सीबीआई ने रेलवे मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक को ₹10,000 रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय जाँच ब्यूरो (सीबीआई) ने 15 सितंबर 2026 को दक्षिण-पूर्वी रेलवे के आद्रा डिवीजन के भोजूडीह (बोकारो जिला, झारखंड) में तैनात एक मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आरोप है कि उक्त लोक सेवक ने चिकित्सा अवकाश स्वीकृत कराने के बदले शिकायतकर्ता से ₹25,000 की अनुचित माँग की थी।
मुख्य घटनाक्रम
सीबीआई को शिकायत मिलने के बाद एजेंसी ने 15 सितंबर 2026 को मामला दर्ज किया और उसी दिन जाल बिछाकर कार्रवाई की। आरोपी निरीक्षक को शिकायतकर्ता से ₹10,000 की पहली किस्त स्वीकार करते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया — जबकि कथित तौर पर कुल माँग ₹25,000 थी।
गिरफ्तारी के बाद सीबीआई ने आरोपी के कार्यालय परिसर और आवासीय परिसर दोनों में तलाशी ली। आरोपी को धनबाद स्थित सक्षम न्यायालय में पेश किया जाएगा। जाँच अभी जारी है।
जम्मू-कश्मीर में एसीबी की समानांतर कार्रवाई
इसी अवधि में जम्मू-कश्मीर भ्रष्टाचार-विरोधी ब्यूरो (एसीबी) ने जम्मू-कश्मीर महिला विकास निगम के दो फील्ड अधिकारियों को रिश्वत माँगने और लेने के आरोप में रंगे हाथ गिरफ्तार किया।
एसीबी के अनुसार, फील्ड सुपरवाइजर ओवैस अहमद खान पर आरोप है कि उन्होंने महिला उद्यमिता मंच (WEP) योजना के तहत स्वीकृत ₹3 लाख के ऋण को जारी करने में 'सुविधा' के बदले शिकायतकर्ता से अवैध रिश्वत की माँग की। शिकायतकर्ता के रिश्वत देने से इनकार करने पर उसने लिखित शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद जाँच में प्रथम दृष्टया माँग साबित होने पर एसीबी ने जाल बिछाकर दोनों अधिकारियों को पकड़ा।
सरकारी तंत्र और भ्रष्टाचार का संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र और राज्य दोनों स्तरों पर भ्रष्टाचार-विरोधी अभियानों को तेज़ किया जा रहा है। गौरतलब है कि रेलवे स्वास्थ्य सेवाओं में अनुचित लाभ की शिकायतें नई नहीं हैं — चिकित्सा अवकाश और फिटनेस प्रमाणपत्र जैसी सेवाओं में बिचौलियों की भूमिका लंबे समय से चिंता का विषय रही है।
रेलवे अधिकारियों से जुड़े भ्रष्टाचार के मामलों में सीबीआई की 'ट्रैप ऑपरेशन' पद्धति — जहाँ शिकायतकर्ता को चिह्नित नोटों के साथ भेजा जाता है — साक्ष्य संग्रह का एक प्रमाणित तरीका है। दोनों मामलों में एजेंसियों ने यही रणनीति अपनाई।
आगे क्या होगा
सीबीआई के अनुसार जाँच अभी प्रारंभिक चरण में है और आरोपी रेलवे निरीक्षक को धनबाद की अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत या ज़मानत पर अगला निर्णय लिया जाएगा। जम्मू-कश्मीर के मामले में एसीबी ने कहा है कि आगे की विधिक कार्रवाई जारी रहेगी।