तमिलनाडु में सरकार गठन की अनिश्चितता: खुफिया एजेंसियों ने पुलिस को अलर्ट किया, चेन्नई में सुरक्षा कड़ी
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय खुफिया एजेंसियों ने 7 मई 2026 को तमिलनाडु पुलिस को अलर्ट जारी किया है, जिसमें चेन्नई और अन्य संवेदनशील जिलों में सुरक्षा व्यवस्था तत्काल कड़ी करने का निर्देश दिया गया है। सूत्रों के अनुसार, यह अलर्ट 2026 विधानसभा चुनाव के परिणामों के बाद उत्पन्न राजनीतिक गतिरोध और सरकार गठन में हो रही देरी की पृष्ठभूमि में जारी किया गया है।
मुख्य घटनाक्रम
खुफिया एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि यदि मौजूदा राजनीतिक गतिरोध जारी रहा, तो कानून-व्यवस्था संबंधी समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं। विशेष रूप से यह चिंता 'तमिलगा वेट्री कझगम' (TVK) के नेता विजय की सरकार बनाने के लिए आवश्यक बहुमत जुटाने में असमर्थता को लेकर जताई गई है। एहतियाती कदम के तौर पर चेन्नई समेत कई संवेदनशील जिलों में सुरक्षाबलों की तैनाती बढ़ा दी गई है।
विधानसभा चुनाव परिणाम और बहुमत का संकट
2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में पहली बार चुनाव मैदान में उतरी TVK ने उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए 234 सदस्यीय विधानसभा में 108 सीटें जीतीं और सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी। हालाँकि, पार्टी बहुमत के लिए आवश्यक 118 सीटों के आँकड़े को छू नहीं पाई। सरकार बनाने के लिए TVK को अन्य दलों के समर्थन की आवश्यकता है।
राज्यपाल से मुलाकात और दावा पेश
राजनीतिक हलचल के बीच विजय ने बुधवार शाम चेन्नई स्थित राजभवन में तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर से मुलाकात कर औपचारिक रूप से अगली सरकार बनाने का दावा पेश किया। सूत्रों के अनुसार, विजय ने कथित तौर पर 113 समर्थक विधायकों की एक सूची सौंपी, जिसमें TVK के 108 विधायक और कांग्रेस के 5 विधायक शामिल थे। हालाँकि, सूत्रों ने बताया कि राज्यपाल अर्लेकर ने सरकार बनाने के आमंत्रण के लिए कम से कम 118 विधायकों का समर्थन अनिवार्य बताया।
गठबंधन की उम्मीदें और राजनीतिक पैंतरेबाज़ी
सूत्रों ने बताया कि TVK नेताओं को शुरुआत में पीएमके, वामपंथी दलों और वीसीके जैसी पार्टियों से समर्थन मिलने की उम्मीद थी। हालाँकि, इन पार्टियों ने कथित तौर पर गठबंधन चर्चाओं से पीछे हट गई हैं, जिससे TVK अभी भी बहुमत के आँकड़े से पाँच सीटें पीछे है। तेजी से बदलते सियासी समीकरणों के बीच यह अटकलें भी तेज हो गई हैं कि यदि विजय बहुमत जुटाने में असफल रहते हैं, तो AIADMK, DMK के बाहरी समर्थन से सरकार बनाने का प्रयास कर सकती है।
DMK और AIADMK की भूमिका
राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, इस अनिश्चितता के माहौल में DMK और AIADMK दोनों के वरिष्ठ नेताओं ने अलग-अलग कई घंटों की बैठकें कीं। हालाँकि, DMK ने देर रात जारी एक आधिकारिक बयान में स्पष्ट किया कि पार्टी ने जनादेश का सम्मान करते हुए विपक्ष में रहना पसंद किया है। उल्लेखनीय है कि अभिनेता रजनीकांत की DMK अध्यक्ष एवं निवर्तमान मुख्यमंत्री एमके स्टालिन से मुलाकात ने भी राजनीतिक अटकलों को और हवा दी है, हालाँकि दोनों पक्षों ने बातचीत के स्वरूप पर आधिकारिक टिप्पणी से परहेज किया। तमिलनाडु में सरकार गठन की यह अनिश्चितता आने वाले दिनों में और गहरी हो सकती है।