मध्य प्रदेश गुजरात की राह पर: CM मोहन यादव ने नदी-जोड़ो परियोजनाओं और कृषि सुधारों को बताया विकास का आधार

Click to start listening
मध्य प्रदेश गुजरात की राह पर: CM मोहन यादव ने नदी-जोड़ो परियोजनाओं और कृषि सुधारों को बताया विकास का आधार

सारांश

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने गुजरात मॉडल को अपना लक्ष्य बताते हुए नदी-जोड़ो परियोजनाओं और कृषि आधुनिकीकरण को राज्य की तरक्की का आधार बताया। केन-बेतवा और PKC जैसी परियोजनाओं में केंद्र की 90% भागीदारी इस दावे को ज़मीनी बल देती है।

Key Takeaways

CM मोहन यादव ने 30 अप्रैल 2026 को भोपाल के रवींद्र भवन में 'कृषि कर्मयोगी' वर्कशॉप को संबोधित किया। मध्य प्रदेश को तीन नदी-जोड़ो परियोजनाएँ मिली हैं — केन-बेतवा , PKC और एक अन्य। केंद्र सरकार ने परियोजनाओं की कुल लागत का लगभग 90% वहन किया है। केन-बेतवा से बुंदेलखंड और PKC से MP व राजस्थान के कई जिलों को सिंचाई लाभ मिलेगा। 16 विभागों की योजनाओं को 'किसान कल्याण वर्ष' के तहत एकीकृत किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 30 अप्रैल 2026 को भोपाल के रवींद्र भवन में आयोजित 'कृषि कर्मयोगी' ओरिएंटेशन ट्रेनिंग और वर्कशॉप को संबोधित करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश गुजरात की तर्ज पर समृद्धि के पथ पर तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने इस प्रगति का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्र सरकार के सहयोग को दिया।

मुख्य घटनाक्रम

मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश को तीन महत्वपूर्ण नदी-जोड़ो परियोजनाएँ मिली हैं, जिनसे राज्य में जल उपलब्धता में उल्लेखनीय सुधार होने और कृषि क्षेत्र को नई गति मिलने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि केन-बेतवा लिंक प्रोजेक्ट से बुंदेलखंड क्षेत्र को सीधा लाभ मिल रहा है।

इसके अलावा, पार्वती-कालीसिंध-चंबल (PKC) प्रोजेक्ट से मध्य प्रदेश के कई जिलों के साथ-साथ पड़ोसी राज्य राजस्थान को भी सिंचाई और पेयजल की सुविधा मिलेगी। उन्होंने बताया कि राजस्थान के कई जिलों के लोगों ने PKC प्रोजेक्ट पर आम सहमति बनाने में मध्य प्रदेश की भूमिका के लिए आभार व्यक्त किया है।

केंद्र सरकार का वित्तीय सहयोग

मुख्यमंत्री यादव ने रेखांकित किया कि केंद्र सरकार ने इन नदी-जोड़ो परियोजनाओं की कुल लागत का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा वहन किया है। उन्होंने कहा कि यह जल सुरक्षा, सिंचाई के विस्तार और ग्रामीण विकास के प्रति केंद्र की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। गौरतलब है कि इस स्तर का वित्तीय सहयोग राज्य की बड़ी बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं के लिए असामान्य नहीं है, लेकिन इसका पैमाना उल्लेखनीय है।

नर्मदा जल और गुजरात मॉडल

मुख्यमंत्री ने मध्य प्रदेश को 'नदियों की मातृभूमि' बताते हुए जल संसाधनों के प्रभावी उपयोग, संरक्षण और वैज्ञानिक प्रबंधन की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा,

Point of View

क्योंकि इस तरह की बड़ी परियोजनाओं में क्रियान्वयन की देरी एक पुरानी समस्या रही है। केन-बेतवा परियोजना वर्षों से चर्चा में है और अभी पूरी तरह चालू नहीं हुई है। बिना समयबद्ध जवाबदेही के, ये घोषणाएँ महज़ चुनावी वादों की श्रेणी में आने का जोखिम उठाती हैं।
NationPress
30/04/2026

Frequently Asked Questions

CM मोहन यादव ने गुजरात मॉडल का ज़िक्र किस संदर्भ में किया?
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 30 अप्रैल 2026 को भोपाल के रवींद्र भवन में 'कृषि कर्मयोगी' वर्कशॉप में कहा कि मध्य प्रदेश गुजरात की तरह नर्मदा जल के प्रभावी उपयोग से समृद्धि की राह पर है। उन्होंने PM मोदी के नेतृत्व और केंद्र के सहयोग को इसका आधार बताया।
केन-बेतवा लिंक प्रोजेक्ट से किसे फ़ायदा होगा?
केन-बेतवा लिंक प्रोजेक्ट से मुख्य रूप से बुंदेलखंड क्षेत्र को लाभ मिलने की उम्मीद है, जो लंबे समय से जल संकट से जूझता रहा है। यह परियोजना सिंचाई सुविधा और जल उपलब्धता बढ़ाने के लिए बनाई गई है।
PKC परियोजना क्या है और इससे राजस्थान को कैसे फ़ायदा होगा?
पार्वती-कालीसिंध-चंबल (PKC) परियोजना मध्य प्रदेश की एक प्रमुख नदी-जोड़ो पहल है, जिससे MP के कई जिलों के साथ-साथ राजस्थान को भी सिंचाई और पेयजल सुविधा मिलेगी। CM यादव के अनुसार, राजस्थान के जिलों ने इस परियोजना में MP की भूमिका के लिए आभार व्यक्त किया है।
केंद्र सरकार ने इन परियोजनाओं में कितना योगदान दिया है?
CM यादव के अनुसार, केंद्र सरकार ने नदी-जोड़ो परियोजनाओं की कुल लागत का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा वहन किया है। यह जल सुरक्षा और ग्रामीण विकास के प्रति केंद्र की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
'किसान कल्याण वर्ष' के तहत क्या किया जा रहा है?
'किसान कल्याण वर्ष' के अंतर्गत मध्य प्रदेश में 16 विभागों की योजनाओं को एकीकृत किया जा रहा है, ताकि किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों का समग्र विकास सुनिश्चित हो सके। इसके साथ ई-गवर्नेंस, 'सार्थक' ऐप, उर्वरक वितरण सुधार और पराली प्रबंधन जैसी पहलों को भी प्राथमिकता दी जा रही है।
Nation Press