सुप्रीम कोर्ट ने आरकॉम लोन फ्रॉड में CBI-ED रिपोर्ट रिकॉर्ड पर ली, अनिल अंबानी मामले की अगली सुनवाई 8 मई को

Click to start listening
सुप्रीम कोर्ट ने आरकॉम लोन फ्रॉड में CBI-ED रिपोर्ट रिकॉर्ड पर ली, अनिल अंबानी मामले की अगली सुनवाई 8 मई को

सारांश

आरकॉम लोन फ्रॉड मामले में सुप्रीम कोर्ट ने CBI और ED की सीलबंद रिपोर्टें रिकॉर्ड पर लीं, लेकिन असली सवाल अनुत्तरित रहा — कथित मुख्य आरोपी अनिल अंबानी अभी तक गिरफ्तार क्यों नहीं हुए? ₹40,185 करोड़ के बकाया लोन और ₹19,344 करोड़ से अधिक की जब्त संपत्तियों के बीच, 8 मई की सुनवाई निर्णायक हो सकती है।

Key Takeaways

सर्वोच्च न्यायालय ने 30 अप्रैल 2026 को CBI और ED की स्टेटस रिपोर्ट रिकॉर्ड पर ली; अगली सुनवाई 8 मई 2026 को। याचिकाकर्ता के वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि कथित मुख्य आरोपी अनिल अंबानी को अभी तक गिरफ्तार नहीं किया गया। ED ने PMLA के तहत ₹3,034.90 करोड़ की नई संपत्तियाँ अस्थायी रूप से जब्त कीं; कुल जब्त संपत्ति ₹19,344 करोड़ से अधिक। आरकॉम और उससे जुड़ी कंपनियों पर देश-विदेश के बैंकों का ₹40,185 करोड़ का लोन बकाया है। CBI ने पहले आरकॉम के दो वरिष्ठ अधिकारियों — डी. विश्वनाथ (जॉइंट प्रेसिडेंट) और अनिल कालिया (वाइस प्रेसिडेंट) — को गिरफ्तार किया था। 17 सरकारी बैंकों और वित्तीय संस्थानों को कथित फर्जी कंपनियों के माध्यम से भारी नुकसान पहुँचाने का आरोप है।

सर्वोच्च न्यायालय ने गुरुवार, 30 अप्रैल 2026 को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा दाखिल नई स्टेटस रिपोर्ट को रिकॉर्ड पर ले लिया। यह रिपोर्ट रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) और उससे जुड़ी कंपनियों के कथित बड़े बैंक घोटाले की जांच से संबंधित है, जिसमें ₹40,185 करोड़ से अधिक का बकाया लोन शामिल है। अदालत ने अगली सुनवाई 8 मई 2026 (शुक्रवार) को निर्धारित की है।

सुनवाई में क्या हुआ

मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत की अध्यक्षता वाली पीठ — जिसमें जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम. पंचोली भी शामिल थे — के समक्ष याचिकाकर्ता की ओर से वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि जांच में प्रगति के बावजूद मामले के कथित 'मुख्य आरोपी' को अभी तक गिरफ्तार नहीं किया गया है। भूषण ने अदालत में कहा,

Point of View

000 करोड़ से अधिक का सार्वजनिक बैंक धन दाँव पर है, वहीं कथित मुख्य आरोपी अभी भी गिरफ्तारी से बाहर हैं। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता का यह कहना कि वे किसी विशेष व्यक्ति की गिरफ्तारी पर टिप्पणी नहीं कर सकते, एजेंसियों की स्वायत्तता और राजनीतिक दबाव के बीच की पुरानी बहस को फिर से उठाता है। ED द्वारा ₹19,344 करोड़ से अधिक की संपत्ति जब्त करना कार्रवाई का संकेत देता है, लेकिन बिना शीर्ष स्तर की जवाबदेही के, यह प्रक्रिया अधूरी लगती है। 8 मई की सुनवाई यह तय कर सकती है कि सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में यह जांच वास्तव में निर्णायक मोड़ लेती है या नहीं।
NationPress
30/04/2026

Frequently Asked Questions

आरकॉम लोन फ्रॉड मामला क्या है?
रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) और उससे जुड़ी कंपनियों पर आरोप है कि उन्होंने देश-विदेश के बैंकों से लिए गए लोन में धोखाधड़ी की, जिसमें ₹40,185 करोड़ अभी भी बकाया है। CBI का आरोप है कि फर्जी कंपनियों के माध्यम से लेन-देन कर 17 सरकारी बैंकों और वित्तीय संस्थानों को भारी नुकसान पहुँचाया गया।
30 अप्रैल 2026 को सुप्रीम कोर्ट में क्या हुआ?
सर्वोच्च न्यायालय ने CBI और ED द्वारा दाखिल सीलबंद स्टेटस रिपोर्ट को रिकॉर्ड पर लिया और अगली सुनवाई 8 मई 2026 के लिए तय की। अदालत ने यह भी आश्वासन दिया कि अनिल अंबानी पक्ष को अपनी बात रखने का पूरा अवसर दिया जाएगा।
अनिल अंबानी को अभी तक गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया?
याचिकाकर्ता के वकील प्रशांत भूषण ने अदालत में यह सवाल उठाया कि जांच में प्रगति के बावजूद कथित मुख्य आरोपी अनिल अंबानी को गिरफ्तार नहीं किया गया। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि वे किसी विशेष व्यक्ति की गिरफ्तारी पर टिप्पणी नहीं कर सकते।
ED ने इस मामले में अब तक कितनी संपत्ति जब्त की है?
ED ने हाल ही में PMLA के तहत ₹3,034.90 करोड़ की नई संपत्तियाँ अस्थायी रूप से जब्त कीं। इसके साथ ही रिलायंस अनिल अंबानी ग्रुप से जुड़े मामलों में कुल जब्त संपत्ति ₹19,344 करोड़ से अधिक हो गई है।
इस मामले में CBI ने अब तक क्या कार्रवाई की है?
CBI ने आरकॉम के दो वरिष्ठ अधिकारियों — जॉइंट प्रेसिडेंट डी. विश्वनाथ और वाइस प्रेसिडेंट अनिल कालिया — को गिरफ्तार किया है। एजेंसी का आरोप है कि फर्जी कंपनियों के माध्यम से पैसे घुमाए गए, जिससे 17 सरकारी बैंकों को नुकसान पहुँचा।
Nation Press