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राम मंदिर चढ़ावा चोरी: एनडीए नेताओं ने एसआईटी जांच पर जताया भरोसा, कहा — कोई नहीं बचेगा

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राम मंदिर चढ़ावा चोरी: एनडीए नेताओं ने एसआईटी जांच पर जताया भरोसा, कहा — कोई नहीं बचेगा

सारांश

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे के बाद एनडीए नेताओं ने एकजुट होकर एसआईटी जांच का समर्थन किया। भाजपा, शिवसेना और आरएलडी नेताओं ने साफ कहा — 500 साल के संघर्ष से बने इस पवित्र स्थान पर हुई अनियमितता के लिए कोई भी दोषी नहीं बचेगा।

मुख्य बातें

राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार किए गए।
कृष्ण मोहन को ट्रस्ट का अंतरिम महासचिव नियुक्त किया गया है।
शिवसेना (शिंदे गुट) की विधायिका मनीषा कायंदे ने दोषियों के लिए कड़ी सजा और पारदर्शी व्यवस्था की मांग की।
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने ट्रस्ट मामले पर सीधी टिप्पणी से परहेज किया, लेकिन चंपत राय के आलोचकों को आड़े हाथों लिया।
त्यागी ने निष्पक्ष एसआईटी जांच और ट्रस्ट में ईमानदार नियुक्तियों पर जोर दिया।
झारखंड भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा — 500 वर्षों के संघर्ष के बाद बने मंदिर में चोरी गंभीर मामला है, कोई भी दोषी नहीं बचेगा।

राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार किए जाने के बाद 7 जुलाई को एनडीए नेताओं ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एसआईटी जांच पर पूरा भरोसा जताया और चेतावनी दी कि किसी भी दोषी को नहीं बख्शा जाएगा। अयोध्या के राम मंदिर से जुड़े इस विवाद ने राष्ट्रीय राजनीति में तीखी प्रतिक्रियाएं उत्पन्न कर दी हैं।

नेताओं की प्रमुख प्रतिक्रियाएं

शिवसेना (शिंदे गुट) की विधान परिषद सदस्य मनीषा कायंदे ने कहा कि इस्तीफा देने वालों का पद छोड़ना उचित कदम है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में सीधे तौर पर जुड़े लोग दोषी पाए जाने पर उन्हें कड़ी सजा मिलनी चाहिए। कायंदे ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित जांच समिति से जल्द रिपोर्ट पेश करने की उम्मीद है।

कायंदे ने यह भी कहा कि भगवान राम के नाम पर किसी भी प्रकार का घोटाला या अनियमितता स्वीकार नहीं की जा सकती। उनके अनुसार, यदि किसी ट्रस्टी की भूमिका संदिग्ध पाई जाती है तो कानून के तहत सख्त कार्रवाई अनिवार्य है और भविष्य में पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए।

उपमुख्यमंत्री मौर्य और योगी सरकार का रुख

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा, 'श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के बारे में मेरा बोलना उचित नहीं है, वह ट्रस्ट के लोग ही जो बताना है बताएंगे, लेकिन यह बात मैं भी कह सकता हूं कि चंपत राय के बारे में जो कुछ लोग वक्तव्य देते हैं, उनको उनके बारे में कुछ भी नहीं मालूम है।' समाजवादी पार्टी की 'कड़ी कार्रवाई' की मांग पर मौर्य ने पलटवार करते हुए कहा कि जिन्होंने राम भक्तों की हत्या की, पहले उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जाए।

भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री जिबेश कुमार ने कहा कि योगी सरकार में गलत करने वाला कोई नहीं बचेगा — 'पाताल से भी ढूंढकर उन पर कार्रवाई की जाएगी।' कर्नाटक के बीदर से भाजपा विधायक शैलेंद्र बेलडाले ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट कर दिया है कि जो भी जिम्मेदार पाया जाए, उस पर कार्रवाई होगी।

