बिहार बाढ़ विवाद: मंत्री अशोक चौधरी का तेजस्वी यादव पर पलटवार, बख्तियारपुर नाम बदलने पर भी बोले
सारांश
मुख्य बातें
जनता दल (यूनाइटेड) के वरिष्ठ नेता और बिहार मंत्री अशोक चौधरी ने 13 सितंबर 2026 को पटना में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के तीन प्रमुख मुद्दों पर कड़ा जवाब दिया — बाढ़ को लेकर प्रधानमंत्री को पत्र लिखना, बिहार को आपदा प्रभावित राज्य घोषित करने की माँग, और बख्तियारपुर का नाम बदलकर 'नीतीशपुर' करने का प्रस्ताव। इस पलटवार के बाद बिहार की सियासी सरगर्मी और तेज हो गई है।
बख्तियारपुर नामकरण विवाद पर मंत्री की प्रतिक्रिया
बख्तियारपुर का नाम बदलकर 'नीतीशपुर' करने के प्रस्ताव पर अशोक चौधरी ने कहा, 'वहाँ के स्थानीय लोग शायद नाम बदलना चाहते हों। इस देश में नीतीश कुमार जैसा कोई नेता न तो पहले हुआ है और न ही भविष्य में कोई दूसरा होगा। इसमें कोई शक नहीं है। अब, लोगों के बीच नीतीश का नाम कैसे जिंदा रखा जाए, यह उनके समर्थक या उनकी नीतियों को मानने वाले लोग ही तय करेंगे।'
उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में यह अटकलें तेज हो गई हैं कि क्या वास्तव में बख्तियारपुर का नाम परिवर्तन होगा। गौरतलब है कि यह बयान सीधे तौर पर न तो इनकार है और न ही स्वीकृति — जिससे विवाद और गहरा हो गया है।
बाढ़ की स्थिति पर तेजस्वी के बयान पर पलटवार
बाढ़ प्रबंधन के मुद्दे पर तेजस्वी यादव द्वारा प्रधानमंत्री को पत्र लिखे जाने पर चौधरी ने कहा, 'तेजस्वी यादव बाढ़ को लेकर बेवजह चिंता कर रहे हैं। वे प्रधानमंत्री को बिना वजह पत्र लिख रहे हैं, जबकि सरकार पूरी तरह से स्थिति से निपटने में जुटी हुई है। मुख्यमंत्री खुद और हमारे जल संसाधन मंत्री प्रधानमंत्री के संपर्क में हैं।'
उन्होंने बाढ़ प्रबंधन में सुधार का हवाला देते हुए कहा, 'जरा सोचिए कि पहले बाढ़ के हालात कैसे होते थे और अभी क्या स्थिति है। पहले लोग महीनों तक बाढ़ में फंसे रहते थे, लेकिन आज सरकार पूरी तरह मुस्तैद है और सक्रिय रूप से काम कर रही है। तेजस्वी यादव सिर्फ पत्र लिखकर सुर्खियाँ बटोरना चाहते हैं।'
सरकार की स्थिति और विपक्ष पर आरोप
अशोक चौधरी ने आगे कहा कि विपक्ष के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं है, इसलिए वह अनर्गल बयानबाजी का सहारा ले रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिहार सरकार बाढ़ पीड़ितों के साथ खड़ी है और हर संभव मदद पहुँचाई जा रही है।
यह ऐसे समय में आया है जब बिहार के कई ज़िलों में बाढ़ की स्थिति गंभीर बताई जा रही है और विपक्ष राज्य को आपदा प्रभावित घोषित करने की माँग पर अड़ा हुआ है।
राजनीतिक संदर्भ और आगे की राह
बिहार में जदयू-भाजपा गठबंधन और राजद के नेतृत्व वाले विपक्ष के बीच बयानों की यह जंग नई नहीं है। तेजस्वी यादव का यह कदम — आपदा राहत, बाढ़ प्रबंधन और नाम परिवर्तन जैसे मुद्दों को एकसाथ उठाना — राज्य विधानसभा चुनावों की पूर्व-तैयारी का हिस्सा माना जा रहा है। वहीं, सत्तापक्ष का पलटवार यह संकेत देता है कि जदयू इन मुद्दों को विपक्ष का 'राजनीतिक दाँव' करार देने की रणनीति पर चल रही है। आने वाले दिनों में इन मुद्दों पर राजनीतिक टकराव और तेज होने की संभावना है।