तमिलनाडु कैबिनेट विस्तार: 20 से अधिक विभाग बिना मंत्री, कांग्रेस को 2 पद मिलने की संभावना

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तमिलनाडु कैबिनेट विस्तार: 20 से अधिक विभाग बिना मंत्री, कांग्रेस को 2 पद मिलने की संभावना

सारांश

तमिलनाडु में विजय सरकार का कैबिनेट अभी अधूरा है — 20 से अधिक बड़े विभाग बिना मंत्री के हैं और संवैधानिक सीमा के भीतर 25 और नियुक्तियाँ संभव हैं। कांग्रेस को 2 पद मिलने की चर्चा है। अगला कैबिनेट विस्तार गठबंधन की दिशा तय करेगा।

मुख्य बातें

तमिलनाडु में मुख्यमंत्री सी.
जोसेफ विजय सहित अब तक केवल 10 मंत्रियों ने शपथ ली है।
कृषि, राजस्व, वन, परिवहन, उच्च शिक्षा, सूचना प्रौद्योगिकी सहित 20 से अधिक विभाग अभी भी बिना मंत्री के हैं।
संविधान के अनुच्छेद 164(1ए) के तहत 234 सदस्यीय विधानसभा में अधिकतम 35 मंत्री हो सकते हैं — यानी 25 पद अभी खाली हैं।
सूत्रों के अनुसार कांग्रेस को कैबिनेट विस्तार में 2 मंत्री पद मिल सकते हैं।
सेंगोत्तैयन को वित्त, के.जी.
अरुणराज को स्वास्थ्य और आधव अर्जुन को लोक निर्माण विभाग सौंपा गया है।

तमिलनाडु में मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली नई सरकार में कृषि, राजस्व, वन, परिवहन, उच्च शिक्षा और सूचना प्रौद्योगिकी सहित 20 से अधिक अहम विभाग अभी भी बिना मंत्री के हैं, जिससे जल्द कैबिनेट विस्तार की अटकलें तेज हो गई हैं। 17 मई 2026 तक मुख्यमंत्री सहित केवल 10 मंत्री ही शपथ ले चुके हैं, जबकि संवैधानिक सीमा के अनुसार 25 और मंत्री नियुक्त किए जा सकते हैं।

मौजूदा कैबिनेट की स्थिति

फिलहाल मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने गृह और पुलिस से जुड़े विभाग अपने पास रखे हैं। एन. आनंद को ग्रामीण विकास, आधव अर्जुन को लोक निर्माण, के.जी. अरुणराज को स्वास्थ्य और के.ए. सेंगोत्तैयन को वित्त विभाग सौंपा गया है। इस प्रकार सरकार का प्रारंभिक ढाँचा तैयार हो चुका है, लेकिन प्रशासनिक तंत्र अभी भी अधूरा है।

कितने विभाग हैं बिना मंत्री के

सरकारी सूत्रों के अनुसार अभी भी वन, कृषि, राजस्व, आवास, सहकारिता, सूक्ष्म-लघु-मध्यम उद्यम (MSME), समाज कल्याण, मत्स्य पालन, पशुपालन, डेयरी विकास, पर्यटन, हथकरघा, वाणिज्यिक कर, परिवहन, हिंदू धार्मिक एवं धर्मार्थ बंदोबस्ती, उच्च शिक्षा, सूचना प्रौद्योगिकी, अल्पसंख्यक कल्याण, श्रम कल्याण, द्रविड़ कल्याण और मानव संसाधन प्रबंधन विभागों में मंत्री नियुक्त नहीं हुए हैं। यह ऐसे समय में आया है जब नई सरकार अपना प्रशासनिक कामकाज संभाल रही है और नीतिगत निर्णयों पर दबाव बढ़ रहा है।

