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दिव्यांका त्रिपाठी के घर ट्विन बेटों संग पहला गणपति उत्सव, बोलीं — 'दिमाग अब 160 की स्पीड से दौड़ता है'

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दिव्यांका त्रिपाठी के घर ट्विन बेटों संग पहला गणपति उत्सव, बोलीं — 'दिमाग अब 160 की स्पीड से दौड़ता है'

सारांश

ट्विन बेटों की किलकारियों के बीच दिव्यांका त्रिपाठी का पहला गणपति उत्सव — भव्यता नहीं, सादगी चुनी; ब्लू थीम, घर का बना मोदक और '60 से 160 की स्पीड' में दौड़ता दिमाग। मातृत्व का यह रंग बिल्कुल अलग है।

मुख्य बातें

अभिनेत्री दिव्यांका त्रिपाठी और विवेक दहिया ने ट्विन बेबी बॉयज़ के जन्म के बाद पहली बार गणपति उत्सव मनाया।
घर की सजावट में ब्लू थीम रखी गई — पर्ल्स, रैबिट्स और मशरूम से सजावट; बच्चों की झलक हर कोने में।
दिव्यांका ने कहा, 'पहले दिमाग 60 की स्पीड से चलता था, अब 160 की स्पीड से चलाना पड़ता है।' भव्य पार्टी की जगह परिवार के साथ सुकून भरा उत्सव; दिव्यांका ने घर पर मोदक समेत पूरा खाना खुद बनाया।
दिव्यांका ने बताया कि माँ बनने के बाद सोते समय भी बच्चों की चिंता रहती है — जीवन पूरी तरह बदल गया है।

अभिनेत्री दिव्यांका त्रिपाठी और उनके पति विवेक दहिया इस बार गणपति उत्सव को एक नए और भावनात्मक रंग में मना रहे हैं — क्योंकि मुंबई स्थित उनके घर में इस बार दो नन्हे सदस्य भी मौजूद हैं। हाल ही में ट्विन बेबी बॉयज़ के माता-पिता बने इस दंपती ने अपने बच्चों के साथ पहली बार गणपति बप्पा का स्वागत किया, और सेलिब्रेशन का अंदाज़ भी पूरी तरह बदला हुआ रहा।

ब्लू थीम और बच्चों की झलक

दिव्यांका ने बताया कि इस बार घर की सजावट में ब्लू कलर थीम रखी गई, जिसमें पर्ल्स, रैबिट्स और मशरूम जैसे तत्व शामिल किए गए। उन्होंने कहा, 'हमारे दोनों बच्चे अभी बहुत छोटे हैं, इसलिए हमने गणपति सेलिब्रेशन को बहुत ज़्यादा बड़ा या ग्रैंड रखने के बजाय सिंपल और क्यूट रखा। सजावट का पूरा आइडिया हमारे दोनों बेटों को लेकर था।' घर की सजावट से लेकर गणपति की मूर्ति तक, हर चीज़ में नन्हे बेटों की झलक नज़र आई।

मातृत्व और त्योहार की दोहरी ज़िम्मेदारी

दिव्यांका ने खुलासा किया कि छोटे बच्चों की देखभाल के साथ-साथ घर पर आने वाले मेहमानों और त्योहार की तैयारियों को एक साथ संभालना आसान नहीं रहा। उनके शब्दों में, 'अगर पहले मेरा दिमाग 60 की स्पीड से चलता था, तो अब इसे 160 की स्पीड से चलाना पड़ता है।' उन्होंने कहा कि हर काम में अब सबसे पहले बच्चों के आराम और सुविधा का ध्यान रखना होता है।

इसके बावजूद दिव्यांका ने इस पूरे अनुभव को सकारात्मक बताया। उन्होंने कहा, 'इस भागदौड़ के बीच भी मैंने और विवेक ने इस पूरे फेज़ को एंजॉय किया।'

