पीएम मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति पेजेश्कियन को ईद और नवरोज की बधाई दी
सारांश
Key Takeaways
- ईरान के राष्ट्रपति को बधाई देने का निर्णय
- शांति और स्थिरता की आवश्यकता पर जोर
- भारत ने संवाद और कूटनीति को प्राथमिकता दी
- ईरान में भारतीयों की सुरक्षा का ध्यान
- क्षेत्रीय तनाव के बीच बातचीत का महत्व
नई दिल्ली, 21 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच सैन्य संघर्ष के 22वें दिन, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईद और नवरोज के पावन अवसर पर ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन को बधाई दी। यह जानकारी प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया के माध्यम से साझा की।
पीएम मोदी ने लिखा, "मैंने ईरान के राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेजेश्कियन से फोन पर बातचीत की और उन्हें ईद तथा नवरोज की शुभकामनाएं दी। हमने आशा व्यक्त की कि यह पावन अवसर पश्चिम एशिया में शांति, स्थिरता और समृद्धि लेकर आए।"
उन्होंने आगे कहा कि इस क्षेत्र में आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों की निंदा की, जो स्थिरता के लिए खतरा हैं और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में बाधा उत्पन्न करते हैं।
बातचीत में, हमने समुद्री मार्गों की सुरक्षा बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया और यह सुनिश्चित किया कि समुद्री रास्ते सुरक्षित और खुले रहें। साथ ही, भारत ने ईरान का आभार व्यक्त किया कि वहां रह रहे भारतीयों की सुरक्षा का ध्यान रखा जा रहा है।
ईरान के सैन्य संघर्ष के बीच, भारत की 'डायलॉग और डिप्लोमेसी' की रणनीति को बखूबी लागू किया जा रहा है। पीएम मोदी ने लगातार पश्चिम एशिया के नेताओं से संवाद किया है। एक ही दिन में उन्होंने कुवैत के क्राउन प्रिंस, ओमान के सुल्तान, फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों, मलेशिया के पीएम और कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी से फोन पर बातचीत की और उन्हें ईद की अग्रिम शुभकामनाएं दी।
इस बातचीत की जानकारी भी सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दी गई थी। सभी से संवाद करते हुए, प्रधानमंत्री ने भारत की शांति के प्रति प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने यह कहा कि 'डायलॉग और डिप्लोमेसी' के माध्यम से ही समस्याओं का समाधान किया जा सकता है।
गौरतलब है कि 28 मार्च से यूएस-इजरायल द्वारा ईरान पर संयुक्त एयर स्ट्राइक के बाद से यह क्षेत्र काफी तनाव में है। ईरान के सुप्रीम लीडर अली अयातुल्ला खामेनेई सहित कई वरिष्ठ अधिकारी इस हमले के शिकार हुए हैं। जवाबी कार्रवाई में, ईरान ने अमेरिका के गल्फ स्थित बेस को निशाना बनाया है। 22 दिन बीत जाने के बाद भी किसी समाधान की दिशा में कोई पक्ष नहीं बढ़ा है। कई देशों को चिंता है कि आगामी दिनों में वे गंभीर ईंधन संकट का सामना कर सकते हैं। पीएम मोदी ने भी स्थिरता और शांति के लिए व्यापार की आवश्यकताओं पर बल दिया है।