संवैधानिक प्रावधान और गुंजाइश

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 164(1ए) के तहत किसी राज्य की मंत्रिपरिषद में मुख्यमंत्री सहित मंत्रियों की संख्या विधानसभा की कुल सदस्य संख्या के 15 प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकती। तमिलनाडु विधानसभा में कुल 234 सदस्य हैं, इसलिए अधिकतम 35 मंत्री नियुक्त किए जा सकते हैं। वर्तमान में 10 पद भरे हैं, यानी अभी 25 और पदों पर नियुक्ति संभव है।

गठबंधन की राजनीति और कांग्रेस की भूमिका

सूत्रों के मुताबिक, सत्ताधारी गठबंधन को समर्थन देने वाली भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस / INC) को संभावित कैबिनेट विस्तार में दो मंत्री पद मिल सकते हैं। हालाँकि, कुछ अन्य सहयोगी दलों के कैबिनेट में प्रतिनिधित्व पाने की संभावना कम बताई जा रही है। गठबंधन के भीतर प्रतिनिधित्व को लेकर राजनीतिक चर्चाएं पहले ही शुरू हो चुकी हैं।

आगे क्या होगा

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बचे हुए विभागों का बंटवारा कैबिनेट विस्तार के अगले चरण में होगा, जिसमें गठबंधन के साथियों को भी प्रतिनिधित्व दिया जा सकता है। गौरतलब है कि जब तक इन विभागों में मंत्री नियुक्त नहीं होते, तब तक नीतिगत निर्णय और प्रशासनिक कार्यवाही में देरी की आशंका बनी रहेगी। विजय सरकार के अगले कदम पर सभी की नज़रें टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

राजस्व और परिवहन जैसे जन-जीवन से जुड़े विभागों में देरी का असर आम नागरिकों पर कब तक पड़ता रहेगा। नई सरकारें अक्सर गठबंधन प्रबंधन को प्रशासनिक दक्षता से ऊपर रखती हैं — और यही वह क्षण है जब यह प्राथमिकता सबसे स्पष्ट दिखती है।
RashtraPress
17 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तमिलनाडु कैबिनेट विस्तार में अभी कितने पद खाली हैं?
अभी मुख्यमंत्री सहित 10 मंत्री शपथ ले चुके हैं और संवैधानिक सीमा के अनुसार 25 और पद भरे जा सकते हैं। तमिलनाडु विधानसभा में 234 सदस्य हैं, इसलिए अधिकतम 35 मंत्री नियुक्त हो सकते हैं।
विजय सरकार में किन विभागों में अभी मंत्री नहीं हैं?
कृषि, राजस्व, वन, आवास, परिवहन, उच्च शिक्षा, सूचना प्रौद्योगिकी, पर्यटन, समाज कल्याण, मत्स्य पालन, पशुपालन, हथकरघा और MSME सहित 20 से अधिक विभाग अभी बिना मंत्री के हैं। इन सभी विभागों का बंटवारा कैबिनेट विस्तार के अगले चरण में होने की उम्मीद है।
क्या कांग्रेस को तमिलनाडु कैबिनेट में जगह मिलेगी?
सूत्रों के मुताबिक सत्ताधारी गठबंधन को समर्थन देने वाली कांग्रेस को संभावित कैबिनेट विस्तार में 2 मंत्री पद मिल सकते हैं। हालाँकि इस पर आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
मुख्यमंत्री विजय ने कौन-से विभाग अपने पास रखे हैं?
मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने गृह और पुलिस से जुड़े विभाग अपने पास रखे हैं। वित्त के.ए. सेंगोत्तैयन को, स्वास्थ्य के.जी. अरुणराज को और लोक निर्माण आधव अर्जुन को सौंपा गया है।
संविधान के अनुसार तमिलनाडु में अधिकतम कितने मंत्री हो सकते हैं?
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 164(1ए) के तहत किसी राज्य में मंत्रियों की संख्या विधानसभा की कुल सदस्य संख्या के 15 प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकती। तमिलनाडु विधानसभा में 234 सदस्य हैं, इसलिए अधिकतम 35 मंत्री नियुक्त हो सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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