18 अगस्त 2026
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राम मंदिर चढ़ावा चोरी: SIT ने चंपत राय और अनिल मिश्रा को दी क्लीन चिट, संत समाज ने जताई खुशी

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राम मंदिर चढ़ावा चोरी: SIT ने चंपत राय और अनिल मिश्रा को दी क्लीन चिट, संत समाज ने जताई खुशी

सारांश

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में SIT की रिपोर्ट ने ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और कोषाध्यक्ष अनिल मिश्रा को निर्दोष करार दिया। संत समाज ने कहा — यह वही बात है जो वे पहले से कहते आ रहे थे। सर्वोच्च न्यायालय में तीन सप्ताह में अंतिम रिपोर्ट दाखिल होनी है।

मुख्य बातें

SIT ने 18 अगस्त को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को जांच रिपोर्ट सौंपी।
रिपोर्ट में ट्रस्ट महासचिव चंपत राय और कोषाध्यक्ष अनिल मिश्रा को क्लीन चिट दी गई।
दोषी कर्मचारी पहले से न्यायिक हिरासत में हैं।
सर्वोच्च न्यायालय ने SIT को अंतिम रिपोर्ट दाखिल करने के लिए तीन सप्ताह का समय दिया है।
महंत राजकुमार दास और जगद्गुरु परमहंस आचार्य सहित संत समाज ने निष्कर्ष पर संतोष जताया।
अयोध्या मेयर गिरीश पति त्रिपाठी ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में कोई दोषी नहीं बख्शा जाएगा।

अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में गठित विशेष जांच दल (SIT) ने अपनी जांच रिपोर्ट 18 अगस्त को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंप दी। रिपोर्ट में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और कोषाध्यक्ष अनिल मिश्रा को क्लीन चिट दी गई है। इस निष्कर्ष पर अयोध्या के साधु-संतों और जनप्रतिनिधियों ने संतोष व्यक्त किया है।

संत समाज की प्रतिक्रिया

राम वल्लभ कुंज के उत्तराधिकारी और राम मंदिर ट्रस्ट की धार्मिक समिति के सदस्य महंत राजकुमार दास ने कहा, 'चंपत राय निर्दोष हैं। संत समाज ने सामूहिक रूप से यह बात पहले ही कही थी। दोषी कर्मचारी हैं। वे लोग जेल में हैं और अपने किए की सजा भुगत रहे हैं।'

तपस्वी छावनी के पीठाधीश्वर जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने कहा कि तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर बिना किसी दबाव के निष्पक्ष जांच संपन्न हुई है। उन्होंने कहा, 'हम सभी साधु-संत, अयोध्यावासी, राम मंदिर के प्रति निष्ठा रखने वाले सभी लोग इससे बहुत संतुष्ट हैं। आशा करते हैं कि दोबारा कभी भी राम मंदिर की मर्यादा के खिलाफ इस तरह की कोई भी घटना नहीं होगी।'

परमहंस आचार्य ने चंपत राय के बारे में विशेष रूप से कहा, 'चंपत राय सच्चे सनातनी हैं, जिनके नेतृत्व में इतना भव्य राम मंदिर बना। चंपत राय तो योग ऋषि हैं। इसलिए हम लोग बहुत खुश हैं कि उनको क्लीन चिट मिला।'

मेयर ने बताई पूरी प्रक्रिया

अयोध्या के मेयर गिरीश पति त्रिपाठी ने कहा कि यह रिपोर्ट राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के अनुरोध पर दर्ज एफआईआर और उन्हीं के अनुरोध पर गठित SIT की जांच का परिणाम है। उन्होंने कहा, 'हमें पूरा विश्वास है कि इस रिपोर्ट के माध्यम से पूरे समाज में जो भी संशय है वह दूर होगा और दूध का दूध और पानी का पानी होगा।'

मेयर ने यह भी बताया कि सर्वोच्च न्यायालय ने SIT को तीन सप्ताह का समय दिया है, जिसमें उसे अपनी अंतिम रिपोर्ट न्यायालय में दाखिल करनी होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में इस मामले में कोई भी दोषी बख्शा नहीं जाएगा।

मामले की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी का यह मामला सामने आने के बाद ट्रस्ट ने स्वयं एफआईआर दर्ज कराई थी और SIT गठन का अनुरोध किया था। कुछ कर्मचारियों को इस संबंध में गिरफ्तार किया जा चुका है और वे न्यायिक हिरासत में हैं। यह मामला ऐसे समय में चर्चा में आया जब राम मंदिर के उद्घाटन के बाद वहाँ श्रद्धालुओं की संख्या और चढ़ावे की मात्रा में भारी वृद्धि हुई है।

आगे क्या होगा

SIT को सर्वोच्च न्यायालय में तीन सप्ताह के भीतर अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत करनी है। ट्रस्ट और संत समाज को उम्मीद है कि इस रिपोर्ट से मामले पर पूर्णविराम लगेगा और राम मंदिर की प्रतिष्ठा और प्रशासनिक पारदर्शिता दोनों मज़बूत होंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि इतने बड़े धार्मिक प्रतिष्ठान में चढ़ावा प्रबंधन की निगरानी प्रणाली इतनी कमज़ोर क्यों थी कि चोरी संभव हो सकी। ट्रस्ट ने स्वयं एफआईआर दर्ज कराकर पारदर्शिता का संकेत दिया, जो सराहनीय है — परंतु यह भी उतना ही ज़रूरी है कि सर्वोच्च न्यायालय में दाखिल होने वाली अंतिम रिपोर्ट में संस्थागत सुधारों की सिफारिशें शामिल हों। राम मंदिर की प्रतिष्ठा केवल व्यक्तिगत निर्दोषता साबित करने से नहीं, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने वाले ठोस तंत्र से सुरक्षित होगी।
RashtraPress
18 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में SIT की रिपोर्ट क्या कहती है?
SIT ने अपनी जांच रिपोर्ट में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और कोषाध्यक्ष अनिल मिश्रा को क्लीन चिट दी है। रिपोर्ट के अनुसार चोरी में कुछ कर्मचारी दोषी पाए गए हैं, जो पहले से न्यायिक हिरासत में हैं।
चंपत राय को लेकर संत समाज का क्या कहना है?
महंत राजकुमार दास और जगद्गुरु परमहंस आचार्य सहित संत समाज ने कहा है कि वे पहले से ही चंपत राय की निर्दोषता के प्रति आश्वस्त थे। परमहंस आचार्य ने उन्हें 'सच्चे सनातनी' और 'योग ऋषि' बताया।
इस मामले में आगे क्या होगा?
सर्वोच्च न्यायालय ने SIT को तीन सप्ताह का समय दिया है, जिसमें उसे अंतिम रिपोर्ट न्यायालय में दाखिल करनी होगी। अयोध्या के मेयर ने स्पष्ट किया है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में कोई भी दोषी बख्शा नहीं जाएगा।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मामला कैसे सामने आया?
राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी उजागर होने के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने स्वयं एफआईआर दर्ज कराई और SIT गठन का अनुरोध किया। ट्रस्ट की इस पहल को पारदर्शिता की दिशा में सकारात्मक कदम माना गया।
क्या इस मामले में किसी को सज़ा मिली है?
जांच में दोषी पाए गए कर्मचारी पहले से ही गिरफ्तार हैं और न्यायिक हिरासत में हैं। महंत राजकुमार दास के अनुसार वे अपने किए की सज़ा भुगत रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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