आरएलडी और भाजपा प्रवक्ता की राय

राष्ट्रीय लोकदल (आरएलडी) के वरिष्ठ नेता के.सी. त्यागी ने कहा कि ट्रस्ट द्वारा कृष्ण मोहन को अंतरिम महासचिव नियुक्त किया जाना विश्व हिंदू परिषद और ट्रस्ट का आंतरिक विषय है। हालांकि उन्होंने जोर दिया कि किसी भी धार्मिक ट्रस्ट की व्यवस्था पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ चलनी चाहिए। त्यागी ने एसआईटी जांच के बारे में कहा कि यह पूरी निष्पक्षता के साथ जारी रहनी चाहिए और जिन लोगों की गिरफ्तारी हुई है उनसे विस्तार से पूछताछ होनी चाहिए।

झारखंड भाजपा के मुख्य प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा कि जैसे-जैसे एसआईटी जांच आगे बढ़ेगी, उसी के अनुरूप कार्रवाई भी होगी। शाहदेव ने कहा कि राम मंदिर 500 वर्षों के लंबे संघर्ष के बाद बना है और ऐसे पवित्र स्थान पर चोरी जैसी घटना बेहद गंभीर है — चाहे कोई कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, दोषी पाए जाने पर कार्रवाई निश्चित है।

कांग्रेस पर निशाना

कई भाजपा नेताओं ने इस अवसर पर कांग्रेस पर भी तंज कसा। बेलडाले और शाहदेव दोनों ने कहा कि जिन नेताओं ने कभी भगवान राम और राम मंदिर के अस्तित्व पर सवाल उठाए थे, वे आज इस मुद्दे पर बयान दे रहे हैं। भाजपा नेताओं ने इसे भगवान राम की महिमा बताते हुए इसका 'स्वागत' किया।

आगे क्या होगा

एसआईटी की जांच जारी है और अब तक कई लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। ट्रस्ट में नई नियुक्ति के बाद प्रशासनिक पुनर्गठन की प्रक्रिया भी चल रही है। आलोचकों का कहना है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच और पारदर्शी जवाबदेही ही करोड़ों श्रद्धालुओं का भरोसा बहाल कर सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या एसआईटी जांच सत्ता के दबाव से मुक्त रहेगी — जब ट्रस्ट की नियुक्तियां और कार्यप्रणाली खुद सरकार से घनिष्ठ रूप से जुड़ी हों। चंपत राय जैसे केंद्रीय व्यक्तित्व के इस्तीफे के बावजूद जांच की विश्वसनीयता तभी स्थापित होगी जब परिणाम पारदर्शी और सार्वजनिक हों। यह मामला सिर्फ चोरी का नहीं, बल्कि धार्मिक ट्रस्टों की जवाबदेही के व्यापक ढांचे का भी है — जो अभी तक काफी हद तक अनियमित रहा है।
RashtraPress
7 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला क्या है?
अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे की राशि की कथित चोरी और अनियमितता का यह मामला है, जिसके बाद राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा को इस्तीफा देना पड़ा। उत्तर प्रदेश सरकार ने इस मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की है और अब तक कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।
एसआईटी जांच में अब तक क्या हुआ है?
एसआईटी की जांच जारी है और अब तक कई लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। आरएलडी नेता के.सी. त्यागी के अनुसार, जिन लोगों का नाम जांच में सामने आया है उनसे विस्तार से पूछताछ की जानी चाहिए।
चंपत राय के इस्तीफे के बाद ट्रस्ट का नेतृत्व कौन संभाल रहा है?
चंपत राय का इस्तीफा स्वीकार होने के बाद कृष्ण मोहन को राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का अंतरिम महासचिव नियुक्त किया गया है। आरएलडी नेता के.सी. त्यागी ने इसे ट्रस्ट और विश्व हिंदू परिषद का आंतरिक विषय बताया।
एनडीए नेताओं ने इस मामले पर क्या रुख अपनाया है?
भाजपा, शिवसेना (शिंदे गुट) और आरएलडी सहित एनडीए के सभी प्रमुख नेताओं ने एसआईटी जांच का समर्थन किया और कहा कि कोई भी दोषी नहीं बचेगा। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और भाजपा विधायक जिबेश कुमार ने योगी सरकार की सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया।
इस मामले में कांग्रेस की भूमिका पर भाजपा का क्या कहना है?
भाजपा विधायक शैलेंद्र बेलडाले और झारखंड भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कांग्रेस नेताओं पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि जो नेता पहले भगवान राम और राम मंदिर के अस्तित्व पर सवाल उठाते थे, वे अब इस मुद्दे पर बयान दे रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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