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डीएफएस सचिव की हैदराबाद में बड़ी बैठक: डिजिटल धोखाधड़ी, फर्जी खाते और 'म्यूलहंटर AI' पर फोकस

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डीएफएस सचिव की हैदराबाद में बड़ी बैठक: डिजिटल धोखाधड़ी, फर्जी खाते और 'म्यूलहंटर AI' पर फोकस

सारांश

वित्त मंत्रालय के DFS सचिव ने हैदराबाद में साइबर धोखाधड़ी पर बड़ी बैठक बुलाई — 'ऑपरेशन ऑक्टोपस' की समीक्षा हुई, बैंकों को RBI का म्यूलहंटर AI तुरंत अपनाने का निर्देश मिला, और 'आपका धन, आपका अधिकार' अभियान के तहत 6 माह में 27.01 लाख नागरिकों को ₹6,453 करोड़ लौटाए जाने की जानकारी दी गई।

मुख्य बातें

DFS सचिव ने 30 अप्रैल 2026 को हैदराबाद में डिजिटल वित्तीय धोखाधड़ी पर उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की।
हैदराबाद पुलिस के 'ऑपरेशन ऑक्टोपस' की सीखों के आधार पर साइबर अपराध रोकथाम रणनीति पर चर्चा हुई।
बैंकों को RBI विकसित म्यूलहंटर AI टूल शीघ्र अपनाने का निर्देश दिया गया।
'आपका धन, आपका अधिकार' अभियान के तहत पिछले 6 महीनों में 27.01 लाख दावेदारों को ₹6,453 करोड़ वापस किए गए।
SLBC को राज्य पुलिस के साथ समन्वय और जन जागरूकता अभियान चलाने की सलाह दी गई।
लावारिस संपत्तियों के लिए कॉमन लैंडिंग पेज पोर्टल सार्वजनिक क्षेत्र के बीमा-बैंक गठबंधन द्वारा विकसित किया जा रहा है।

वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग (DFS) के सचिव ने 30 अप्रैल 2026 को हैदराबाद में एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें डिजिटल वित्तीय धोखाधड़ी और साइबर अपराधियों द्वारा फर्जी बैंक खातों के बढ़ते दुरुपयोग की विस्तृत समीक्षा की गई। इस बैठक में हैदराबाद पुलिस आयुक्त, सूचना एवं संचार पुलिस, केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI), भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI), IDPAIC और प्रमुख बैंकों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

ऑपरेशन ऑक्टोपस: मुख्य घटनाक्रम

बैठक का केंद्रबिंदु हैदराबाद पुलिस द्वारा हाल ही में संचालित 'ऑपरेशन ऑक्टोपस' रहा। इस अभियान से प्राप्त सीखों और अनुभवों के आधार पर साइबर-आधारित वित्तीय धोखाधड़ी से निपटने की रणनीति पर गहन चर्चा हुई। अधिकारियों ने ग्राहक सुरक्षा को मज़बूत करने और समन्वित प्रयासों को और धार देने की आवश्यकता पर बल दिया।

बैठक में कानून प्रवर्तन एजेंसियों और बैंकों के बीच घनिष्ठ सहयोग, वास्तविक समय में खुफिया जानकारी साझा करने और त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र को प्राथमिकता देने पर सहमति बनी। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में साइबर वित्तीय अपराधों की संख्या तेज़ी से बढ़ रही है।

म्यूलहंटर AI टूल अपनाने का निर्देश

DFS सचिव ने सभी बैंकों को निर्देश दिया कि वे RBI द्वारा विकसित म्यूलहंटर AI (MuleHunter AI) टूल को जल्द से जल्द अपनाएँ। यह टूल वित्तीय साइबर धोखाधड़ी में शामिल फर्जी (म्यूल) खातों की शीघ्र पहचान और उन्हें ब्लॉक करने में सक्षम है। गौरतलब है कि फर्जी खातों का उपयोग साइबर ठग अपराध से अर्जित धन को स्थानांतरित करने के लिए करते हैं, जिससे धन की वसूली बेहद कठिन हो जाती है।

