पीएम मोदी और ईरान के राष्ट्रपति के बीच क्षेत्रीय स्थिति पर महत्वपूर्ण चर्चा
सारांश
Key Takeaways
- प्रधानमंत्री मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति से बात की।
- शांति और संवाद पर जोर दिया गया।
- भारत की सुरक्षा प्राथमिकता है।
- मिडिल ईस्ट में तनाव पर चिंता व्यक्त की गई।
नई दिल्ली, 12 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज ईरान के राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेजेशकियन के साथ क्षेत्र की बढ़ती गंभीर स्थिति पर चर्चा की। उन्होंने संवाद और कूटनीति के माध्यम से समस्याओं के समाधान की आवश्यकता पर जोर दिया।
प्रधानमंत्री ने नागरिकों की सुरक्षा और बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान पर अपनी चिंता व्यक्त करते हुए भारत की शांति, स्थिरता और सुरक्षित यात्रा के प्रति प्रतिबद्धता को दोहराया।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पीएम मोदी ने लिखा, ''ईरान के राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेजेशकियन से इलाके के गंभीर हालात पर चर्चा की। बढ़ते तनाव और आम नागरिकों के जीवन के संकट के साथ-साथ नागरिक अवसंरचना को हुए नुकसान पर गहरी चिंता व्यक्त की। भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और सुरक्षित आवागमन की आवश्यकता भारत की शीर्ष प्राथमिकता है।''
चर्चा के दौरान, प्रधानमंत्री ने शांति और स्थिरता के लिए भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया और संवाद और कूटनीति का मार्ग अपनाने की अपील की।
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच, भारत सभी के साथ अपने संबंधों को मजबूत बनाए हुए है। यह बातचीत ऐसे समय हो रही है जब ईरान एक गंभीर संघर्ष की स्थिति में है। इजराइल के साथ उसका युद्ध अभी भी चिंताजनक बना हुआ है।
गुरुवार को ईरान ने इजराइल पर मिसाइलों से हमला किया। ईरान ने इजराइल की राजधानी येरुशलम पर मिसाइलें दागी।
एक मिसाइल पुराने शहर, वेस्टर्न वॉल, अल-अक्सा मस्जिद और चर्च ऑफ द होली सेपुलकर के पास गिरी, जिसके कारण आज नमाज़ कुछ समय के लिए रोक दी गई।
इजरायली रक्षा बल (आईडीएफ) ने ईरान की ओर से मिसाइलें दागने का दावा किया। उन्होंने बताया कि उनकी रक्षा प्रणाली सक्रिय हो गई है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।
आईडीएफ ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जानकारी साझा करते हुए कहा, ''रक्षा प्रणाली इन खतरों को रोकने के लिए काम कर रही है। पिछले कुछ मिनटों में फ्रंट कमांड ने संबंधित क्षेत्रों में मोबाइल फोन पर प्रारंभिक निर्देश जारी किए हैं। लोगों से अनुरोध है कि वे जिम्मेदारी से कार्य करें और दिए गए निर्देशों का पालन करें। अलर्ट मिलने पर सुरक्षित स्थान में प्रवेश करना आवश्यक है और नए निर्देश मिलने तक वहीं रहें।''