

29 अप्रैल के मतदान और 4 मई की मतगणना पर पूरे देश की नजर टिकी है। चुनाव आयोग की सक्रियता यह तय करेगी कि बंगाल में लोकतंत्र की जड़ें कितनी मजबूत हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि उस गहरी राजनीतिक संस्कृति का प्रतिबिंब है जो दशकों से बंगाल की चुनावी प्रक्रिया को कलंकित करती आई है। विडंबना यह है कि जिस पुलिस तंत्र पर मतदाताओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी थी, वही आचार संहिता उल्लंघन का आरोपी बना। चुनाव आयोग की त्वरित कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या 29 अप्रैल को 142 सीटों पर निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित हो पाएगा — या बंगाल की पुरानी 'बूथ कैप्चरिंग' संस्कृति एक बार फिर लोकतंत्र को चुनौती देगी।
RashtraPress
4 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

CEO मनोज अग्रवाल काकद्वीप क्यों गए?
डायमंड हार्बर के काकद्वीप में बाइक सवार लोगों द्वारा मतदाताओं को धमकाने की शिकायतें मिलने के बाद CEO मनोज अग्रवाल स्थिति का जायजा लेने और उम्मीदवारों व अधिकारियों से मिलने वहां पहुंचे। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बंगाल में कितने पुलिस अधिकारी निलंबित हुए और क्यों?
चुनाव आयोग ने 25 अप्रैल को डायमंड हार्बर के एडिशनल एसपी और एसडीपीओ समेत पांच पुलिस अधिकारियों को निलंबित किया। इन पर आदर्श आचार संहिता के गंभीर उल्लंघन और चुनावी निष्पक्षता बनाए रखने में विफल रहने का आरोप है।
बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे चरण में कब और कहां मतदान होगा?
दूसरे और अंतिम चरण का मतदान 29 अप्रैल 2026 को होगा, जिसमें 142 विधानसभा सीटें शामिल हैं। काकद्वीप और कटवा भी इन्हीं सीटों में शामिल हैं।
बंगाल चुनाव के पहले चरण में कितना मतदान हुआ?
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को हुआ, जिसमें 92 प्रतिशत से अधिक मतदान दर्ज किया गया। यह आंकड़ा मतदाताओं की व्यापक भागीदारी को दर्शाता है।
बंगाल चुनाव 2026 के नतीजे कब आएंगे?
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के मतों की गिनती 4 मई को होगी। दोनों चरणों के मतदान के बाद इसी दिन परिणाम घोषित किए जाएंगे।
राष्ट्र प्रेस
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