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ईडी की बड़ी कार्रवाई: अमीरा प्योर फूड्स मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सिंगापुर बैंक खातों से ₹94.76 करोड़ जब्त

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ईडी की बड़ी कार्रवाई: अमीरा प्योर फूड्स मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सिंगापुर बैंक खातों से ₹94.76 करोड़ जब्त

सारांश

ईडी ने अमीरा प्योर फूड्स मामले में सिंगापुर के बैंक खातों से ₹94.76 करोड़ जब्त कर अंतरराष्ट्रीय मोर्चे पर शिकंजा कसा है। मुख्य आरोपी करण चनाना और अनीता डिंग विदेश में बैठे हैं, जबकि केनरा बैंक के नेतृत्व वाले कंसोर्टियम को ₹1,201.85 करोड़ का नुकसान पहुंचाने का आरोप है।

मुख्य बातें

ईडी के गुरुग्राम जोनल ऑफिस ने 25 मई को जारी प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर के तहत बैंक ऑफ सिंगापुर में जमा ₹94.76 करोड़ (यूएस डॉलर 1,00,34,819.01) जब्त किए।
जब्त खाते मुख्य आरोपी करण चनाना , अमीरा फूड्स प्राइवेट लिमिटेड और अनंत्या प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर थे।
केनरा बैंक के नेतृत्व वाले बैंक कंसोर्टियम को कथित तौर पर लगभग ₹1,201.85 करोड़ का नुकसान पहुंचाया गया; लोन 2017 में एनपीए बना।
21 व्यक्तियों, कंपनियों और संस्थाओं के खिलाफ अभियोजन शिकायत दायर की जा चुकी है।
आरोपी करण चनाना और अनीता डिंग विदेश में हैं; दोनों पर गैर-जमानती वारंट (एनबीडब्लू) जारी।
यूके और सिंगापुर के साथ एमएलएटी तंत्र के जरिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग जारी।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के गुरुग्राम जोनल ऑफिस ने अमीरा प्योर फूड्स लिमिटेड से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बैंक ऑफ सिंगापुर में जमा यूएस डॉलर 1,00,34,819.01 (लगभग ₹94.76 करोड़) की राशि को अस्थायी रूप से जब्त किया है। मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत यह प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर 25 मई को जारी किया गया था, जिसकी आधिकारिक जानकारी 30 जुलाई को सामने आई।

किन खातों पर हुई कार्रवाई

जब्त किए गए बैंक बैलेंस मुख्य आरोपी करण चनाना, अमीरा फूड्स प्राइवेट लिमिटेड और अनंत्या प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर दर्ज थे। यह अटैचमेंट यूनाइटेड किंगडम और सिंगापुर के साथ म्यूचुअल लीगल असिस्टेंस ट्रीटी (एमएलएटी) तंत्र और अन्य उपलब्ध माध्यमों से संबंधित पक्षों को सूचित किया गया है। यह कदम इस बात का संकेत है कि जांच अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सक्रिय है।

मामले की पृष्ठभूमि और बैंकों को नुकसान

ईडी ने इस मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई), नई दिल्ली द्वारा आईपीसी, 1860 की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की थी। आरोप है कि अमीरा प्योर फूड्स प्राइवेट लिमिटेड ने अपने निदेशकों, प्रमोटरों और कर्मचारियों के माध्यम से फंड का दुरुपयोग कर आपराधिक गबन, विश्वासघात और धोखाधड़ी के जरिए केनरा बैंक के नेतृत्व वाले बैंकों के कंसोर्टियम को लगभग ₹1,201.85 करोड़ का नुकसान पहुंचाया।

जांच से यह भी पता चला कि अमीरा फूड्स ग्रुप — जो मुख्यतः भारतीय बासमती चावल सहित ब्रांडेड पैक्ड फूड के निर्माण और बिक्री में संलग्न था — ने केनरा बैंक के नेतृत्व वाले कंसोर्टियम से लगभग ₹1,201.85 करोड़ का भारी बैंक लोन व कैश क्रेडिट लोन लिया था, जो 2017 में एनपीए (गैर-निष्पादित परिसंपत्ति) बन गया।

