बरगी डैम क्रूज हादसा: 4 की मौत, 12 लापता; CM मोहन यादव ने किया दुख व्यक्त, अधिकारियों को घटनास्थल पहुंचने के निर्देश
सारांश
Key Takeaways
जबलपुर के बरगी डैम में 30 अप्रैल 2026 की शाम अचानक आए तेज आंधी-तूफान के कारण एक क्रूज नाव पलट गई, जिसमें 4 लोगों की मौत हो गई और 12 से अधिक पर्यटक अब भी लापता हैं। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने हादसे पर गहरा दुख जताते हुए राहत एवं बचाव अभियान में तेज़ी लाने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों के अनुसार, अब तक 15 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है।
हादसे का घटनाक्रम
नर्मदा नदी के बैकवाटर क्षेत्र में स्थित खमरिया द्वीप के पास 30 से अधिक यात्रियों से भरी एक क्रूज नाव तेज तूफान और ऊंची लहरों की चपेट में आकर पलट गई। पुलिस और स्थानीय प्रशासन के अनुसार, तेज हवाओं और खराब मौसम ने नाव का संतुलन बिगाड़ दिया और कुछ ही देर में वह डूब गई। हादसे के बाद कई पर्यटक डैम के गहरे पानी में जा गिरे।
बचाव अभियान की स्थिति
घटना की सूचना मिलते ही बरगी पुलिस, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) और स्थानीय गोताखोरों की टीमें मौके पर पहुंचीं और बचाव कार्य शुरू किया गया। अधिकारियों के मुताबिक, अब तक 15 लोगों को सकुशल बाहर निकाल लिया गया है, जबकि 12 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। खोज अभियान रात भर जारी रहने की संभावना है।
मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर कहा कि स्थानीय प्रशासन और रेस्क्यू फोर्स का ऑपरेशन लगातार जारी है और प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद दी जा रही है। उन्होंने लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी, संभाग प्रभारी एसीएस, एडीजी और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को तुरंत घटनास्थल पर पहुंचने के निर्देश दिए। यादव ने कहा कि संकट की इस घड़ी में राज्य सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है।
आम जनता पर असर
यह हादसा ऐसे समय में हुआ है जब गर्मियों की छुट्टियों के चलते बरगी डैम पर पर्यटकों की भारी आवाजाही रहती है। गौरतलब है कि नर्मदा नदी के इस बैकवाटर क्षेत्र में क्रूज पर्यटन हाल के वर्षों में तेज़ी से लोकप्रिय हुआ है। हादसे के बाद क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियाँ अस्थायी रूप से रोक दी गई हैं, और लापता लोगों के परिजन घटनास्थल के पास एकत्र हो गए हैं।
क्या होगा आगे
बचाव दल रात भर तलाशी अभियान जारी रखेगा। प्रशासन ने अतिरिक्त गोताखोर और नावें तैनात करने के संकेत दिए हैं। हादसे के कारणों की जाँच और नाव संचालन की अनुमति प्रक्रिया की समीक्षा भी अपेक्षित है।