मध्य प्रदेश गुजरात की राह पर: CM मोहन यादव ने नदी-जोड़ो परियोजनाओं और कृषि सुधारों को बताया विकास का आधार
सारांश
Key Takeaways
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 30 अप्रैल 2026 को भोपाल के रवींद्र भवन में आयोजित 'कृषि कर्मयोगी' ओरिएंटेशन ट्रेनिंग और वर्कशॉप को संबोधित करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश गुजरात की तर्ज पर समृद्धि के पथ पर तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने इस प्रगति का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्र सरकार के सहयोग को दिया।
मुख्य घटनाक्रम
मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश को तीन महत्वपूर्ण नदी-जोड़ो परियोजनाएँ मिली हैं, जिनसे राज्य में जल उपलब्धता में उल्लेखनीय सुधार होने और कृषि क्षेत्र को नई गति मिलने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि केन-बेतवा लिंक प्रोजेक्ट से बुंदेलखंड क्षेत्र को सीधा लाभ मिल रहा है।
इसके अलावा, पार्वती-कालीसिंध-चंबल (PKC) प्रोजेक्ट से मध्य प्रदेश के कई जिलों के साथ-साथ पड़ोसी राज्य राजस्थान को भी सिंचाई और पेयजल की सुविधा मिलेगी। उन्होंने बताया कि राजस्थान के कई जिलों के लोगों ने PKC प्रोजेक्ट पर आम सहमति बनाने में मध्य प्रदेश की भूमिका के लिए आभार व्यक्त किया है।
केंद्र सरकार का वित्तीय सहयोग
मुख्यमंत्री यादव ने रेखांकित किया कि केंद्र सरकार ने इन नदी-जोड़ो परियोजनाओं की कुल लागत का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा वहन किया है। उन्होंने कहा कि यह जल सुरक्षा, सिंचाई के विस्तार और ग्रामीण विकास के प्रति केंद्र की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। गौरतलब है कि इस स्तर का वित्तीय सहयोग राज्य की बड़ी बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं के लिए असामान्य नहीं है, लेकिन इसका पैमाना उल्लेखनीय है।
नर्मदा जल और गुजरात मॉडल
मुख्यमंत्री ने मध्य प्रदेश को 'नदियों की मातृभूमि' बताते हुए जल संसाधनों के प्रभावी उपयोग, संरक्षण और वैज्ञानिक प्रबंधन की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा,