तमिलनाडु में त्रिशंकु विधानसभा: एआईएडीएमके विधायकों का पलानीस्वामी पर दबाव, टीवीके को समर्थन देने पर मंथन

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तमिलनाडु में त्रिशंकु विधानसभा: एआईएडीएमके विधायकों का पलानीस्वामी पर दबाव, टीवीके को समर्थन देने पर मंथन

सारांश

तमिलनाडु में 108 सीटें जीतकर टीवीके सबसे बड़ी पार्टी बनी, लेकिन बहुमत के लिए 10 सीटें कम हैं। अब एआईएडीएमके के भीतर ही विजय को समर्थन देने की माँग उठ रही है और पलानीस्वामी के आवास पर टीवीके नेताओं की मुलाकात ने सियासी पारा और चढ़ा दिया है।

मुख्य बातें

टीवीके ने 234 सदस्यीय तमिलनाडु विधानसभा में 108 सीटें जीतीं, लेकिन बहुमत के लिए 118 सीटें आवश्यक हैं।
एआईएडीएमके विधायकों और वरिष्ठ नेताओं के एक गुट ने महासचिव एडप्पाडी के.
पलानीस्वामी पर टीवीके को समर्थन देने का दबाव बनाया।
पूर्व मंत्री सीवी शनमुगम के फोरशोर एस्टेट आवास पर एसपी वेलुमणि और केसी करुपन्नन की मौजूदगी में बैठक हुई।
टीवीके के दो वरिष्ठ नेताओं ने पलानीस्वामी के ग्रीनवेज़ रोड आवास पर मुलाकात कर प्रारंभिक चर्चा की।
तमिलनाडु कांग्रेस समिति ने आधिकारिक रूप से टीवीके को समर्थन देने की घोषणा की।
एआईएडीएमके मुख्यालय में नवनिर्वाचित विधायकों की निर्धारित बैठक अचानक रद्द कर दी गई।

तमिलनाडु में 6 मई 2026 को राजनीतिक हलचल तेज़ हो गई, जब ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (एआईएडीएमके) के नवनिर्वाचित विधायकों के एक गुट ने कथित तौर पर पार्टी महासचिव एडप्पाडी के. पलानीस्वामी (ईपीएस) पर दबाव बनाया कि वे गठबंधन रणनीति पर पुनर्विचार करें और अभिनेता-नेता विजय की पार्टी तमिलगा वेट्री कजगम (टीवीके) को बाहर से समर्थन देने की संभावना तलाशें। 234 सदस्यीय तमिलनाडु विधानसभा में किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत न मिलने के कारण राज्य में सरकार गठन को लेकर गहरी अनिश्चितता बनी हुई है।

चुनाव परिणाम और त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति

टीवीके ने हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनावों में 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी एकल पार्टी का दर्जा हासिल किया है। हालाँकि, साधारण बहुमत के लिए आवश्यक 118 सीटों से वह अभी भी पीछे है। यह ऐसे समय में आया है जब तमिलनाडु की राजनीति में द्रविड़ दलों का दशकों पुराना वर्चस्व एक नई करवट ले रहा है।

एआईएडीएमके के भीतर आंतरिक मंथन

एआईएडीएमके सूत्रों के अनुसार, पार्टी के विधायकों और वरिष्ठ नेताओं के एक वर्ग ने पलानीस्वामी से आग्रह किया है कि वे भारतीय जनता पार्टी (BJP) से संबंध तोड़कर टीवीके को समर्थन दें और संभावित गठबंधन सरकार में निर्णायक भूमिका निभाएँ। इस समर्थन के बदले पार्टी को अहम मंत्री पद मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

कथित तौर पर, चेन्नई के फोरशोर एस्टेट स्थित पूर्व मंत्री सीवी शनमुगम के आवास पर एक अहम बैठक हुई, जिसमें पूर्व मंत्री एसपी वेलुमणि और केसी करुपन्नन भी शामिल थे। इस बैठक में टीवीके के साथ संभावित सहयोग पर विस्तार से चर्चा हुई बताई जाती है।

हालाँकि, बाद में पत्रकारों से बात करते हुए शनमुगम ने स्पष्ट किया कि टीवीके के साथ गठबंधन पर कोई भी निर्णय केवल पार्टी नेतृत्व ही ले सकता है, कोई व्यक्तिगत नेता नहीं।

