31 अक्टूबर 2026
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राम जन्मभूमि न्यास ने CEO चयन विवाद किया खारिज, 5,585 आवेदनों में से पारदर्शी प्रक्रिया का दावा

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राम जन्मभूमि न्यास ने CEO चयन विवाद किया खारिज, 5,585 आवेदनों में से पारदर्शी प्रक्रिया का दावा

सारांश

राम जन्मभूमि न्यास ने CEO चयन पर फैली भ्रामक खबरों का जवाब दिया — 5,585 आवेदन, तीन शहरों में मूल्यांकन और दस्तावेजीकृत साक्षात्कार प्रक्रिया के साथ। एयर मार्शल (से.नि.) जितेंद्र मिश्र सहित तीन प्रत्याशी शीर्ष पर, अंतिम नियुक्ति की प्रतीक्षा।

मुख्य बातें

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास ने 14 सितंबर 2026 को CEO चयन प्रक्रिया पर स्पष्टीकरण जारी किया।
खोज समिति को कुल 5,585 आवेदन मिले; 16 प्रत्याशी 11-12 अगस्त 2026 को अयोध्या में अंतिम साक्षात्कार में शामिल हुए।
शीर्ष तीन अनुशंसित नाम: एयर मार्शल (से.नि.) जितेंद्र मिश्र , संजय प्रतापसिंह विश्वास राव और श्रुति भारद्वाज — 2 सितंबर 2026 को सार्वजनिक किए गए।
न्यास ने जितेंद्र मिश्र की साक्षात्कार से अनुपस्थिति के दावे को 'तथ्यात्मक रूप से गलत' बताया।
न्यास के महासचिव स्वामी गोविंद देव गिरी ने कहा — चयन प्रक्रिया संस्थागत पारदर्शिता के सर्वोच्च मानकों पर आधारित रही।

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास ने 14 सितंबर 2026 को मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के चयन को लेकर कुछ मीडिया रिपोर्टों में फैली गलत जानकारी पर विस्तृत स्पष्टीकरण जारी किया। न्यास ने तथ्यों के साथ यह स्पष्ट किया कि चयन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और दस्तावेजीकृत थी। न्यास के महासचिव स्वामी गोविंद देव गिरी की ओर से जारी इस बयान में चरणबद्ध ढंग से पूरी चयन प्रक्रिया का ब्यौरा सामने रखा गया।

चयन प्रक्रिया का चरणबद्ध विवरण

6 जुलाई 2026 को एक खोज समिति (सर्च कमेटी) गठित की गई थी, जिसे कुल 5,585 आवेदन प्राप्त हुए। इन आवेदनों की जाँच के लिए दिल्ली-एनसीआर, पुणे और संबलपुर — तीन शहरों में एआई स्क्रीनिंग और मैनुअल विशेषज्ञता-आधारित बहु-स्तरीय मूल्यांकन किया गया। इस व्यापक छंटनी के बाद 16 प्रत्याशियों को अंतिम साक्षात्कार के लिए चुना गया।

चुने गए इन 16 प्रत्याशियों ने 11 और 12 अगस्त 2026 को अयोध्या में आमने-सामने की बातचीत (फेस-टू-फेस इंटरव्यू) में भाग लिया। इसके बाद खोज समिति ने 1 सितंबर 2026 को अपनी अंतिम रिपोर्ट और सिफारिशें न्यास को सौंपीं।

तीन अनुशंसित प्रत्याशी सार्वजनिक

2 सितंबर 2026 को न्यास ने शीर्ष तीन अनुशंसित प्रत्याशियों के नाम मीडिया के सामने सार्वजनिक किए। ये तीन नाम हैं — एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) जितेंद्र मिश्र, संजय प्रतापसिंह विश्वास राव और श्रुति भारद्वाज। न्यास ने स्पष्ट किया कि तीनों प्रत्याशियों की पहचान और भागीदारी अयोध्या में आधिकारिक रूप से दर्ज की गई थी।

जितेंद्र मिश्र की भागीदारी पर उठे सवाल खारिज

न्यास ने विशेष रूप से उस दावे को 'तथ्यात्मक रूप से गलत' बताया, जिसमें कहा गया था कि एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) जितेंद्र मिश्र 11-12 अगस्त के साक्षात्कार दौर में शामिल नहीं थे। न्यास के अनुसार, मिश्र ने 11 अगस्त 2026 को पहली पाली में साक्षात्कार में भाग लिया था और शीर्ष तीन में उनका नाम उनकी भागीदारी, मूल्यांकन और योग्यता-आधारित चयन का दस्तावेजी प्रमाण है।

