UCC संविधान के अनुच्छेद 14, 25, 26 और 29 का उल्लंघन है: AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान
सारांश
मुख्य बातें
एआईएमआईएम (AIMIM) के राष्ट्रीय प्रवक्ता वारिस पठान ने 14 सितंबर 2026 को मुंबई में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) संबंधी बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार समानता या एकरूपता के लिए UCC नहीं ला रही, बल्कि यह मुसलमानों के मौलिक अधिकार छीनने की कोशिश है। उन्होंने इसे पूरी तरह असंवैधानिक करार दिया।
UCC पर संवैधानिक आपत्तियाँ
वारिस पठान ने कहा कि UCC लागू करना संविधान के अनुच्छेद 25 (धर्म की स्वतंत्रता), अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार), अनुच्छेद 26 (धार्मिक मामलों का प्रबंधन) और अनुच्छेद 29 (अल्पसंख्यकों के सांस्कृतिक अधिकार) का सीधा उल्लंघन है। उन्होंने तर्क दिया कि विविधता और बहुलवाद भारतीय संविधान की आत्मा है, और UCC इस मूल भावना के विरुद्ध है।
पठान ने यह भी कहा कि जब आदिवासियों (ट्राइबल्स) को UCC के दायरे से बाहर रखा गया है, तो एकरूपता और समानता का दावा खोखला हो जाता है। उन्होंने 21वें विधि आयोग की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि स्वयं विधि आयोग ने अपनी रिपोर्ट में माना था कि UCC न तो आवश्यक है और न ही इसकी कोई ज़रूरत है।
दिशा सालियान केस में सीबीआई एफआईआर पर प्रतिक्रिया
सीबीआई द्वारा दिशा सालियान मामले में एफआईआर दर्ज किए जाने पर वारिस पठान ने कहा कि यह एक पिता की लड़ाई है, जो पिछले छह साल से यह साबित करने के लिए लड़ रहे हैं कि उनकी बेटी की हत्या हुई थी, न कि आत्महत्या। पठान ने कहा, 'अब सीबीआई मामले की जांच करेगी। जो भी दोषी होगा, उसे सीबीआई गिरफ्तार करेगी और अदालत कानूनी प्रक्रिया के अनुसार फैसला करेगी।'
उन्होंने मीडिया से भी अपील की कि वे इस मामले का मीडिया ट्रायल न करें। उनका कहना था कि उचित तथ्य और सबूत अदालत के सामने आने दिए जाएं, और जो फैसला अदालत करे, वह सबको मान्य होगा। साथ ही उन्होंने इस मामले का राजनीतिकरण न किए जाने की अपील की।
मदरसों पर दिलीप घोष के बयान पर पलटवार
पश्चिम बंगाल के मंत्री दिलीप घोष के मदरसा शिक्षकों को लेकर दिए गए बयान पर AIMIM प्रवक्ता ने पलटवार करते हुए कहा कि पहले मदरसों का इतिहास जानना ज़रूरी है। उन्होंने कहा कि देखिए मदरसों में किन लोगों ने पढ़ाई की और उन्होंने देश के लिए क्या योगदान दिया। बिना जानकारी के बयानबाज़ी उचित नहीं है।
कनिमोझी-उद्धव ठाकरे मुलाकात पर टिप्पणी
DMK सांसद कनिमोझी करुणानिधि की शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे से मुलाकात पर वारिस पठान ने सतर्क प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि देखते हैं इस मुलाकात से क्या निकलता है।
आगे क्या होगा
UCC पर विपक्षी दलों और अल्पसंख्यक संगठनों की आपत्तियाँ अब और मुखर होती दिख रही हैं। यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार UCC को राष्ट्रीय स्तर पर लागू करने की दिशा में सक्रिय रूप से आगे बढ़ रही है। 21वें विधि आयोग की रिपोर्ट और संविधान के मूल प्रावधानों को लेकर यह बहस न्यायिक और संसदीय दोनों मंचों पर और तेज़ होने की संभावना है।