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गुवाहाटी के सतगांव में जलभराव: वार्ड नंबर 7 में आवाजाही प्रभावित, DRIMS रिपोर्ट में कोई हताहत नहीं

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गुवाहाटी के सतगांव में जलभराव: वार्ड नंबर 7 में आवाजाही प्रभावित, DRIMS रिपोर्ट में कोई हताहत नहीं

सारांश

गुवाहाटी के सतगांव में 30 अप्रैल को हुई बारिश के बाद वार्ड नंबर 7 में आंशिक जलभराव दर्ज किया गया। DRIMS की रिपोर्ट के अनुसार कोई हताहत नहीं हुआ और स्थिति नियंत्रण में रही — लेकिन IMD की आगामी बारिश की चेतावनी के बीच शहर की पुरानी जल निकासी समस्या एक बार फिर चर्चा में है।

मुख्य बातें

30 अप्रैल को बारिश के बाद गुवाहाटी के सतगांव (वार्ड नंबर 7, एसएफएस स्कूल के पास) में आंशिक जलभराव हुआ।
DRIMS रिपोर्ट के अनुसार प्रभावित जिला केवल कामरूप महानगर , प्रभावित राजस्व सर्किल दिसपुर ।
कोई हताहत, घायल, विस्थापन, बुनियादी ढाँचे को नुकसान या राहत शिविर की जरूरत नहीं पड़ी।
IMD ने आने वाले दिनों में असम के कई हिस्सों में और बारिश की संभावना जताई है।
राज्य सरकार मानसून से पहले नालों की सफाई और पंपिंग स्टेशनों के उन्नयन का काम कर रही है।

गुवाहाटी, 30 अप्रैल — असम की राजधानी गुवाहाटी में गुरुवार को हुई बारिश के बाद सतगांव इलाके में आंशिक जलभराव की स्थिति उत्पन्न हुई, जिससे कुछ समय के लिए आवाजाही बाधित रही। डिजास्टर रिपोर्टिंग एंड इंफॉर्मेशन मैनेजमेंट सिस्टम (DRIMS), असम की आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, स्थिति नियंत्रण में रही और किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है।

मुख्य घटनाक्रम

DRIMS की रिपोर्ट में कहा गया कि इस बारिश से प्रभावित एकमात्र जिला कामरूप महानगर रहा और प्रभावित राजस्व सर्किल दिसपुर बताया गया। गुवाहाटी नगर क्षेत्र के वार्ड नंबर 7 में एसएफएस स्कूल के निकट सतगांव में जलभराव दर्ज किया गया, जिससे यात्रियों को कुछ समय तक परेशानी का सामना करना पड़ा।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जलभराव मामूली और स्थानीय स्तर तक सीमित था। न कोई राहत शिविर खोला गया, न ही राहत वितरण केंद्र स्थापित करने की आवश्यकता पड़ी।

बुनियादी ढाँचे को नुकसान नहीं

अधिकारियों के मुताबिक, प्रभावित क्षेत्र में किसी मकान, सड़क, पुल या अन्य बुनियादी ढाँचे को कोई नुकसान नहीं पहुँचा। पशुधन हानि या लोगों के विस्थापन की भी कोई सूचना नहीं मिली। बचाव दल, नाव, हेलीकॉप्टर या मेडिकल यूनिट तैनात करने की भी जरूरत नहीं पड़ी।

गुवाहाटी की पुरानी जलभराव समस्या

गौरतलब है कि गुवाहाटी में मानसून के दौरान शहरी जलभराव लंबे समय से एक गंभीर समस्या रही है। अनिल नगर, नवीन नगर, हाटीगांव, रुक्मिणीगांव और सतगांव जैसे निचले इलाकों में तेज बारिश के बाद अक्सर पानी जमा हो जाता है। यह ऐसे समय में आया है जब प्री-मानसून बारिश का सिलसिला शुरू हो चुका है और आने वाले हफ्तों में स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो सकती है।

