नितिन नवीन का जम्मू दौरा: BJP कार्यकर्ताओं को जनसंपर्क बढ़ाने के निर्देश, उमर सरकार पर साधा निशाना
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने 7 जुलाई 2026 को जम्मू में अपनी दो दिवसीय यात्रा का समापन करते हुए पार्टी के सांसदों, विधायकों, पूर्व विधायकों और जिला विकास परिषद (DDC) के पूर्व सदस्यों के साथ विस्तृत बैठक की। यह बैठक त्रिकुटा नगर स्थित पार्टी मुख्यालय में आयोजित हुई, जिसमें जम्मू-कश्मीर में जनसंपर्क को धार देने और जमीनी संगठन को सुदृढ़ करने पर विशेष बल दिया गया। BJP अध्यक्ष के रूप में नितिन नवीन की यह जम्मू-कश्मीर में पहली आधिकारिक दो दिवसीय यात्रा थी।
दिनभर का कार्यक्रम और बैठकों का सिलसिला
मंगलवार की सुबह केशव भवन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के पदाधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बातचीत से कार्यक्रम की शुरुआत हुई। इसके बाद पार्टी मुख्यालय में मौजूदा विधायकों, पूर्व विधायकों, DDC सदस्यों और स्थानीय पंचायत प्रमुखों के साथ बैठक हुई। राज्य कोर ग्रुप की बैठक की अध्यक्षता करते हुए नवीन ने केंद्रशासित प्रदेश में पार्टी के रणनीतिक और राजनीतिक लक्ष्यों पर केंद्रित चर्चा का नेतृत्व किया।
युवा संवाद और वैष्णो देवी दर्शन
नवीन ने एक युवा संवाद कार्यक्रम में भी हिस्सा लिया, जहाँ उन्होंने युवा पार्टी कार्यकर्ताओं को पूरे क्षेत्र के युवाओं से सक्रिय रूप से जुड़ने का आग्रह किया। नई दिल्ली रवाना होने से पूर्व उन्होंने माता वैष्णो देवी मंदिर में दर्शन कर श्रद्धा अर्पित की।
कार्यकर्ताओं को क्या निर्देश मिले
BJP विधायक आर.एस. पठानिया ने पत्रकारों को बताया कि पार्टी अध्यक्ष ने दो घंटे से अधिक समय तक सांसदों, विधायकों और वरिष्ठ नेताओं के साथ चर्चा की। पठानिया के अनुसार, कार्यकर्ताओं और निर्वाचित प्रतिनिधियों को निर्देश दिया गया कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चलाई जा रही केंद्रीय योजनाओं के प्रत्येक लाभार्थी से व्यक्तिगत रूप से मिलें और उन्हें इन योजनाओं के लाभों के बारे में जागरूक करें।
उमर अब्दुल्ला सरकार पर BJP का रुख
पार्टी अध्यक्ष के उस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए — जिसमें उन्होंने संकेत दिया था कि निकट भविष्य में जम्मू-कश्मीर में BJP की सरकार बन सकती है — पठानिया ने स्पष्ट किया, "जम्मू-कश्मीर में हमारी भूमिका विपक्ष की है। हम सरकार नहीं गिराएंगे।" उन्होंने आगे कहा कि उमर अब्दुल्ला सरकार युवाओं को रोज़गार देने और विभिन्न क्षेत्रों में विकास के वादे पूरे करने में विफल रही है। पठानिया के शब्दों में, "यह सरकार अपने ही बोझ तले दबकर गिरने वाली है।" उन्होंने यह भी जोड़ा कि जब भी BJP जम्मू-कश्मीर में सत्ता में आएगी, वह अपने दम पर आएगी।
आगे की राह
यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब जम्मू-कश्मीर में राजनीतिक गतिविधियाँ तेज़ हो रही हैं और BJP अपने संगठनात्मक आधार को विस्तार देने में जुटी है। गौरतलब है कि पार्टी अध्यक्ष की यह यात्रा केंद्रशासित प्रदेश में BJP के जनाधार को पुनर्जीवित करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है।