तमिलनाडु: सीएम जोसेफ विजय ने गृह-नगर प्रशासन समेत 7 अहम विभाग रखे, 10 मंत्रियों को मिले पोर्टफोलियो
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु में नवगठित सरकार के मंत्रिमंडल का पोर्टफोलियो आवंटन शनिवार, 16 मई 2026 को औपचारिक रूप से घोषित किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने स्वयं सात प्रमुख विभागों की जिम्मेदारी अपने पास रखी। तमिलनाडु लोकभवन द्वारा जारी सूची के अनुसार, कुल 10 मंत्रियों को उनके विभाग सौंपे गए हैं।
मुख्यमंत्री के पास कौन-कौन से विभाग
मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने अपने पास गृह, विशेष कार्यक्रम क्रियान्वयन, महिला कल्याण, युवा कल्याण, बच्चों, बुजुर्गों एवं दिव्यांगजनों का कल्याण, नगर प्रशासन तथा शहरी एवं जल आपूर्ति विभाग रखे हैं। गृह विभाग को मुख्यमंत्री द्वारा सीधे संभालना नई सरकार की प्रशासनिक प्राथमिकताओं का स्पष्ट संकेत देता है।
मंत्रिमंडल में किसे क्या मिला
सेल्वी एस. कीर्तना को उद्योग मंत्री नियुक्त किया गया है, जबकि डॉ. टीके प्रभु को प्राकृतिक संसाधन मंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई है। रोजमोहन को स्कूली शिक्षा, तमिल विकास, सूचना एवं जनसंपर्क मंत्रालय मिला है।
आर. निर्मलकुमार को ऊर्जा संसाधन एवं कानून मंत्री बनाया गया है और पी. वेंकटरामनन को खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई है। केए सेंगोट्टैयन वित्त मंत्री होंगे, जबकि केजी अरुणराज को स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण मंत्रालय सौंपा गया है। आधव अर्जुना लोक निर्माण एवं खेल विकास मंत्री बने हैं और एन. आनंद ग्रामीण विकास एवं जल संसाधन मंत्रालय की देखरेख करेंगे।
22 मई को दिल्ली दौरा: केंद्र से पहली बड़ी मुलाकात
मुख्यमंत्री विजय 22 मई 2026 को नई दिल्ली का दौरा करने वाले हैं, जहाँ वह कई उच्चस्तरीय बैठकें करेंगे। सूत्रों के अनुसार, इस यात्रा के दौरान उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात होने की संभावना है — यह सीएम पद संभालने के बाद राष्ट्रीय नेतृत्व के साथ उनकी पहली बड़ी मुलाकात होगी।
इस बैठक में तमिलनाडु से जुड़े वित्तीय आवंटन, अवसंरचना परियोजनाओं और विकास पहलों पर चर्चा होने की उम्मीद है। इसके अलावा, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ भी बैठकों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया जारी है।
राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति से भी शिष्टाचार भेंट संभव
प्रोटोकॉल के तहत, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन से भी शिष्टाचार भेंट की उम्मीद है। राजनीतिक पर्यवेक्षकों के अनुसार, ये मुलाकातें आने वाले महीनों में नवनिर्वाचित तमिलनाडु सरकार और केंद्र सरकार के बीच संबंधों की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं।
आगे क्या
मंत्रिमंडल के गठन और विभाग आवंटन के बाद अब नई सरकार की पहली परीक्षा 22 मई के दिल्ली दौरे में होगी, जहाँ केंद्र-राज्य सहयोग की रूपरेखा तय होने की संभावना है। तमिलनाडु की विकास प्राथमिकताओं पर केंद्र की प्रतिक्रिया इस नई सरकार के लिए शुरुआती राजनीतिक संकेत देगी।