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माली में आतंकी हमलों पर यूएन महासचिव गुटेरेस ने जताई गहरी चिंता, अंतरराष्ट्रीय सहयोग की अपील

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माली में आतंकी हमलों पर यूएन महासचिव गुटेरेस ने जताई गहरी चिंता, अंतरराष्ट्रीय सहयोग की अपील

सारांश

माली के बमाको सहित कई शहरों पर आतंकवादियों के समन्वित हमले में 16 लोग घायल हुए। यूएन महासचिव गुटेरेस ने कड़ी निंदा कर अंतरराष्ट्रीय सहयोग की मांग की। बमाको में 72 घंटे का कर्फ्यू लागू, सुरक्षा बलों ने सैकड़ों आतंकवादी मार गिराए।

मुख्य बातें

यूएन महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने माली में हुए आतंकी हमलों की कड़ी निंदा की और गहरी चिंता व्यक्त की।
हथियारबंद आतंकवादियों ने बमाको, काटी, सेवरे, गाओ और किडाल पर एक साथ समन्वित हमले किए।
हमलों में 16 लोग घायल हुए — आम नागरिक और सैन्यकर्मी दोनों शामिल।
माली सुरक्षा बलों ने जवाबी कार्रवाई में सैकड़ों आतंकवादी मार गिराए और स्थिति पर नियंत्रण पाया।
बमाको में 72 घंटे का कर्फ्यू लागू किया गया है जो रात 9 बजे से सुबह 6 बजे तक प्रभावी रहेगा।
गुटेरेस ने साहेल क्षेत्र में बढ़ते आतंकवाद से निपटने के लिए तत्काल अंतरराष्ट्रीय सहयोग की मांग की।

संयुक्त राष्ट्र, 26 अप्रैल 2025यूएन महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने माली में हथियारबंद आतंकवादी गुटों द्वारा किए गए समन्वित हिंसक हमलों की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए गहरी चिंता व्यक्त की है। उनके प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि गुटेरेस ने मालीवासियों के साथ पूरी एकजुटता दिखाई है और आम नागरिकों तथा बुनियादी ढांचे की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आग्रह किया है।

हमलों का विवरण और प्रभावित क्षेत्र

माली की ट्रांजिशनल सरकार ने शनिवार शाम एक आधिकारिक बयान में खुलासा किया कि आतंकवादियों ने एक साथ देश के कई प्रमुख शहरों को निशाना बनाया। इन हमलों में काटी, सेवरे, गाओ, किडाल के गैरीसन शहर और देश की राजधानी बमाको शामिल रहे।

हमलों में 16 लोग घायल हुए, जिनमें आम नागरिक और सैन्यकर्मी दोनों शामिल हैं। घायलों को तत्काल नजदीकी चिकित्सा केंद्रों में भर्ती कराया गया। सरकार ने राहत की बात यह बताई कि भौतिक संपत्ति को अपेक्षाकृत कम नुकसान हुआ।

माली सुरक्षा बलों की जवाबी कार्रवाई

माली आर्म्ड फोर्सेज के जनरल स्टाफ ने बताया कि बमाको, काटी और अन्य प्रभावित इलाकों में बड़े पैमाने पर स्वीप ऑपरेशन चलाया गया। सुरक्षा बलों ने दावा किया कि इस अभियान में सैकड़ों आतंकवादी मारे गए और हमलावरों की योजना को पूरी तरह नाकाम कर दिया गया।

माली के रक्षा बलों ने स्थिति पर नियंत्रण पाने की पुष्टि करते हुए कहा कि सभी प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा बहाल कर दी गई है।

बमाको में 72 घंटे का कर्फ्यू लागू

बमाको डिस्ट्रिक्ट गवर्नरेट ने राजधानी में 72 घंटे का कर्फ्यू लागू कर दिया है। यह कर्फ्यू स्थानीय समयानुसार रात 9 बजे (2100 GMT) से सुबह 6 बजे (0600 GMT) तक प्रभावी रहेगा और जरूरत पड़ने पर इसे बढ़ाया जा सकता है।

सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे सतर्क और शांत रहें, किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत रिपोर्ट करें और जानकारी के लिए केवल आधिकारिक सरकारी चैनलों पर ही भरोसा करें।