अभियोजन शिकायत और पूर्व कार्रवाई

ईडी की जांच में पाया गया कि अमीरा प्योर फूड्स प्राइवेट लिमिटेड और उसके प्रमोटरों, शेयरधारकों व निदेशकों ने मनी लॉन्ड्रिंग का अपराध किया है। इसके आधार पर 21 व्यक्तियों, कंपनियों और संस्थाओं के खिलाफ अभियोजन शिकायत (प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट) दायर की गई है। इससे पूर्व 13 मार्च 2024 को भी एक प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर जारी कर अपराध से प्राप्त आय वाली संपत्तियों को जब्त किया गया था।

भगोड़े आरोपी और गैर-जमानती वारंट

भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम, 2018 (एफईओए) के तहत जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी करण चनाना और अनीता डिंग भारत छोड़कर क्रमशः यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त अरब अमीरात में रह रहे हैं और कानूनी प्रक्रिया का सामना करने के लिए जानबूझकर भारत नहीं लौटे। इस कारण दोनों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट (एनबीडब्लू) जारी किए गए हैं। यह मामला उन बड़े वित्तीय घोटालों की श्रेणी में आता है जहाँ आरोपी विदेश भागकर जांच से बचने की कोशिश करते हैं — और ईडी की अंतरराष्ट्रीय सहयोग की कोशिशें इसी चुनौती से निपटने का प्रयास हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो प्रमोटर विदेश में बैठे होते हैं। ₹94.76 करोड़ की यह जब्ती प्रभावशाली है, लेकिन यह कुल आरोपित नुकसान ₹1,201.85 करोड़ का मात्र 7.9% है। असली सवाल यह है कि एमएलएटी तंत्र के बावजूद करण चनाना और अनीता डिंग की प्रत्यर्पण प्रक्रिया कब तक पूरी होगी — क्योंकि विजय माल्या और नीरव मोदी जैसे मामले बताते हैं कि कानूनी लड़ाई वर्षों खिंच सकती है।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईडी ने अमीरा प्योर फूड्स मामले में क्या कार्रवाई की है?
ईडी के गुरुग्राम जोनल ऑफिस ने 25 मई को जारी प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर के तहत बैंक ऑफ सिंगापुर में जमा ₹94.76 करोड़ (यूएस डॉलर 1,00,34,819.01) की राशि अस्थायी रूप से जब्त की है। यह राशि मुख्य आरोपी करण चनाना, अमीरा फूड्स प्राइवेट लिमिटेड और अनंत्या प्राइवेट लिमिटेड के खातों में थी।
अमीरा प्योर फूड्स पर क्या आरोप हैं?
आरोप है कि अमीरा प्योर फूड्स प्राइवेट लिमिटेड ने अपने निदेशकों और प्रमोटरों के जरिए फंड का दुरुपयोग कर केनरा बैंक के नेतृत्व वाले बैंक कंसोर्टियम को लगभग ₹1,201.85 करोड़ का नुकसान पहुंचाया। कंपनी पर आपराधिक गबन, विश्वासघात, धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप हैं।
मुख्य आरोपी करण चनाना कहाँ हैं और उनके खिलाफ क्या कदम उठाए गए हैं?
करण चनाना कथित तौर पर यूनाइटेड किंगडम में हैं और जानबूझकर भारत नहीं लौटे। उनके और सह-आरोपी अनीता डिंग के खिलाफ गैर-जमानती वारंट (एनबीडब्लू) जारी किए गए हैं और यूके व सिंगापुर के साथ एमएलएटी तंत्र के जरिए सूचना साझा की जा रही है।
इस मामले में अब तक कितनी संपत्तियाँ जब्त की जा चुकी हैं?
ईडी ने 13 मार्च 2024 को एक पूर्व प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर के तहत भारत में संपत्तियाँ जब्त की थीं। अब 25 मई के नए आदेश के तहत सिंगापुर के बैंक खातों से ₹94.76 करोड़ अतिरिक्त जब्त किए गए हैं। कुल 21 व्यक्तियों, कंपनियों और संस्थाओं के खिलाफ अभियोजन शिकायत दायर की जा चुकी है।
अमीरा फूड्स ग्रुप किस कारोबार में था?
अमीरा फूड्स ग्रुप मुख्यतः भारतीय बासमती चावल सहित ब्रांडेड पैक्ड फूड के निर्माण और बिक्री के कारोबार में था। कंपनी ने केनरा बैंक के नेतृत्व वाले कंसोर्टियम से लगभग ₹1,201.85 करोड़ का लोन लिया था, जो 2017 में एनपीए बन गया।
राष्ट्र प्रेस
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