तमिलनाडु में सरकार गठन: एआईएडीएमके विधायकों की चेन्नई बैठक, टीवीके को बाहरी समर्थन पर चर्चा तेज

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तमिलनाडु में सरकार गठन: एआईएडीएमके विधायकों की चेन्नई बैठक, टीवीके को बाहरी समर्थन पर चर्चा तेज

सारांश

तमिलनाडु में टीवीके सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, लेकिन 108 सीटों के साथ बहुमत से 10 कदम दूर है। एआईएडीएमके विधायकों की बुधवार की बैठक तय कर सकती है कि विजय को बाहरी समर्थन मिलेगा या नहीं — और इसी पर तमिलनाडु की अगली सरकार का भविष्य टिका है।

मुख्य बातें

एआईएडीएमके के नवनिर्वाचित विधायक बुधवार को चेन्नई में बैठक करेंगे, जिसमें टीवीके को बाहरी समर्थन पर विचार होगा।
तमिलनाडु विधानसभा में बहुमत के लिए 118 सीटें चाहिए; टीवीके के पास फिलहाल 108 सीटें हैं।
विजय के दो सीटों से जीतने के कारण एक सीट छोड़नी होगी, जिससे संख्या 107 रह जाएगी; कम से कम 11-12 अतिरिक्त विधायकों का समर्थन ज़रूरी।
कांग्रेस (5 सीटें) और पीएमके (4 सीटें) दोनों विजय को समर्थन देने के इच्छुक बताए जा रहे हैं।
राहुल गांधी का विजय को बधाई फोन कथित तौर पर संभावित सहयोग का संकेत माना जा रहा है।
राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते विजय को सरकार बनाने का न्योता दे सकते हैं।

तमिलनाडु की राजनीति में सरकार गठन को लेकर हलचल तेज हो गई है। अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (एआईएडीएमके) के नवनिर्वाचित विधायक बुधवार, 7 मई 2026 को चेन्नई में एक अहम बैठक करने जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, पार्टी का एक वर्ग अभिनेता-राजनेता सी. जोसेफ विजय की पार्टी तमिझागा वेट्री कषगम (टीवीके) को कम से कम एक साल के लिए बाहर से समर्थन देने के पक्ष में है।

विधानसभा की गणित

तमिलनाडु की 234 सीटों वाली विधानसभा में बहुमत के लिए 118 सीटें आवश्यक हैं, जबकि टीवीके ने 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी का दर्जा हासिल किया है। हालाँकि, वह बहुमत के आँकड़े से पीछे है। उल्लेखनीय है कि विजय ने दो सीटों से चुनाव जीता है और नियमों के तहत उन्हें एक सीट छोड़नी होगी, जिससे टीवीके की संख्या घटकर 107 रह जाएगी। इसके अतिरिक्त, विधानसभा अध्यक्ष (स्पीकर) आमतौर पर विश्वास मत में मतदान नहीं करता, इसलिए टीवीके को कम से कम 11-12 अतिरिक्त विधायकों के समर्थन की आवश्यकता होगी।

राज्यपाल की भूमिका और शपथ की प्रक्रिया

सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते, राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर विजय को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित कर सकते हैं। मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद विजय को निर्धारित समय सीमा के भीतर विधानसभा में बहुमत साबित करना होगा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह संख्या जुटाना टीवीके के लिए सरल नहीं होगा।

डीएमके और एआईएडीएमके खेमों से बातचीत

चूँकि टीवीके ने बिना किसी गठबंधन के चुनाव लड़ा था, इसलिए अब द्रविड़ मुनेत्र कषगम (डीएमके) और एआईएडीएमके दोनों खेमों की पार्टियों से बातचीत तेज हो गई है। सूत्रों के मुताबिक, डीएमके गठबंधन की सहयोगी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस), जिसने 5 सीटें जीती हैं, विजय को समर्थन देने के लिए अधिक इच्छुक बताई जा रही है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी का विजय को फोन कर बधाई देना भी कथित तौर पर संभावित सहयोग के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

