अफगानिस्तान में ड्रग्स तस्करी पर बड़ी कार्रवाई: 80 गिरफ्तार, चरस-हेरोइन समेत भारी मात्रा में नशीला माल जब्त
सारांश
Key Takeaways
- 80 संदिग्ध तस्कर अफगानिस्तान के विभिन्न प्रांतों में चलाए गए ड्रग्स-रोधी अभियान में गिरफ्तार किए गए।
- 15 अप्रैल को खोस्त प्रांत में 100 किलो से अधिक नशीला माल — चरस, हेरोइन, अफीम और उत्तेजक गोलियां — सार्वजनिक रूप से जलाया गया।
- 23 फरवरी को तखार प्रांत में दो तस्करों से 41 किलो ड्रग्स (29 किलो अफीम + 12 किलो चरस) जब्त हुई।
- अफगान गृह मंत्रालय ने नशीले पदार्थों के उत्पादन, तस्करी और बिक्री के खिलाफ कार्रवाई और तेज करने का संकल्प लिया।
- अफगान पुलिस ने हाल के महीनों में देशभर में सैकड़ों एकड़ अफीम की खेती नष्ट की और कई टन नशीले पदार्थ जलाए।
- UNODC के अनुसार अफगानिस्तान कई वर्षों तक वैश्विक अफीम उत्पादन में 80%25 से अधिक हिस्सेदारी रखता था।
अफगानिस्तान के गृह मंत्रालय ने 26 अप्रैल को बताया कि देश के विभिन्न प्रांतों में चलाए गए व्यापक ड्रग्स-रोधी अभियान के तहत 80 संदिग्ध तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। इस ऑपरेशन में चरस, हेरोइन निर्माण सामग्री और नशीली गोलियां बड़ी मात्रा में जब्त की गई हैं। यह अभियान अफगान सरकार की नशे के कारोबार को जड़ से खत्म करने की रणनीति का हिस्सा है।
मुख्य घटनाक्रम: कहां-कहां हुई छापेमारी
सिन्हुआ न्यूज एजेंसी के अनुसार, नारकोटिक्स-रोधी पुलिस ने एक साथ कई प्रांतों में समन्वित छापेमारी अभियान चलाया। इन कार्रवाइयों में अलग-अलग इलाकों से अवैध नशीले पदार्थ बरामद किए गए, जिनमें चरस, हेरोइन बनाने में प्रयुक्त रसायन और उत्तेजक गोलियां (Stimulant Pills) शामिल हैं।
23 फरवरी को उत्तरी अफगानिस्तान के तखार प्रांत में पुलिस ने दो तस्करों को रंगे हाथ पकड़ा। उनके पास से 29 किलो अफीम और 12 किलो चरस यानी कुल 41 किलो ड्रग्स बरामद हुए, जिन्हें प्रांत से बाहर ले जाने की कोशिश हो रही थी।
खोस्त में सार्वजनिक रूप से जलाया गया 100 किलो से ज्यादा नशीला माल
15 अप्रैल को पूर्वी अफगानिस्तान के खोस्त प्रांत में काउंटर-नारकोटिक्स के प्रांतीय निदेशक कारी वहीदुल्लाह मतावाकिल की निगरानी में 100 किलो से अधिक विभिन्न प्रकार के नशीले पदार्थ सार्वजनिक रूप से जलाए गए। इनमें चरस, हेरोइन, अफीम और हजारों उत्तेजक गोलियां शामिल थीं।
कारी वहीदुल्लाह मतावाकिल ने स्पष्ट किया कि खोस्त प्रांत में किसी को भी अवैध नशीले पदार्थों के उत्पादन या तस्करी की अनुमति नहीं दी जाएगी और कानून तोड़ने वालों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।
सरकार की प्रतिक्रिया और नीतिगत दृष्टिकोण
अफगान गृह मंत्रालय ने पुष्टि की है कि ये गिरफ्तारियां एक सुनियोजित राष्ट्रव्यापी अभियान का अंग हैं, जिसका उद्देश्य ड्रग्स तस्करी के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करना है। अधिकारियों ने दोहराया कि नशीले पदार्थों के उत्पादन, वितरण और बिक्री के खिलाफ कार्रवाई और अधिक तीव्र की जाएगी।
हाल के महीनों में अफगान पुलिस ने देशभर में सैकड़ों एकड़ में फैली अफीम की खेती नष्ट की है और कई टन नशीले पदार्थ जलाए हैं। सरकार ने वचन दिया है कि जब तक देश इस समस्या से पूरी तरह मुक्त नहीं हो जाता, यह अभियान जारी रहेगा।
गहरा संदर्भ: अफगानिस्तान और वैश्विक ड्रग्स व्यापार
यह उल्लेखनीय है कि अफगानिस्तान दशकों से दुनिया में अफीम उत्पादन का सबसे बड़ा स्रोत रहा है। संयुक्त राष्ट्र मादक पदार्थ एवं अपराध कार्यालय (UNODC) की रिपोर्टों के अनुसार, वैश्विक अफीम उत्पादन में अफगानिस्तान की हिस्सेदारी कई वर्षों तक 80%25 से अधिक रही है। ऐसे में वर्तमान सरकार द्वारा चलाया जा रहा यह अभियान न केवल घरेलू बल्कि अंतरराष्ट्रीय महत्व भी रखता है।
विश्लेषकों का मानना है कि यह अभियान अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ संबंध सुधारने और वैश्विक मान्यता पाने की दिशा में एक कदम भी हो सकता है। हालांकि, जमीनी स्तर पर इस अभियान की दीर्घकालिक सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि तस्करी नेटवर्क की आपूर्ति श्रृंखला को कितनी गहराई से तोड़ा जा सकता है।
आने वाले हफ्तों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि अफगान प्रशासन इस अभियान को किस हद तक बनाए रखता है और क्या अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां इस प्रयास को मान्यता देती हैं।