TVK को तमिलनाडु में बहुमत के लिए 10 और सीटें चाहिए, गठबंधन पर टिकी सरकार बनाने की उम्मीद

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TVK को तमिलनाडु में बहुमत के लिए 10 और सीटें चाहिए, गठबंधन पर टिकी सरकार बनाने की उम्मीद

सारांश

छह दशकों के द्रविड़ वर्चस्व को तोड़ते हुए TVK सबसे बड़ी पार्टी बनी, लेकिन 108 सीटों के साथ बहुमत से 10 कदम दूर है। अब विजय की राह गठबंधन की पेचीदा गलियों से होकर गुजरती है — और छोटे दल 'किंगमेकर' की भूमिका में आ गए हैं।

मुख्य बातें

TVK ने 2026 तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी का दर्जा हासिल किया।
234 सदस्यीय सदन में बहुमत के लिए 118 सीटें जरूरी; TVK अभी 10 सीट पीछे है।
विजय ने दो सीटों — पेरंबूर और तिरुचि ईस्ट — से जीत दर्ज की, एक सीट छोड़नी होगी।
स्पीकर नियुक्ति को जोड़ें तो TVK को कम से कम 12 अतिरिक्त विधायकों के समर्थन की जरूरत।
कांग्रेस (6 सीटें) , CPI व CPI-M (2-2 सीटें) , PMK और BJP किंगमेकर की भूमिका में।
बहुमत साबित न होने पर राष्ट्रपति शासन और 6 महीने में पुनः चुनाव की संभावना।

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 में अभिनेता से नेता बने सी. जोसेफ विजय की पार्टी तमिलगा वेट्री कषगम (TVK) ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरकर करीब छह दशकों से चले आ रहे द्रविड़ दलों के एकाधिकार को चुनौती दी है। 5 मई 2026 को आए चुनाव परिणामों के अनुसार, TVK 108 सीटों पर आगे है, लेकिन 234 सदस्यीय विधानसभा में स्पष्ट बहुमत के लिए जरूरी 118 सीटों से वह अभी भी 10 सीट पीछे है। पहली बार चुनावी मैदान में उतरी इस पार्टी के लिए अब गठबंधन की राजनीति निर्णायक भूमिका निभाएगी।

बहुमत का गणित और पेचीदगियाँ

विजय ने दो विधानसभा क्षेत्रों — पेरंबूर और तिरुचि ईस्ट — से जीत दर्ज की है। नियमों के अनुसार उन्हें इनमें से एक सीट छोड़नी होगी, जिससे TVK की कुल सीट संख्या प्रभावी रूप से एक और घट जाएगी। इसके अतिरिक्त, सरकार गठन के बाद एक विधायक को विधानसभा अध्यक्ष (स्पीकर) नियुक्त किया जाएगा, जो सामान्य परिस्थितियों में मतदान में भाग नहीं लेता। इन सभी समीकरणों को जोड़ें तो TVK को सदन में बहुमत साबित करने के लिए कम से कम 12 अतिरिक्त विधायकों के समर्थन की आवश्यकता होगी।

छोटे दल बने 'किंगमेकर'

चुनाव परिणामों के अनुसार, द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) के नेतृत्व वाले गठबंधन को बिखरा हुआ जनादेश मिला है। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) ने 6 सीटें जीती हैं, जबकि वाम दल भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) (CPI-M) को 2-2 सीटें मिली हैं। इसके अलावा इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) और विदुथलाई चिरुथिगल काची (VCK) जैसे दलों को भी प्रतिनिधित्व मिला है।

दूसरी ओर, अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (AIADMK) गठबंधन भी सीमित सीटें ही हासिल कर सका है। इस गठबंधन में शामिल पट्टाली मक्कल काची (PMK) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कुछ सीटें जीती हैं। यदि TVK इनमें से किसी भी दल का समर्थन जुटाने में सफल होती है, तो वह बहुमत का आँकड़ा पार कर सकती है।

राज्यपाल की भूमिका अहम

तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर जल्द ही सरकार गठन की औपचारिक प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं। वे विजय को सरकार बनाने का दावा पेश करने और बहुमत साबित करने के लिए आमंत्रित कर सकते हैं अथवा समर्थन पत्र प्रस्तुत करने को कह सकते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब तमिलनाडु की राजनीति में दशकों बाद किसी नई पार्टी ने इतना बड़ा जनादेश हासिल किया है।

अगर TVK बहुमत साबित न कर सके तो?