यूएन की अपील और साहेल संकट का व्यापक संदर्भ

यूएन महासचिव गुटेरेस ने अपने बयान में साहेल क्षेत्र में हिंसक कट्टरपंथ और आतंकवाद के बढ़ते खतरे से निपटने के लिए तत्काल और ठोस अंतरराष्ट्रीय सहयोग की मांग की। उन्होंने मानवीय जरूरतों को प्राथमिकता देने और सुरक्षा व्यवस्था को आपसी तालमेल से मजबूत बनाने का आग्रह किया।

गौरतलब है कि माली पिछले कई वर्षों से राजनीतिक अस्थिरता और आतंकवादी गतिविधियों का सामना कर रहा है। 2021 में सैन्य तख्तापलट के बाद से देश में ट्रांजिशनल सरकार है और JNIM तथा ISGS जैसे आतंकी संगठन साहेल क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। फ्रांसीसी सेना की वापसी और रूसी वैगनर ग्रुप की मौजूदगी के बाद से माली की सुरक्षा स्थिति और जटिल हो गई है।

यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब अंतरराष्ट्रीय समुदाय साहेल में बढ़ती अस्थिरता को लेकर पहले से ही गंभीर रूप से चिंतित है। संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के अनुसार, साहेल क्षेत्र में पिछले दो वर्षों में आतंकवादी हिंसा की घटनाओं में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। माली में आने वाले दिनों में सुरक्षा परिदृश्य और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि साहेल क्षेत्र में बढ़ती अराजकता की चेतावनी है जिसे अंतरराष्ट्रीय समुदाय अब और नजरअंदाज नहीं कर सकता। विडंबना यह है कि फ्रांसीसी सेना की वापसी और वैगनर ग्रुप की आमद के बाद माली की सुरक्षा स्थिति बेहतर होने के दावे किए जा रहे थे — लेकिन राजधानी बमाको तक पहुंचा यह हमला उन दावों की पोल खोलता है। यूएन की अपील तब तक कागजी रहेगी जब तक वैश्विक शक्तियां साहेल में ठोस और दीर्घकालिक रणनीति नहीं अपनातीं। असली सवाल यह है कि क्या अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस बार सिर्फ बयानबाजी से आगे बढ़ेगा?
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

माली में हुए आतंकी हमलों में कितने लोग घायल हुए?
माली में हुए समन्वित आतंकी हमलों में 16 लोग घायल हुए, जिनमें आम नागरिक और सैन्यकर्मी दोनों शामिल हैं। सभी घायलों को नजदीकी चिकित्सा केंद्रों में भर्ती कराया गया है।
यूएन महासचिव गुटेरेस ने माली हमलों पर क्या कहा?
यूएन महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने माली में हुई हिंसक घटनाओं की कड़ी निंदा की और साहेल में आतंकवाद से निपटने के लिए तत्काल अंतरराष्ट्रीय सहयोग की अपील की। उन्होंने आम जनता और बुनियादी ढांचे की सुरक्षा पर विशेष जोर दिया।
बमाको में कर्फ्यू क्यों लगाया गया और कब तक रहेगा?
आतंकी हमलों के बाद बमाको डिस्ट्रिक्ट गवर्नरेट ने राजधानी में 72 घंटे का कर्फ्यू लागू किया है। यह कर्फ्यू रात 9 बजे से सुबह 6 बजे तक प्रभावी रहेगा और जरूरत पड़ने पर बढ़ाया जा सकता है।
माली के किन-किन शहरों पर हमले हुए?
आतंकवादियों ने बमाको , काटी , सेवरे , गाओ और किडाल के गैरीसन शहरों को एक साथ निशाना बनाया। यह हमले अत्यंत समन्वित और सुनियोजित थे।
माली में इतने आतंकी हमले क्यों हो रहे हैं?
2021 के सैन्य तख्तापलट के बाद से माली राजनीतिक अस्थिरता का सामना कर रहा है। JNIM और ISGS जैसे आतंकी संगठन साहेल क्षेत्र में सक्रिय हैं और फ्रांसीसी सेना की वापसी के बाद सुरक्षा स्थिति और कमजोर हुई है।
राष्ट्र प्रेस
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