तमिलनाडु: CM विजय ने ज्योतिषी वेट्रिवेल की OSD नियुक्ति रद्द की, विपक्ष की आलोचना के बाद यू-टर्न

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तमिलनाडु: CM विजय ने ज्योतिषी वेट्रिवेल की OSD नियुक्ति रद्द की, विपक्ष की आलोचना के बाद यू-टर्न

सारांश

तमिलनाडु की नई TVK सरकार को सत्ता संभालते ही पहला बड़ा विवाद झेलना पड़ा — CM विजय के निजी ज्योतिषी की OSD नियुक्ति पर विपक्ष, सहयोगी दलों और सोशल मीडिया की तीखी आलोचना के बाद सरकार ने 24 घंटे के भीतर आदेश वापस लेकर यू-टर्न ले लिया।

मुख्य बातें

जोसेफ विजय के निजी ज्योतिषी रिकी राधन पंडित वेट्रिवेल को OSD-पॉलिटिकल नियुक्त किया गया था।
नियुक्ति के एक दिन के भीतर विश्वास मत जीतने के तुरंत बाद आदेश रद्द कर दिया गया।
VCK, DMDK, CPI, CPI(M) और कांग्रेस सहित कई दलों ने नियुक्ति को धर्मनिरपेक्ष शासन के विरुद्ध बताया।
वेट्रिवेल ने TVK के चुनाव प्रचार में सक्रिय भूमिका निभाई थी और विजय की 'सुनामी जैसी जीत' की भविष्यवाणी की थी।
वेबसाइट के अनुसार वेट्रिवेल ने पूर्व CM जे.
जयललिता और AIADMK को भी सलाह दी थी।

तमिलनाडु की नवगठित तमिलगा वेट्री कजगम (TVK) सरकार को सत्ता संभालने के कुछ ही घंटों के भीतर बड़ी किरकिरी का सामना करना पड़ा। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के निजी ज्योतिषी रिकी राधन पंडित वेट्रिवेल को विशेष कर्तव्य अधिकारी (OSD-पॉलिटिकल) के पद पर नियुक्त किए जाने के महज एक दिन बाद, बुधवार, 14 मई 2025 को यह आदेश वापस ले लिया गया। यह कदम विधानसभा में विश्वास मत जीतने के तुरंत बाद उठाया गया, जब विपक्षी दलों, सत्तारूढ़ गठबंधन के सहयोगियों और सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया सामने आई।

नियुक्ति और विवाद की शुरुआत

एक आधिकारिक सरकारी आदेश के ज़रिए मंगलवार को वेट्रिवेल को OSD-पॉलिटिकल के पद पर नियुक्त किया गया था। वेट्रिवेल को मुख्यमंत्री विजय के करीबी विश्वासपात्र माना जाता है। उन्होंने हाल के विधानसभा चुनावों के दौरान TVK के प्रचार अभियान में सक्रिय भूमिका निभाई थी और पार्टी के प्रवक्ताओं में से एक के रूप में भी काम किया था। चुनाव नतीजों से पहले उन्होंने विजय के लिए 'सुनामी जैसी जीत' की भविष्यवाणी करके सुर्खियाँ बटोरी थीं।

विधानसभा में उठा विरोध का स्वर

यह विवाद तमिलनाडु विधानसभा के भीतर तब भड़का जब मुख्यमंत्री विजय के विश्वास प्रस्ताव पर बहस चल रही थी। कई विधायकों ने खुलकर इस नियुक्ति की आलोचना की। विदुथलाई चिरुथाइगल काची (VCK) के विधायक वन्नी अरसु ने कहा कि सरकार को ज्योतिष और अंधविश्वास को बढ़ावा देने के बजाय वैज्ञानिक सोच को प्रोत्साहित करना चाहिए। DMDK नेता प्रेमलता विजयकांत ने सवाल उठाया कि यदि वेट्रिवेल मुख्यमंत्री के निजी सलाहकार थे, तो उन्हें सरकारी पद देने की आवश्यकता क्यों थी — वे निजी भूमिका में ही काम कर सकते थे।

सत्तारूढ़ गठबंधन और विपक्ष की प्रतिक्रिया

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के प्रदेश सचिव पी. शनमुगम और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) नेता एम. वीरपांडियन ने इस कदम की निंदा करते हुए कहा कि यह संवैधानिक मूल्यों, धर्मनिरपेक्ष शासन और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के विरुद्ध है। कांग्रेस सांसद और पूर्व IAS अधिकारी शशिकांत सेंथिल ने सोशल मीडिया पर पूछा कि एक ज्योतिषी को सरकारी OSD पद देने की क्या तार्किक ज़रूरत है।

