अलेक्जेंडर स्टब ने ईरान के राष्ट्रपति पेजेश्कियान के साथ युद्धविराम और कूटनीति पर की चर्चा
सारांश
Key Takeaways
- अलेक्जेंडर स्टब और मसूद पेजेश्कियान के बीच वार्ता हुई।
- युद्धविराम और कूटनीतिक समाधान की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
- संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने संघर्ष समाप्त करने का आह्वान किया।
- ईरान को अपने पड़ोसी देशों पर हमले बंद करने चाहिए।
- विशेष दूत को मध्य पूर्व भेजने का निर्णय लिया गया।
काठमांडू, 2 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब ने वैश्विक तनाव के संदर्भ में कूटनीति पर बल देते हुए बताया कि उन्होंने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान के साथ महत्वपूर्ण बातचीत की। इस वार्ता में ईरान और मध्य-पूर्व की वर्तमान स्थिति पर गंभीर चर्चा की गई।
उन्होंने पड़ोसी देशों पर हमलों को रोकने और होर्मुज जलडमरूमध्य में नौवहन की स्वतंत्रता को पुनर्स्थापित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। साथ ही, मतभेदों के बावजूद संवाद जारी रखने को अत्यंत आवश्यक बताया गया।
फिनलैंड के राष्ट्रपति ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर कहा, "मैंने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान से बात की। हमने ईरान और मध्य-पूर्व के हालात पर चर्चा की। युद्धविराम और कूटनीतिक समाधान की तत्काल आवश्यकता है।"
उन्होंने पड़ोसी देशों पर हमलों को रोकने और होर्मुज जलडमरूमध्य में नौवहन की स्वतंत्रता बहाल करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
राष्ट्रपति स्टब ने कहा कि मतभेदों के बावजूद बातचीत जारी रखना महत्वपूर्ण है।
वहीं, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भी कहा कि अब "युद्ध रोकने का समय" आ गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यह संघर्ष न केवल भारी मानवीय पीड़ा पैदा कर रहा है, बल्कि इसके आर्थिक प्रभाव भी वैश्विक स्तर पर तेजी से महसूस किए जा रहे हैं। उन्होंने अमेरिका और इजरायल से संघर्ष समाप्त करने की अपील की है।
गुटेरेस ने स्पष्ट रूप से कहा, "अब समय आ गया है कि इस युद्ध को रोका जाए, क्योंकि यह लाखों लोगों के जीवन को प्रभावित कर रहा है और पहले ही वैश्विक अर्थव्यवस्था को झटका दे चुका है। ऊर्जा संकट, व्यापार में बाधाएं और सप्लाई चेन पर दबाव इसके कुछ बड़े उदाहरण हैं, जो इस संघर्ष के कारण और गंभीर हो गए हैं।"
गुटेरेस ने कहा कि मौजूदा हालात बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच चुके हैं और दुनिया एक व्यापक युद्ध के कगार पर खड़ी है। उनके अनुसार, अगर जल्द ही कूटनीतिक समाधान नहीं निकला तो यह संघर्ष और बड़े स्तर पर फैल सकता है, जिसका असर वैश्विक शांति और स्थिरता पर पड़ेगा।
संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने केवल अमेरिका और इजरायल को ही नहीं, बल्कि ईरान को भी सख्त संदेश दिया। उन्होंने कहा कि ईरान को अपने पड़ोसी देशों पर हमले तुरंत बंद करने चाहिए, क्योंकि इससे क्षेत्रीय तनाव और भड़क रहा है। उनका मानना है कि सभी पक्षों को संयम बरतते हुए बातचीत के रास्ते पर लौटना होगा।
इस स्थिति की गंभीरता को देखते हुए गुटेरेस ने अपने विशेष दूत को मध्य पूर्व भेजने का निर्णय लिया है। यह कदम शांति वार्ता को आगे बढ़ाने और सभी पक्षों के बीच संवाद स्थापित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।