मौसम विभाग की चेतावनी

भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने आने वाले दिनों में असम के कई हिस्सों में और बारिश की संभावना जताई है। विभाग की इस चेतावनी के मद्देनज़र राज्य के विभिन्न हिस्सों में निगरानी बढ़ा दी गई है, ताकि संवेदनशील इलाकों में स्थिति बिगड़ने पर तत्काल कार्रवाई की जा सके।

सरकार की तैयारी और विशेषज्ञों की राय

असम राज्य सरकार मानसून से पहले गुवाहाटी में नालों की सफाई, पंपिंग स्टेशनों के उन्नयन और सड़क किनारे जलनिकासी व्यवस्था दुरुस्त करने का काम कर रही है। हालाँकि, शहरी विशेषज्ञों का कहना है कि शहर की दीर्घकालिक जलभराव समस्या से निपटने के लिए आधुनिक स्टॉर्म वाटर मैनेजमेंट सिस्टम और सुनियोजित शहरी नियोजन अनिवार्य होगा। मानसून के पूरी तरह दस्तक देने से पहले इन उपायों की प्रभावशीलता की असली परीक्षा होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह हर साल दोहराई जाने वाली उस कहानी की शुरुआत है जिसमें शहर मानसून के सामने बेबस नज़र आता है। दशकों से नालों की सफाई और पंपिंग स्टेशनों के 'उन्नयन' की घोषणाएँ होती रही हैं, फिर भी सतगांव, हाटीगांव और रुक्मिणीगांव जैसे इलाके हर साल डूबते हैं। असली सवाल यह है कि क्या राज्य सरकार की प्री-मानसून तैयारी केवल कागज़ी है या ज़मीन पर भी उतरती है — और इसका जवाब अगले कुछ हफ्तों की बारिश देगी।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुवाहाटी के सतगांव में जलभराव कब और कहाँ हुआ?
30 अप्रैल 2026 को गुरुवार को हुई बारिश के बाद गुवाहाटी नगर क्षेत्र के वार्ड नंबर 7 में एसएफएस स्कूल के पास सतगांव इलाके में जलभराव दर्ज किया गया। यह प्रभावित राजस्व सर्किल दिसपुर के अंतर्गत आता है।
क्या इस जलभराव में कोई हताहत या नुकसान हुआ?
DRIMS, असम की आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार इस घटना में कोई हताहत, घायल या विस्थापित नहीं हुआ। किसी मकान, सड़क, पुल या बुनियादी ढाँचे को भी कोई नुकसान नहीं पहुँचा।
गुवाहाटी में बार-बार जलभराव क्यों होता है?
गुवाहाटी के अनिल नगर, नवीन नगर, हाटीगांव, रुक्मिणीगांव और सतगांव जैसे निचले इलाकों में पुरानी और अपर्याप्त जल निकासी व्यवस्था के कारण तेज बारिश के बाद पानी जमा हो जाता है। शहरी विशेषज्ञों के अनुसार दीर्घकालिक समाधान के लिए आधुनिक स्टॉर्म वाटर मैनेजमेंट सिस्टम और सुनियोजित शहरी नियोजन जरूरी है।
IMD ने असम के लिए क्या पूर्वानुमान जारी किया है?
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने आने वाले दिनों में असम के कई हिस्सों में और बारिश की संभावना जताई है। इसके मद्देनज़र राज्य प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है।
राज्य सरकार मानसून से पहले क्या तैयारी कर रही है?
असम राज्य सरकार मानसून से पहले गुवाहाटी में नालों की सफाई, पंपिंग स्टेशनों के उन्नयन और सड़क किनारे जलनिकासी व्यवस्था दुरुस्त करने का काम कर रही है। हालाँकि, शहरी विशेषज्ञों का कहना है कि इन उपायों की प्रभावशीलता की असली परीक्षा मानसून के दौरान होगी।
राष्ट्र प्रेस
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