पीएमके का रुख और गठबंधन की संभावनाएँ

एआईएडीएमके गठबंधन की सहयोगी पट्टाली मक्कल काची (पीएमके), जिसने 4 सीटें जीती हैं, भी समर्थन देने के लिए तैयार दिख रही है। जल्द ही पीएमके अध्यक्ष अंबुमणि रामदास और विजय की मुलाकात होने की चर्चा है। विजय पहले ही गठबंधन सरकार के लिए अपनी सहमति जता चुके हैं, जिससे छोटे दलों को मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।

आगे क्या होगा

विश्लेषकों का मानना है कि यदि एआईएडीएमके बाहर से समर्थन देती है, तो विजय आसानी से बहुमत हासिल कर सकते हैं और सरकार पर मज़बूत पकड़ बनाए रख सकते हैं। तमिलनाडु की राजनीति में यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब राज्य में सत्ता परिवर्तन की प्रक्रिया तेज़ी से आकार ले रही है और आने वाले कुछ दिन निर्णायक साबित हो सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा अभी बाकी है। एआईएडीएमके का बाहरी समर्थन देना एक दोधारी तलवार है — इससे विजय सरकार बनाने में सफल होंगे, लेकिन सरकार की स्थिरता हमेशा बाहरी समर्थन की शर्तों पर निर्भर रहेगी। गौरतलब है कि तमिलनाडु में बाहरी समर्थन पर टिकी सरकारों का इतिहास उतार-चढ़ाव भरा रहा है। कांग्रेस और पीएमके दोनों का एक साथ समर्थन जुटाना विजय की कूटनीतिक क्षमता की पहली बड़ी परीक्षा होगी।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तमिलनाडु में टीवीके को सरकार बनाने के लिए कितनी सीटों की ज़रूरत है?
तमिलनाडु की 234 सीटों वाली विधानसभा में बहुमत के लिए 118 सीटें चाहिए। टीवीके के पास 108 सीटें हैं और एक सीट छोड़ने के बाद यह संख्या 107 रह जाएगी, इसलिए पार्टी को कम से कम 11-12 अतिरिक्त विधायकों के समर्थन की आवश्यकता होगी।
एआईएडीएमके विधायकों की चेन्नई बैठक में क्या तय होगा?
बुधवार को होने वाली इस बैठक में एआईएडीएमके के नवनिर्वाचित विधायक यह तय करेंगे कि पार्टी टीवीके को बाहर से समर्थन देगी या नहीं। सूत्रों के अनुसार, पार्टी का एक वर्ग कम से कम एक साल के लिए बाहरी समर्थन के पक्ष में है।
कांग्रेस और पीएमके का विजय को समर्थन देने का क्या संकेत है?
कांग्रेस, जिसने 5 सीटें जीती हैं, विजय को समर्थन देने के लिए अधिक इच्छुक बताई जा रही है और राहुल गांधी का बधाई फोन इसी का संकेत माना जा रहा है। पीएमके, जिसने 4 सीटें जीती हैं, भी समर्थन के लिए तैयार दिख रही है और पीएमके अध्यक्ष अंबुमणि रामदास की विजय से जल्द मुलाकात की चर्चा है।
विजय दो सीटों से क्यों जीते और इसका सरकार गठन पर क्या असर होगा?
विजय ने दो विधानसभा सीटों से चुनाव जीता है, लेकिन नियमों के तहत उन्हें एक सीट छोड़नी होगी। इससे टीवीके की विधानसभा में कुल संख्या 108 से घटकर 107 रह जाएगी, जिससे बहुमत जुटाने की चुनौती और बढ़ जाती है।
राज्यपाल विजय को सरकार बनाने का न्योता कब दे सकते हैं?
सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर विजय को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित कर सकते हैं। शपथ लेने के बाद विजय को निर्धारित समय सीमा के भीतर विधानसभा में बहुमत साबित करना होगा।
राष्ट्र प्रेस
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