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मध्य प्रदेश: सीएम मोहन यादव ने नर्मदा की सुरक्षा के लिए अतिक्रमणकारियों पर कड़ी कार्रवाई का आदेश दिया

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मध्य प्रदेश: सीएम मोहन यादव ने नर्मदा की सुरक्षा के लिए अतिक्रमणकारियों पर कड़ी कार्रवाई का आदेश दिया

सारांश

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने नर्मदा नदी के संरक्षण के लिए सरकार और समाज के बीच सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने अमरकंटक में अधिकारियों को अवैध अतिक्रमण के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। जानिए उनके महत्वपूर्ण निर्देश और नर्मदा की पवित्रता की रक्षा के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।

मुख्य बातें

नर्मदा नदी का संरक्षण सभी की जिम्मेदारी है।
अवैध अतिक्रमण पर कार्रवाई होगी।
सरकार और समाज का सहयोग आवश्यक है।
अमरकंटक की पवित्रता की रक्षा के लिए जनजागरूकता बढ़ाई जाएगी।
पर्यावरण संतुलन बनाए रखने पर जोर दिया जाएगा।

अमरकंटक, १३ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोमवार को नर्मदा नदी के संरक्षण की सामूहिक जिम्मेदारी पर जोर दिया। उन्होंने इस नदी को जीवनदायिनी बताते हुए सरकार और समाज के बीच समन्वित प्रयासों की आवश्यकता की अपील की, ताकि इसकी पवित्रता की रक्षा हो सके।

अमरकंटक में नर्मदा समग्र मिशन की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को मां नर्मदा के उद्गम स्थल को संरक्षित और विकसित करने के लिए ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री यादव ने कहा, ''नर्मदा हमारी सबसे पवित्र और जीवनदायिनी नदियों में से एक है। इसके संरक्षण के लिए प्रशासन और समाज दोनों की निरंतर कोशिश और सक्रिय भागीदारी जरूरी है।''

उन्होंने अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण के सदस्यों को शामिल करते हुए जनजागरूकता अभियान तेज करने के निर्देश दिए, ताकि नदी के उद्गम स्थल की रक्षा हो सके और अमरकंटक की पवित्रता बनी रहे।

सीएम ने नदी के किनारों और उद्गम स्थल पर अवैध अतिक्रमण के खिलाफ सख्त और लगातार कार्रवाई करने के आदेश भी दिए।

उन्होंने कहा कि अनियंत्रित निर्माण गतिविधियों पर रोक लगाई जाए और क्षेत्र में बिना नियंत्रण के कंक्रीट निर्माण की अनुमति न दी जाए।

पर्यावरण से जुड़े मुद्दों पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने नदी प्रदूषण, अपशिष्ट जल निस्तारण और जल प्रबंधन से संबंधित मामलों की समीक्षा की।

अधिकारियों ने बताया कि अमरकंटक में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट चालू है और गंदे पानी को नदी में जाने से रोकने के प्रयास जारी हैं।

पर्यावरण संतुलन पर जोर देते हुए सीएम मोहन यादव ने वन अधिकारियों को स्थानीय और औषधीय पौधों के रोपण को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए, ताकि भूजल स्तर मजबूत हो और प्राकृतिक जंगलों का संरक्षण हो सके।

उन्होंने कहा कि स्थानीय और बाहरी लोगों द्वारा बड़े पैमाने पर हो रहे निर्माण कार्यों को तय नियमों के अनुसार नियंत्रित किया जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने अमरकंटक में प्लास्टिक और शराब के उपयोग पर सख्त प्रतिबंध लगाने की भी बात कही।

उन्होंने अधिकारियों को 'नो मूवमेंट' और 'नो कंस्ट्रक्शन' जोन तय करने के निर्देश दिए, ताकि क्षेत्र की पर्यावरणीय और सांस्कृतिक धरोहर की रक्षा हो सके।

उन्होंने कहा, 'अमरकंटक का संरक्षण केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह हमारी प्राकृतिक और आध्यात्मिक विरासत को सुरक्षित रखने की साझा जिम्मेदारी है।'

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि समाज को भी सक्रिय रूप से शामिल करने का प्रयास है। यह दिशा नर्मदा की पवित्रता और पर्यावरण संतुलन की रक्षा के लिए आवश्यक है।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नर्मदा नदी के संरक्षण के लिए कौन से कदम उठाए जा रहे हैं?
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने नर्मदा नदी के संरक्षण के लिए अधिकारियों को अवैध अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई करने और जनजागरूकता अभियान बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
अमरकंटक में नर्मदा नदी का उद्गम स्थल क्यों महत्वपूर्ण है?
अमरकंटक में नर्मदा का उद्गम स्थल न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि यह पर्यावरण के लिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह क्षेत्र की जलवायु और पारिस्थितिकी को प्रभावित करता है।
राष्ट्र प्रेस
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