वेट्रिवेल का पृष्ठभूमि और दावे

रिकी राधन पंडित की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, उनके पूर्व मुख्यमंत्री जे. जयललिता के साथ भी करीबी संबंध रहे हैं। वेबसाइट का दावा है कि उन्होंने AIADMK नेतृत्व को अंक ज्योतिष, चुनावी रणनीति, कानूनी मामलों और राजनीतिक निर्णयों पर सलाह दी थी। गौरतलब है कि इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।

नियुक्ति रद्द और आगे की राह

चारों ओर से बढ़ते दबाव के सामने TVK सरकार ने अंततः बुधवार को नियुक्ति का आदेश वापस ले लिया। यह घटना नई सरकार के लिए एक कूटनीतिक झटका रही, जो विश्वास मत जीतने की खुशी के बीच ही विवाद में घिर गई। आलोचकों का कहना है कि इस प्रकरण ने तर्कसंगत शासन और पारदर्शिता को लेकर TVK सरकार की साख पर शुरुआत में ही सवालिया निशान लगा दिया है। अब देखना होगा कि मुख्यमंत्री विजय इस प्रारंभिक विवाद से उबरते हुए किस तरह अपनी सरकार की छवि को पुनर्स्थापित करते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन पहले ही दिन ज्योतिषी को सरकारी पद देकर उस वादे को कमज़ोर किया। आलोचनीय यह भी है कि यू-टर्न दबाव में आया, न कि स्वयं की समझ से — जो नई सरकार की निर्णय प्रक्रिया पर सवाल खड़े करता है। तमिलनाडु की द्रविड़ राजनीति की तर्कवादी परंपरा को देखते हुए, यह विवाद TVK के लिए दीर्घकालिक विश्वसनीयता की कसौटी बन सकता है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रिकी राधन पंडित वेट्रिवेल कौन हैं?
रिकी राधन पंडित वेट्रिवेल CM सी. जोसेफ विजय के निजी ज्योतिषी हैं, जिन्होंने TVK के चुनाव प्रचार में सक्रिय भूमिका निभाई और पार्टी प्रवक्ता के रूप में भी काम किया। उनकी वेबसाइट के अनुसार उन्होंने पूर्व CM जे. जयललिता और AIADMK को भी अंक ज्योतिष व राजनीतिक मामलों में सलाह दी थी।
वेट्रिवेल की OSD नियुक्ति क्यों रद्द की गई?
विपक्षी दलों, सत्तारूढ़ गठबंधन के सहयोगियों और सोशल मीडिया पर तीखी आलोचना के बाद TVK सरकार ने यह नियुक्ति रद्द की। आलोचकों ने कहा कि करदाताओं के पैसे से चलने वाले सरकारी पद पर ज्योतिषी की नियुक्ति संवैधानिक मूल्यों और धर्मनिरपेक्ष शासन के विरुद्ध है।
OSD-पॉलिटिकल पद क्या होता है?
OSD यानी 'विशेष कर्तव्य अधिकारी' एक सरकारी पद होता है जो किसी वरिष्ठ अधिकारी या मंत्री को विशेष कार्यों में सहायता के लिए नियुक्त किया जाता है। OSD-पॉलिटिकल पद पर नियुक्त व्यक्ति मुख्यमंत्री के राजनीतिक मामलों में सहायता करता है और इसका वेतन सरकारी खज़ाने से दिया जाता है।
किन दलों ने इस नियुक्ति का विरोध किया?
VCK, DMDK, CPI, CPI(M) और कांग्रेस सहित कई दलों ने इस नियुक्ति का विरोध किया। VCK विधायक वन्नी अरसु ने वैज्ञानिक सोच की दुहाई दी, जबकि CPI और CPI(M) ने इसे संवैधानिक और धर्मनिरपेक्ष शासन के खिलाफ बताया।
क्या TVK सरकार ने इस विवाद पर कोई स्पष्टीकरण दिया?
TVK सरकार ने नियुक्ति रद्द करने के अलावा अभी तक कोई विस्तृत सार्वजनिक स्पष्टीकरण नहीं दिया है। सरकार ने बुधवार को आदेश वापस लेकर विवाद को शांत करने की कोशिश की, लेकिन इस नियुक्ति के पीछे की मूल सोच पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
राष्ट्र प्रेस
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