मेलबर्न में PM मोदी के स्वागत को प्रवासी भारतीयों ने किया हवन, मार्वल स्टेडियम में 30-35 हजार की भीड़ का अनुमान
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऑस्ट्रेलिया दौरे से पहले मेलबर्न में प्रवासी भारतीय समुदाय पूरे उत्साह के साथ स्वागत की तैयारियों में जुटा हुआ है। 7 जुलाई को समुदाय के सदस्यों ने प्रधानमंत्री की दीर्घायु और यात्रा की सफलता की कामना के लिए हवन का आयोजन किया। कार्यक्रम स्थल मार्वल स्टेडियम में 30 से 35 हजार लोगों के जुटने का अनुमान है, और हजारों टिकट पहले ही जारी किए जा चुके हैं।
हवन और आस्था का उत्सव
30 वर्षों से ऑस्ट्रेलिया में रह रहे राकेश रायजादा ने कहा, 'प्रधानमंत्री मोदी का व्यक्तित्व ऐसा है कि लोग स्वतः उनकी ओर आकर्षित हो जाते हैं। पीएम मोदी 140 करोड़ भारतीयों की बात करते हैं, और उनके नेतृत्व में भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा बढ़ी है। हमने हवन यही सोच कर किया कि वो अच्छे काम करते रहें और स्वस्थ रहें।' उन्होंने उम्मीद जताई कि इस यात्रा के दौरान मुक्त व्यापार समझौते (FTA), इंडो-पैसिफिक सहयोग और भारतीय छात्रों से जुड़े मुद्दों पर सकारात्मक प्रगति होगी।
2006 में बतौर टेक्सटाइल टेक्नोलॉजिस्ट मेलबर्न आए संजीव कुमार ने बताया कि हवन का आयोजन प्रधानमंत्री की दीर्घायु के लिए किया गया। उनके अनुसार, 'पीएम मोदी ने न केवल ऑस्ट्रेलिया, बल्कि दुनिया भर में भारत की छवि को मजबूत किया है।' उन्होंने भारतीयों के लिए वीजा और अन्य व्यावहारिक समस्याओं के समाधान की दिशा में पहल की उम्मीद जताई।
समुदाय की उम्मीदें: वीजा, व्यापार और FTA
विजिटर वीजा पर मेलबर्न पहुँचे भूषण लाल शर्मा ने परिवार सहित टिकट बुक कराई है और इस अवसर को ऐतिहासिक बताया। उत्तराखंड मूल के योगेश भट्ट, जो पिछले 12 वर्षों से मेलबर्न में हैं, प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में अपना लिखा 'नमो-नमो' गीत प्रस्तुत करेंगे। उन्होंने कहा, 'यह किसी व्यक्ति का महिमामंडन नहीं, बल्कि भारत की चेतना और आत्मविश्वास का उत्सव है।'
वर्षों पहले पति के साथ ऑस्ट्रेलिया आईं सपना का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में विदेशों में रहने वाले भारतीयों को पहले की तुलना में अधिक सम्मान मिलने लगा है। उन्होंने कहा, 'आज ऑस्ट्रेलिया में भारतीयों को पहले की तुलना में कहीं अधिक सम्मान मिलता है।'
युवा चार्वी भट्ट ने बताया कि वह सिडनी में प्रधानमंत्री से नहीं मिल पाई थीं, लेकिन मेलबर्न में मिलने का अवसर मिलने पर भारत का सम्मान बढ़ाने के लिए उन्हें धन्यवाद देना चाहती हैं।
युवा प्रवासियों की नज़र वर्क वीजा पर
बतौर छात्र चार साल पहले ऑस्ट्रेलिया आए संकल्प को वर्क वीजा नीति में सकारात्मक बदलाव की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि मार्वल स्टेडियम में होने वाले इस कार्यक्रम में 30 से 35 हजार लोगों के शामिल होने का अनुमान है। उन्होंने कहा, 'मैं खुद को सौभाग्यशाली मानता हूँ कि इस ऐतिहासिक आयोजन का हिस्सा बनने का मौका मिलेगा।' उन्हें उम्मीद है कि प्रधानमंत्री अपने संबोधन में व्यापार, रोजगार, वर्क वीजा और भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों को नई दिशा देने वाले मुद्दों पर बात करेंगे।
भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों पर निगाहें
यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को लेकर बातचीत जारी है और दोनों देश इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने पर ज़ोर दे रहे हैं। गौरतलब है कि प्रवासी भारतीय समुदाय शिक्षा, वीजा सुगमता और द्विपक्षीय व्यापार के मुद्दों पर ठोस परिणामों की प्रतीक्षा में है। आने वाले दिनों में प्रधानमंत्री के संबोधन और द्विपक्षीय वार्ता के नतीजों पर सबकी नज़रें टिकी रहेंगी।