यदि TVK बहुमत साबित करने में असफल रहती है, तो राज्यपाल दूसरे सबसे बड़े दल DMK को सरकार बनाने का अवसर दे सकते हैं। और यदि कोई भी दल बहुमत नहीं जुटा पाता, तो राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू हो सकता है और संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार छह महीने के भीतर पुनः चुनाव कराए जा सकते हैं। गौरतलब है कि यह तमिलनाडु में पहली बार होगा जब कोई गैर-द्रविड़ पार्टी सत्ता की इतनी करीब पहुँची हो।

आने वाले दिनों में TVK की गठबंधन वार्ता और राज्यपाल का अगला कदम तमिलनाडु की राजनीतिक दिशा तय करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन 108 सीटें जीतकर भी बहुमत से चूकना यह दर्शाता है कि जनादेश अभी भी खंडित है। असली परीक्षा अब विजय की कूटनीतिक क्षमता की है — क्या वे विचारधारात्मक रूप से विपरीत दलों को एक छत के नीचे ला सकते हैं? इतिहास गवाह है कि तमिलनाडु में अवसरवादी गठबंधन अक्सर अस्थिर सरकारें देते हैं। यदि TVK ने जल्दबाजी में कमजोर गठबंधन बनाया, तो यह ऐतिहासिक जीत अल्पकालिक साबित हो सकती है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

TVK को तमिलनाडु में सरकार बनाने के लिए कितनी सीटें चाहिए?
TVK के पास अभी 108 सीटें हैं, जबकि 234 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के लिए 118 सीटें जरूरी हैं। स्पीकर और सीट छोड़ने की बाध्यता को देखते हुए पार्टी को कम से कम 12 अतिरिक्त विधायकों का समर्थन चाहिए।
विजय ने कितनी सीटों से चुनाव जीता और इसका क्या असर होगा?
विजय ने पेरंबूर और तिरुचि ईस्ट दोनों सीटों से जीत दर्ज की है। नियमों के अनुसार उन्हें एक सीट छोड़नी होगी, जिससे TVK की प्रभावी संख्या एक और घट जाएगी।
तमिलनाडु में कौन से दल किंगमेकर की भूमिका में हैं?
कांग्रेस (6 सीटें), CPI और CPI-M (2-2 सीटें), IUML, VCK, PMK और BJP जैसे छोटे दल अब किंगमेकर की भूमिका में आ गए हैं। TVK इनमें से किसी का भी समर्थन लेकर बहुमत साबित कर सकती है।
अगर TVK बहुमत साबित नहीं कर पाई तो क्या होगा?
यदि TVK बहुमत नहीं जुटा पाती, तो राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर DMK को सरकार बनाने का मौका दे सकते हैं। अगर कोई भी दल सफल नहीं होता, तो राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू होकर 6 महीने में पुनः चुनाव हो सकते हैं।
TVK की जीत तमिलनाडु की राजनीति के लिए क्यों ऐतिहासिक है?
TVK पहली बार चुनाव लड़ रही थी और उसने छह दशकों से चले आ रहे DMK-AIADMK के द्रविड़ वर्चस्व को तोड़ते हुए सबसे बड़ी पार्टी का दर्जा हासिल किया। यह तमिलनाडु में किसी गैर-द्रविड़ पार्टी का अब तक का सबसे बड़ा चुनावी प्रदर्शन है।
राष्ट्र प्रेस
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