30 जुलाई 2026
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सीबीआई ने सिलचर में रेलवे इंजीनियर को ₹20,000 की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया

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सीबीआई ने सिलचर में रेलवे इंजीनियर को ₹20,000 की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया

सारांश

सीबीआई ने असम के सिलचर में एनएफ रेलवे के एक वरिष्ठ अनुभाग अभियंता को ₹20,000 की रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोचा। ₹20 लाख के ठेकेदार बिल को मंजूरी देने के एवज में यह अवैध माँग की गई थी। महज दो दिन में प्राथमिकी से गिरफ्तारी तक की यह कार्रवाई सीबीआई की हालिया भ्रष्टाचार-विरोधी मुहिम का हिस्सा है।

मुख्य बातें

सीबीआई ने 14 जून 2026 को सिलचर में एनएफ रेलवे के वरिष्ठ अनुभाग अभियंता को ₹20,000 की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया।
आरोपी ने ठेकेदार के ₹20 लाख के लंबित बिल को पारित करने के एवज में कुल राशि का एक प्रतिशत रिश्वत माँगी थी।
सीबीआई ने 13 जून को प्राथमिकी दर्ज की और अगले दिन गिरफ्तारी की; आरोपी को गुवाहाटी के सक्षम न्यायालय में पेश किया गया।
आरोपी के आवासीय परिसरों पर तलाशी अभियान जारी है।
इससे पहले 11 जून को सीबीआई ने शहडोल में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के सहायक प्रबंधक अभयंकर शर्मा को ₹10,000 की घूस लेते हुए गिरफ्तार किया था।

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने 13 जून 2026 को प्राथमिकी दर्ज करने के बाद असम के सिलचर में पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफ रेलवे) के एक वरिष्ठ अनुभाग अभियंता को ₹20,000 की रिश्वत स्वीकार करते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आरोपी अधिकारी कैरेज एंड वैगन (सी एंड डब्ल्यू) विभाग में तैनात था और एक ठेकेदार के ₹20 लाख के लंबित बिल को मंजूरी देने के एवज में यह अवैध राशि मांगी गई थी।

मुख्य घटनाक्रम

12 जून 2026 को शिकायतकर्ता ठेकेदार ने आरोपी वरिष्ठ अनुभाग अभियंता से मुलाकात कर पहले से पूरा किए जा चुके कार्य का बिल शीघ्र पारित करने का अनुरोध किया। इस पर अधिकारी ने कुल लंबित राशि का एक प्रतिशत, अर्थात ₹20,000, रिश्वत के रूप में मांगी। शिकायत दर्ज होते ही सीबीआई ने जाल बिछाया और आरोपी को रकम लेते हुए मौके पर ही दबोच लिया।

सीबीआई की कार्रवाई

एजेंसी ने 13 जून को इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की और अगले ही दिन गिरफ्तारी की। आरोपी को 14 जून 2026 को गुवाहाटी स्थित सक्षम न्यायालय में पेश किया गया। इसके साथ ही सीबीआई ने आरोपी के आवासीय परिसरों पर भी तलाशी अभियान चलाया, जो जारी बताया गया है।

व्यापक संदर्भ

यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब सीबीआई ने हाल के हफ्तों में भ्रष्टाचार के विरुद्ध कई बड़ी कार्रवाइयाँ की हैं। गौरतलब है कि 11 जून 2026 को सीबीआई की जबलपुर टीम ने मध्य प्रदेश के शहडोल में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के सहायक प्रबंधक अभयंकर शर्मा को ₹10,000 की घूस लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। उन पर बैंकिंग कियोस्क संचालन की अनुमति देने के एवज में यह राशि मांगने का आरोप था। यह Nवीं ऐसी घटना है जहाँ सार्वजनिक क्षेत्र के अधिकारियों पर ठेकेदारों और छोटे उद्यमियों से अवैध वसूली के आरोप लगे हैं।

