तमिलनाडु चुनाव 2026: विजय ने 4 मई मतगणना से पहले तिरुचेंदूर मुरुगन मंदिर में की पूजा
सारांश
Key Takeaways
- जोसेफ विजय ने 28 अप्रैल 2026 को भोर में तिरुचेंदूर मुरुगन मंदिर में विश्वरूप दर्शन किया।
- विजय ने 2026 तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में पेरम्बूर और तिरुची पूर्व सीटों से चुनाव लड़ा।
- 4 मई 2026 को मतगणना होनी है, जो टीवीके के भविष्य की दिशा तय करेगी।
- यात्रा में टीवीके महासचिव आनंद और रूट प्रोडक्शंस अध्यक्ष जगदीश भी साथ थे।
- विजय चेन्नई से निजी विमान द्वारा मदुरै पहुंचे और सड़क मार्ग से तिरुचेंदूर गए।
तिरुचेंदूर, 28 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। अभिनेता से राजनेता बने जोसेफ विजय ने तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 की मतदान प्रक्रिया समाप्त होने के तुरंत बाद मंगलवार की भोर में प्रसिद्ध तिरुचेंदूर मुरुगन मंदिर में पूजा-अर्चना की। 4 मई को होने वाली मतगणना से ठीक पहले यह आध्यात्मिक यात्रा राजनीतिक और सार्वजनिक हलकों में चर्चा का विषय बन गई है।
भोर में विश्वरूप दर्शन और मंदिर में प्रार्थना
विजय ने पारंपरिक रेशमी धोती पहनकर भोर में विश्वरूप दर्शन में भाग लिया, जो भगवान मुरुगन के भक्तों के बीच अत्यंत शुभ माना जाने वाला अनुष्ठान है। मंदिर के अधिकारियों ने उनके आगमन पर उन्हें एक औपचारिक शॉल भेंट कर सम्मानित किया।
इस यात्रा के दौरान उन्होंने भगवान मुरुगन, वल्ली, देवनाई, शनमुगर, दक्षिणामूर्ति, पेरुमल और चतुर्संहारा को समर्पित मंदिरों में विधिवत प्रार्थनाएं कीं। श्रद्धालु विजय की एक झलक पाने के लिए मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में उमड़ पड़े।
मुख्य घटनाक्रम: चेन्नई से मदुरै, फिर तिरुचेंदूर
विजय चेन्नई से निजी विमान द्वारा आधी रात के आसपास मदुरै हवाई अड्डे पर पहुंचे और वहां से सड़क मार्ग से तिरुचेंदूर के लिए रवाना हुए। देर रात होने के बावजूद, बड़ी संख्या में प्रशंसक और तमिलगा वेट्टी कज़गम (टीवीके) के स्वयंसेवक मदुरै हवाई अड्डे पर उनका स्वागत करने के लिए जमा हुए।
दर्शन पूर्ण करने के बाद विजय थूथुकुडी हवाई अड्डे के लिए रवाना हुए, जहां से वे निजी विमान से चेन्नई लौटे। यह पूरी यात्रा उनकी अटूट लोकप्रियता और बढ़ती राजनीतिक उपस्थिति को रेखांकित करती है।
राजनीतिक महत्व: टीवीके और चुनावी दांव
गौरतलब है कि विजय ने हाल ही में अपना राजनीतिक दल तमिलगा वेट्टी कज़गम (टीवीके) लॉन्च किया है। उन्होंने 2026 तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में पेरम्बूर और तिरुची पूर्व — दो निर्वाचन क्षेत्रों से अपनी किस्मत आजमाई। यह ऐसे समय में आया है जब तमिलनाडु की राजनीति में नए चेहरों की मांग तेज हो रही है।
इस यात्रा में उनके साथ टीवीके के महासचिव आनंद और रूट प्रोडक्शंस के अध्यक्ष जगदीश भी मौजूद थे। पर्यवेक्षकों का कहना है कि वरिष्ठ पार्टी नेताओं की उपस्थिति यह संकेत देती है कि यह यात्रा आध्यात्मिक होने के साथ-साथ संगठनात्मक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण थी।
चुनाव के बाद पार्टी की रणनीति
विजय चुनाव प्रचार और मतदान समाप्त होने के बाद पार्टी नेताओं के साथ आंतरिक विचार-विमर्श में लगे हुए हैं। 4 मई को मतगणना के नतीजे आने वाले हैं, जो तय करेंगे कि टीवीके तमिलनाडु की राजनीति में किस स्थान पर खड़ी है।
यह ऐसी पहली बड़ी राजनीतिक परीक्षा है जो विजय ने एक पूर्णकालिक राजनेता के रूप में दी है। आलोचकों का कहना है कि मंदिर यात्रा और जनसंपर्क उनकी छवि-निर्माण की रणनीति का हिस्सा हो सकता है, जबकि समर्थक इसे उनकी आस्था और जमीनी जुड़ाव का प्रमाण मानते हैं।
आम जनता और समर्थकों पर असर
भीड़ की भारी मौजूदगी ने स्पष्ट किया कि चुनावी मैदान से परे भी विजय की लोकप्रियता बरकरार है। तमिलनाडु में एमजीआर और जयललिता जैसे अभिनेता-राजनेताओं की विरासत को देखते हुए, विजय का यह सफर राज्य की राजनीतिक परंपरा से मेल खाता है।
अब सभी की नजरें 4 मई के नतीजों पर टिकी हैं — जो यह तय करेंगे कि विजय की राजनीतिक पारी किस दिशा में आगे बढ़ती है।