तेजस्वी यादव की टिप्पणियों पर साकेत सिंह की कड़ी प्रतिक्रिया: नीतीश कुमार का नाम क्यों लेते हैं?
सारांश
Key Takeaways
- तेजस्वी यादव की टिप्पणियाँ राजनीतिक विवाद को जन्म देती हैं।
- साकेत सिंह ने तेजस्वी पर गलत बयानबाजी का आरोप लगाया।
- नीतीश कुमार की उपलब्धियाँ बिहार के इतिहास में दर्ज होंगी।
- राजनीतिक प्रतिस्पर्धा का स्तर बढ़ता जा रहा है।
- बिहार की राजनीति में बयानबाजी का महत्व है।
पटना, 11 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। नीतीश कुमार के राज्यसभा सांसद के शपथ ग्रहण पर तेजस्वी यादव की टिप्पणी के उत्तर में जदयू नेता साकेत सिंह ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने तेजस्वी यादव पर नीतीश कुमार के संबंध में गैर-जिम्मेदाराना बयानबाजी करने का आरोप लगाया।
शुक्रवार को विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा था, "मैंने पहले ही कहा था कि उन्हें शांतिपूर्वक कार्य नहीं करने दिया जाएगा। नीतीश कुमार की राज्यसभा जाने की कोई व्यक्तिगत इच्छा नहीं थी। चुनाव के समय एनडीए के नेता 25 से 30 वर्ष तक नीतीश कुमार के नेतृत्व की बात कर रहे थे लेकिन अब अचानक सरकार में बदलाव किया जा रहा है। यदि यही निर्णय लेना था, तो चुनाव के पूर्व क्यों नहीं बताया गया।"
तेजस्वी यादव के इस बयान पर जदयू नेता साकेत सिंह ने कहा, "नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने अपने शपथ ग्रहण के लिए तिथि निर्धारित की थी लेकिन यह हसरत पूरी नहीं हो सकी, इसलिए इस प्रकार के बयान दे रहे हैं। हमारे नेता नीतीश कुमार ने बिहार में ऐसा कीर्तिमान स्थापित किया है कि उनका नाम लिए बगैर किसी की नैया पार नहीं लगेगी। इसलिए बार-बार तेजस्वी प्रसाद नीतीश कुमार का नाम ले रहे हैं। नीतीश कुमार का नाम लेने से तेजस्वी का भविष्य में कल्याण हो सकता है।"
sाकेत सिंह ने कहा, "तेजस्वी यादव को जनता ने नेता प्रतिपक्ष का दर्जा दिया नहीं है; वह केवल नाम के हैं। अभी विदेश घूमकर आए हैं और अनाप-शनाप बयान दे रहे हैं। सुर्खियों में रहने के लिए ऐसी बयानबाजी करते रहते हैं।"
नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद छोड़ने पर साकेत सिंह ने कहा, "मैं और पूरे बिहार की जनता यह कभी नहीं चाहती थी। हालांकि नीतीश कुमार ने निर्णय ले लिया, तो हम लोगों ने भारी मन से समर्थन दिया है। नीतीश कुमार जैसा न पहले कोई था और न कोई होगा। नीतीश कुमार ने जो बिहार के लिए किया है, वह इतिहास के पन्नों में दर्ज होगा। आने वाली पीढ़ी भी नीतीश कुमार को याद रखेंगे। हमारी मांग है कि निशांत कुमार को बिहार का मुख्यमंत्री बनाया जाए।"