सादगी भरा उत्सव, घर का बना खाना

इस बार दिव्यांका और विवेक ने किसी बड़ी पार्टी या भारी-भरकम आयोजन के बजाय परिवार के साथ सुकून से त्योहार मनाने को प्राथमिकता दी। दिव्यांका ने घर पर ही मोदक बनाए और रोज़मर्रा का खाना — सब्ज़ी, रोटी और दाल — भी घर में ही तैयार किया गया। यह ऐसे समय में आया है जब सेलिब्रिटी गणपति उत्सव अक्सर भव्य आयोजनों और मीडिया कवरेज के लिए जाने जाते हैं।

माँ बनने के बाद जीवन में बदलाव

मातृत्व के बाद ज़िंदगी में आए बदलाव पर दिव्यांका ने कहा, 'अब मेरा ध्यान हर वक्त बच्चों पर रहता है। दोनों बच्चे इतने छोटे हैं कि सोते समय भी मैं और विवेक बार-बार उन्हें देखते रहते हैं कि वे ठीक हैं या नहीं।' उन्होंने कहा कि पहले जहाँ वे अपने बारे में सोचते थे, अब उन दोनों का पूरा ध्यान अपने नए परिवार के दो नन्हे सदस्यों पर केंद्रित हो गया है। आने वाले समय में जैसे-जैसे बच्चे बड़े होंगे, यह दंपती उनके साथ और रंगारंग गणपति उत्सव की तैयारी में जुटेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

चाहे वह कैमरे के सामने हो या उससे दूर। भव्यता छोड़कर सादगी चुनना और 'दिमाग को 160 की स्पीड पर चलाना' — यह वाक्य लाखों नई माँओं का अनुभव है, जो शायद इतने सटीक शब्दों में बयाँ नहीं हो पाता। मुख्यधारा की एंटरटेनमेंट कवरेज इस कहानी को 'ग्लैमरस मातृत्व' के चश्मे से देखती है, जबकि असली बात यह है कि एक लोकप्रिय अभिनेत्री ने जानबूझकर धूमधाम छोड़ी — और यह चुनाव खुद में एक बयान है।
RashtraPress
15 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिव्यांका त्रिपाठी के ट्विन बच्चे कब हुए?
दिव्यांका त्रिपाठी और विवेक दहिया हाल ही में ट्विन बेबी बॉयज़ के माता-पिता बने हैं। सितंबर 2026 में उन्होंने इन बच्चों के साथ अपना पहला गणपति उत्सव मनाया।
दिव्यांका त्रिपाठी ने गणपति उत्सव कैसे मनाया?
दिव्यांका और विवेक ने इस बार गणपति उत्सव सादगी से मनाया — ब्लू थीम सजावट, घर पर बनाए मोदक और रोज़मर्रा का खाना। किसी बड़ी पार्टी के बजाय परिवार के साथ सुकून भरे उत्सव को प्राथमिकता दी गई।
दिव्यांका त्रिपाठी ने '60 से 160 की स्पीड' वाली बात क्यों कही?
दिव्यांका ने बताया कि ट्विन बच्चों की देखभाल, घर के मेहमान और गणपति की तैयारी एक साथ संभालना बेहद चुनौतीपूर्ण है। उन्होंने कहा कि अब हर काम में पहले से कहीं अधिक मानसिक ऊर्जा लगानी पड़ती है, इसीलिए उन्होंने यह बात कही।
दिव्यांका त्रिपाठी के गणपति की सजावट में क्या खास था?
इस बार उन्होंने घर में ब्लू कलर थीम रखी, जिसमें पर्ल्स, रैबिट्स और मशरूम जैसे तत्व शामिल किए। सजावट का पूरा आइडिया उनके दोनों बेटों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया था।
माँ बनने के बाद दिव्यांका की ज़िंदगी कैसे बदली?
दिव्यांका ने बताया कि अब उनका और विवेक का ध्यान हर वक्त बच्चों पर रहता है — यहाँ तक कि रात को सोते समय भी वे बार-बार उठकर बच्चों की जाँच करते हैं। पहले खुद पर जितना ध्यान देते थे, वह अब पूरी तरह बच्चों पर केंद्रित हो गया है।
राष्ट्र प्रेस
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