नोएडा पुलिस ने वाहन चोरी गैंग का भंडाफोड़ किया, दो गिरफ्तार; यमुना डूब क्षेत्र में छिपाते थे चोरी के वाहन
सारांश
Key Takeaways
नोएडा के थाना सेक्टर-126 पुलिस ने 29 अप्रैल 2025 को वाहन चोरी के एक सुनियोजित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो शातिर अभियुक्तों को सेक्टर-94, नोएडा से गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की एक स्कूटी, एक मोटरसाइकिल, घटना में इस्तेमाल की गई एक अन्य स्कूटी तथा एक .315 बोर का अवैध तमंचा और दो जिंदा कारतूस बरामद किए हैं।
गिरफ्तारी का घटनाक्रम
मामले की शुरुआत एक पीड़ित द्वारा थाना सेक्टर-126 में स्कूटी चोरी की शिकायत दर्ज कराने से हुई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष टीमें गठित कीं और जांच शुरू की। सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर दो संदिग्ध व्यक्ति स्कूटी ले जाते हुए कैमरे में कैद हुए। इसके बाद मैनुअल इंटेलिजेंस और गोपनीय सूचना के आधार पर दोनों आरोपियों को दबोचा गया।
आरोपियों की पहचान और आपराधिक पृष्ठभूमि
गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान कैलाश सिंह बघेल (26 वर्ष) और कार्तिक बाजपेई (21 वर्ष) के रूप में हुई है। पूछताछ में दोनों ने वाहन चोरी की कई घटनाओं को अंजाम देने की बात स्वीकार की है। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों का पुराना आपराधिक इतिहास है, जिसमें चोरी और आर्म्स एक्ट से जुड़े कई मामले दर्ज हैं।
वारदात का सुनियोजित तरीका
जांच में सामने आया कि यह गिरोह बेहद सोचे-समझे तरीके से काम करता था। आरोपी पहले ऐसे स्थानों की रेकी करते थे जहाँ वाहन बिना लॉक के खड़े होते थे। इसके बाद एक आरोपी चोरी किए जाने वाले वाहन पर बैठ जाता था, जबकि दूसरा अपनी स्कूटी से पैर के सहारे धक्का देकर वाहन को बिना स्टार्ट किए वहाँ से ले जाता था — इस तरकीब से किसी को संदेह नहीं होता था। चोरी किए गए वाहनों को तुरंत बेचने के बजाय यमुना डूब क्षेत्र की झाड़ियों में छिपाकर रखा जाता था और बाद में अवसर मिलने पर बेचा जाता था।
अवैध हथियार की बरामदगी
पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपी कैलाश सिंह बघेल अपने पास अवैध तमंचा इसलिए रखता था ताकि विरोध की स्थिति में लोगों को डराकर आसानी से फरार हो सके। यह ऐसे समय में आया है जब नोएडा-गाजियाबाद क्षेत्र में वाहन चोरी की घटनाओं में वृद्धि दर्ज की गई है। गौरतलब है कि यमुना डूब क्षेत्र का उपयोग अपराधियों द्वारा माल छिपाने के लिए पहले भी किया जाता रहा है।
आगे की कार्रवाई
पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश कर दिया है। गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश जारी है और चोरी के अन्य मामलों में भी इनकी संलिप्तता की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि इस कार्रवाई से क्षेत्र में वाहन चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।