ईरानी राष्ट्रपति पेजेश्कियन भारत दौरे के बाद तेहरान रवाना, PM मोदी से ईरान में मुलाकात की उम्मीद जताई
सारांश
मुख्य बातें
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन 13 सितंबर 2026 (रविवार) को 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के बाद नई दिल्ली से तेहरान के लिए रवाना हो गए। भारत में स्थित ईरानी दूतावास ने एक्स पर उनके प्रस्थान की आधिकारिक सूचना और तस्वीर साझा की। प्रस्थान से पहले राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जल्द ईरान में मुलाकात की उम्मीद व्यक्त की।
विदाई संदेश और मित्रता का इज़हार
ईरानी दूतावास ने एक्स पर प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पेजेश्कियन की एक तस्वीर साझा करते हुए लिखा, 'अलविदा, मेरे प्रिय मित्र। मैं बहुत जल्द ईरान में आपसे मुलाकात की प्रतीक्षा कर रहा हूं।' यह संदेश दोनों देशों के बीच व्यक्तिगत और कूटनीतिक गर्मजोशी का स्पष्ट संकेत माना जा रहा है।
यह पेजेश्कियन की भारत की पहली आधिकारिक यात्रा थी, जिसे प्रधानमंत्री मोदी ने भी 'विशेष' करार दिया।
PM मोदी और पेजेश्कियन की द्विपक्षीय बैठक
शुक्रवार को ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के इतर प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति पेजेश्कियन से द्विपक्षीय वार्ता की। बैठक के बाद प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और ईरान को 'दीर्घकालिक तथा दोनों देशों के लिए लाभकारी रणनीति के साथ आगे बढ़ना चाहिए।'
मोदी ने एक्स पर लिखा, 'बिश्केक से दिल्ली तक सार्थक संवाद जारी है। ईरान के राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेजेश्कियन से मुलाकात कर खुशी हुई।' दोनों नेताओं ने भारत-ईरान द्विपक्षीय संबंधों को मज़बूत करने तथा क्षेत्रीय परिस्थितियों पर विचार-विमर्श किया। भारत ने इस बैठक में एक बार फिर स्थायी शांति के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
राष्ट्रपति मुर्मू से मुलाकात और शांति का संदेश
शनिवार को राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। राष्ट्रपति सचिवालय के अनुसार, दोनों नेताओं ने भारत-ईरान के ऐतिहासिक मैत्रीपूर्ण संबंधों, साझा सांस्कृतिक विरासत और जन-जन के बीच गहरे जुड़ाव पर चर्चा की।
राष्ट्रपति मुर्मू ने इस बातचीत में संवाद और कूटनीति के ज़रिये स्थायी शांति स्थापित करने के लिए भारत की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव चरम पर है और भारत की 'शांति-प्रथम' कूटनीति को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल रही है।
ब्रिक्स संदर्भ और भारत-ईरान संबंधों का महत्व
गौरतलब है कि ईरान ब्रिक्स का नया सदस्य है और 18वाँ ब्रिक्स शिखर सम्मेलन नई दिल्ली में आयोजित हुआ। इस सम्मेलन में पेजेश्कियन की भागीदारी कूटनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। भारत और ईरान के बीच चाबहार बंदरगाह परियोजना और ऊर्जा सहयोग जैसे अहम मुद्दे द्विपक्षीय एजेंडे में सर्वोच्च प्राथमिकता पर हैं।
आने वाले समय में यदि प्रधानमंत्री मोदी की ईरान यात्रा होती है, तो यह कई वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली ईरान यात्रा होगी — जो दोनों देशों के संबंधों में एक नए अध्याय की शुरुआत होगी।