'आपका धन, आपका अधिकार' अभियान की प्रगति

DFS सचिव ने विभाग के विशेष अभियान

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा इसके क्रियान्वयन की गति में है — भारत में बैंकिंग तकनीक अपनाने की रफ्तार अक्सर नीतिगत घोषणाओं से पीछे रहती है। 'ऑपरेशन ऑक्टोपस' जैसे अभियान स्थानीय स्तर पर प्रभावी हो सकते हैं, परंतु साइबर अपराध नेटवर्क राज्य और देश की सीमाओं से परे काम करते हैं, इसलिए केवल हैदराबाद-केंद्रित समन्वय पर्याप्त नहीं होगा। '₹6,453 करोड़ वापसी' का आँकड़ा उत्साहजनक है, लेकिन देश में कुल लावारिस संपत्तियों की तुलना में यह अभी भी एक छोटा हिस्सा है। जब तक कॉमन लैंडिंग पेज पोर्टल चालू नहीं होता और जन जागरूकता वास्तव में ज़मीनी स्तर तक नहीं पहुँचती, तब तक इन प्रयासों का व्यापक असर सीमित रहेगा।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

म्यूलहंटर AI टूल क्या है और यह कैसे काम करता है?
म्यूलहंटर AI (MuleHunter AI) RBI द्वारा विकसित एक कृत्रिम बुद्धिमत्ता-आधारित उपकरण है जो वित्तीय साइबर धोखाधड़ी में इस्तेमाल होने वाले फर्जी (म्यूल) बैंक खातों की स्वचालित पहचान और रोकथाम करता है। DFS सचिव ने सभी बैंकों को इसे शीघ्र अपनाने का निर्देश दिया है।
'ऑपरेशन ऑक्टोपस' क्या है?
'ऑपरेशन ऑक्टोपस' हैदराबाद पुलिस द्वारा हाल ही में चलाया गया एक साइबर वित्तीय धोखाधड़ी-रोधी अभियान है। इस अभियान से प्राप्त अनुभवों और सीखों को DFS की समीक्षा बैठक में राष्ट्रीय रणनीति बनाने के लिए आधार के रूप में प्रस्तुत किया गया।
'आपका धन, आपका अधिकार' अभियान से कितने नागरिकों को फायदा हुआ?
DFS के 'आपका धन, आपका अधिकार' अभियान के तहत पिछले 6 महीनों में 27.01 लाख दावेदारों को ₹6,453 करोड़ की लावारिस वित्तीय संपत्तियाँ वापस की गई हैं। इसमें बैंक जमा, बीमा, म्यूचुअल फंड, शेयर और लाभांश शामिल हैं।
कॉमन लैंडिंग पेज पोर्टल क्या होगा और कौन बना रहा है?
कॉमन लैंडिंग पेज एक एकीकृत ऑनलाइन पोर्टल होगा जो नागरिकों को अपनी लावारिस वित्तीय संपत्तियाँ आसानी से खोजने और दावा करने की सुविधा देगा। इसे सार्वजनिक क्षेत्र के बीमा-बैंक गठबंधन द्वारा विकसित किया जा रहा है।
साइबर वित्तीय धोखाधड़ी रोकने के लिए बैंकों और पुलिस के बीच क्या व्यवस्था बनाई जा रही है?
DFS सचिव ने SLBC को निर्देश दिया है कि वह बैंकों द्वारा उठाए गए साइबर सुरक्षा कदमों की जानकारी राज्य पुलिस अधिकारियों तक पहुँचाए। इसके साथ ही वास्तविक समय में खुफिया जानकारी साझा करने और त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र स्थापित करने पर भी सहमति बनी है।
राष्ट्र प्रेस
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