टीवीके नेताओं की पलानीस्वामी से मुलाकात

राजनीतिक अटकलों को और बल देते हुए, खबरें सामने आईं कि टीवीके के दो वरिष्ठ नेताओं ने दिन में पहले पलानीस्वामी के ग्रीनवेज़ रोड स्थित आवास पर उनसे मुलाकात की और संभावित राजनीतिक सहयोग पर प्रारंभिक चर्चा की। इस मुलाकात की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।

गौरतलब है कि इन्हीं घटनाक्रमों के बीच चेन्नई स्थित एआईएडीएमके मुख्यालय में नवनिर्वाचित विधायकों की निर्धारित बैठक अचानक रद्द कर दी गई, जिससे पार्टी के भीतर चल रही गहन आंतरिक विचार-विमर्श की अटकलें और तेज़ हो गईं।

टीवीके का गठबंधन अभियान और कांग्रेस का समर्थन

टीवीके प्रमुख विजय ने सरकार बनाने के लिए आवश्यक समर्थन जुटाने हेतु कम्युनिस्ट पार्टियों और विदुथलाई चिरुथाइगल काची (वीसीके) सहित कई दलों से संपर्क साधा है। इस बीच, तमिलनाडु कांग्रेस समिति ने आधिकारिक तौर पर टीवीके को अपना समर्थन देने की घोषणा कर दी है, जिससे विजय की सरकार बनाने की राह कुछ आसान हुई है।

तमिलनाडु की राजनीति में अगले कुछ दिन निर्णायक साबित होंगे — यह तय होना बाकी है कि एआईएडीएमके अपनी पुरानी सहयोगी BJP के साथ रहती है या फिर नई राजनीतिक पारी की शुरुआत करती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

रणनीतिक मजबूरी अधिक लगती है; लेकिन टीवीके की ओर झुकना उन्हें अपनी ही पार्टी में कमज़ोर कर सकता है। असली सवाल यह है कि क्या एआईएडीएमके अपनी शर्तों पर सौदेबाज़ी कर सकती है, या फिर वह केवल संख्याओं की भूखी पार्टियों के लिए एक सुविधाजनक पड़ाव बनकर रह जाएगी।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तमिलनाडु में सरकार बनाने के लिए कितनी सीटें चाहिए?
234 सदस्यीय तमिलनाडु विधानसभा में साधारण बहुमत के लिए 118 सीटें आवश्यक हैं। टीवीके के पास अभी 108 सीटें हैं, इसलिए उसे कम से कम 10 और विधायकों का समर्थन चाहिए।
एआईएडीएमके के विधायक पलानीस्वामी पर दबाव क्यों बना रहे हैं?
सूत्रों के अनुसार, इन विधायकों का मानना है कि टीवीके के साथ गठबंधन से एआईएडीएमके को राजनीतिक प्रासंगिकता वापस मिल सकती है और संभावित सरकार में अहम मंत्री पद हासिल हो सकते हैं। BJP के साथ रहने से पार्टी को कोई विशेष लाभ नहीं मिलता दिख रहा।
टीवीके प्रमुख विजय ने बहुमत के लिए किन दलों से संपर्क किया है?
टीवीके प्रमुख विजय ने कम्युनिस्ट पार्टियों और विदुथलाई चिरुथाइगल काची (वीसीके) सहित कई दलों से संपर्क साधा है। तमिलनाडु कांग्रेस समिति ने आधिकारिक रूप से टीवीके को समर्थन देने की घोषणा भी कर दी है।
एआईएडीएमके विधायकों की बैठक क्यों रद्द हुई?
चेन्नई स्थित एआईएडीएमके मुख्यालय में नवनिर्वाचित विधायकों की निर्धारित बैठक तेज़ी से बदलते राजनीतिक घटनाक्रमों के बीच रद्द कर दी गई। इसे पार्टी के भीतर चल रहे गहन आंतरिक मंथन का संकेत माना जा रहा है।
सीवी शनमुगम की इस पूरे घटनाक्रम में क्या भूमिका है?
पूर्व मंत्री सीवी शनमुगम उन नेताओं में शामिल बताए जा रहे हैं जो एआईएडीएमके के भीतर टीवीके समर्थन की पैरवी कर रहे हैं। हालाँकि, उन्होंने खुद स्पष्ट किया है कि गठबंधन पर कोई भी अंतिम निर्णय केवल पार्टी नेतृत्व का होगा।
राष्ट्र प्रेस
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