आम जनता और ठेकेदारों पर असर

रेलवे के ठेकेदारों के लिए बिल भुगतान की प्रक्रिया पहले से ही जटिल और समय-साध्य मानी जाती है। इस तरह के मामले यह उजागर करते हैं कि अनुमोदन श्रृंखला में भ्रष्टाचार छोटे ठेकेदारों की नकदी प्रवाह को किस कदर प्रभावित करता है। आलोचकों का कहना है कि बिल-स्वीकृति जैसी नियमित प्रक्रियाओं में एकल-अधिकारी निर्भरता भ्रष्टाचार की गुंजाइश बढ़ाती है।

आगे क्या होगा

सीबीआई के अनुसार मामले की विस्तृत जाँच जारी है और आरोपी के परिसरों पर तलाशी से और साक्ष्य मिलने की संभावना है। न्यायालय में पेशी के बाद हिरासत अवधि और आगे की कानूनी कार्यवाही तय होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 की रिश्वत की यह घटना भले ही छोटी लगे, लेकिन यह उस गहरी संरचनात्मक समस्या की ओर इशारा करती है जहाँ नियमित बिल-भुगतान जैसी प्रक्रियाएँ एकल अधिकारी के विवेक पर निर्भर हैं। रेलवे जैसे विशाल सार्वजनिक संस्थान में जब एक अनुभाग अभियंता स्तर का अधिकारी ठेकेदारों से वसूली कर सकता है, तो यह सवाल उठता है कि आंतरिक निगरानी तंत्र कहाँ विफल हुआ। सीबीआई की त्वरित कार्रवाई सराहनीय है, परंतु बिना प्रणालीगत सुधार — जैसे स्वचालित बिल-अनुमोदन और एकाधिक-स्तरीय जाँच — के ये गिरफ्तारियाँ लक्षण का उपचार हैं, बीमारी का नहीं।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीबीआई ने सिलचर में किसे और क्यों गिरफ्तार किया?
सीबीआई ने सिलचर स्थित एनएफ रेलवे के सी एंड डब्ल्यू विभाग में तैनात एक वरिष्ठ अनुभाग अभियंता को गिरफ्तार किया। आरोप है कि उसने एक ठेकेदार के ₹20 लाख के लंबित बिल को पारित करने के बदले ₹20,000 की रिश्वत माँगी और स्वीकार की।
यह गिरफ्तारी कब और कैसे हुई?
सीबीआई ने 13 जून 2026 को प्राथमिकी दर्ज की और 14 जून को आरोपी को रिश्वत स्वीकार करते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। शिकायतकर्ता ठेकेदार की सूचना पर एजेंसी ने पहले जाल बिछाया, फिर कार्रवाई की।
आरोपी रेलवे अधिकारी पर अब क्या कानूनी कार्रवाई होगी?
आरोपी को 14 जून 2026 को गुवाहाटी स्थित सक्षम न्यायालय में पेश किया गया। सीबीआई उसके आवासीय परिसरों की तलाशी ले रही है और मामले की विस्तृत जाँच जारी है।
क्या सीबीआई ने हाल ही में इस तरह के अन्य मामलों में भी कार्रवाई की है?
हाँ, 11 जून 2026 को सीबीआई की जबलपुर टीम ने मध्य प्रदेश के शहडोल में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के सहायक प्रबंधक अभयंकर शर्मा को ₹10,000 की घूस लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। यह सीबीआई की हालिया भ्रष्टाचार-विरोधी मुहिम का हिस्सा प्रतीत होता है।
इस मामले में ठेकेदार का बिल क्यों लंबित था?
ठेकेदार ने रेलवे का कार्य पहले ही पूरा कर लिया था, लेकिन ₹20 लाख का भुगतान आरोपी वरिष्ठ अनुभाग अभियंता के स्तर पर स्वीकृति के अभाव में अटका हुआ था। अधिकारियों के अनुसार, यही स्वीकृति-शक्ति रिश्वत माँगने का आधार बनी।
राष्ट्र प्रेस
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