गौरतलब है कि यह स्पष्टीकरण ऐसे समय में आया है जब राम मंदिर प्रबंधन से जुड़े प्रशासनिक निर्णय राष्ट्रीय मीडिया में बारीकी से देखे जा रहे हैं। न्यास की पारदर्शिता की यह कोशिश संस्था की विश्वसनीयता को बनाए रखने की दृष्टि से महत्त्वपूर्ण मानी जा रही है।

संस्थागत पारदर्शिता पर न्यास का रुख

न्यास ने कहा कि यह चयन प्रक्रिया 'संस्थागत शासन और पारदर्शिता के सर्वोच्च मानकों' के अनुसार आयोजित की गई। प्रत्येक चरण दस्तावेजीकृत रहा और सभी अंतिम उम्मीदवारों की पहचान आधिकारिक रूप से दर्ज की गई। न्यास ने यह भी दोहराया कि वह चयन प्रक्रिया से संबंधित किसी भी जाँच के लिए तथ्यात्मक जानकारी उपलब्ध कराने को तैयार है।

आगे की राह

अब जबकि तीन प्रत्याशियों के नाम सार्वजनिक हो चुके हैं, न्यास की ओर से अंतिम CEO की नियुक्ति की घोषणा प्रतीक्षित है। यह नियुक्ति अयोध्या के राम मंदिर के दीर्घकालिक प्रशासनिक ढाँचे को आकार देने में निर्णायक भूमिका निभाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

दस्तावेजों और नामों के साथ — संस्थागत जवाबदेही की दृष्टि से सराहनीय है, लेकिन असली सवाल यह है कि अंतिम नियुक्ति का निर्णय किस आधार पर और कब होगा। तीन प्रत्याशियों में एक पूर्व वायु सेना अधिकारी, एक प्रशासनिक पेशेवर और एक महिला उम्मीदवार का होना चयन की व्यापक सोच को दर्शाता है, पर क्रियान्वयन की पारदर्शिता उतनी ही ज़रूरी है जितनी प्रक्रिया की।
RashtraPress
31 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के CEO पद के लिए कितने आवेदन आए?
न्यास को CEO पद के लिए कुल 5,585 आवेदन प्राप्त हुए। इन आवेदनों की जाँच दिल्ली-एनसीआर, पुणे और संबलपुर में एआई स्क्रीनिंग और मैनुअल विशेषज्ञता के ज़रिए बहु-स्तरीय मूल्यांकन से की गई।
राम मंदिर CEO चयन के शीर्ष तीन प्रत्याशी कौन हैं?
2 सितंबर 2026 को न्यास ने तीन अनुशंसित नाम सार्वजनिक किए — एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) जितेंद्र मिश्र, संजय प्रतापसिंह विश्वास राव और श्रुति भारद्वाज। तीनों ने 11-12 अगस्त 2026 को अयोध्या में आमने-सामने साक्षात्कार दिया था।
जितेंद्र मिश्र की साक्षात्कार में भागीदारी पर विवाद क्यों उठा?
कुछ मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया था कि एयर मार्शल (से.नि.) जितेंद्र मिश्र 11-12 अगस्त के साक्षात्कार दौर में शामिल नहीं थे। न्यास ने इस दावे को 'तथ्यात्मक रूप से गलत' बताते हुए स्पष्ट किया कि मिश्र ने 11 अगस्त 2026 की पहली पाली में साक्षात्कार दिया था।
राम जन्मभूमि न्यास के CEO की अंतिम नियुक्ति कब होगी?
न्यास ने अभी तक अंतिम नियुक्ति की तिथि घोषित नहीं की है। खोज समिति ने 1 सितंबर 2026 को अपनी सिफारिशें न्यास को सौंपी हैं और अब न्यास बोर्ड की ओर से अंतिम निर्णय की प्रतीक्षा है।
राम मंदिर CEO चयन प्रक्रिया कितनी पारदर्शी रही?
न्यास के अनुसार, 6 जुलाई 2026 को गठित खोज समिति से लेकर 1 सितंबर 2026 की अंतिम रिपोर्ट तक हर चरण दस्तावेजीकृत रहा। महासचिव स्वामी गोविंद देव गिरी ने कहा कि चयन संस्थागत शासन और पारदर्शिता के सर्वोच्च मानकों पर आधारित था।
राष्ट्र प्रेस
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