7 जुलाई 2026
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राम मंदिर चढ़ावा विवाद: शिमला में सुक्खू के नेतृत्व में कांग्रेस का मार्च, बोले- 'आस्था से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं'

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राम मंदिर चढ़ावा विवाद: शिमला में सुक्खू के नेतृत्व में कांग्रेस का मार्च, बोले- 'आस्था से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं'

सारांश

अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के विरोध में CM सुक्खू ने शिमला में कांग्रेस मार्च का नेतृत्व किया। उन्होंने भाजपा पर राम के नाम पर राजनीति का आरोप लगाया और राजीव गांधी को मंदिर-प्रक्रिया का असली सूत्रधार बताया — एक ऐसा बयान जो विवाद को नई दिशा दे सकता है।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने 7 जुलाई 2026 को शिमला में अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा विवाद के खिलाफ कांग्रेस मार्च का नेतृत्व किया।
पदयात्रा इंदिरा गांधी खेल परिसर से राम बाजार स्थित राम मंदिर तक निकाली गई; मंत्रिमंडल के सदस्यों और विधायकों ने पूजा-अर्चना व हवन में भाग लिया।
सुक्खू ने कहा कि चढ़ावे के दुरुपयोग ने करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था को ठेस पहुँचाई है।
मुख्यमंत्री ने भाजपा पर राम के नाम पर राजनीति करने का आरोप लगाया; कांग्रेस को धर्म से वास्तविक जुड़ाव का दावा किया।
सुक्खू ने पूर्व PM राजीव गांधी को राम जन्मभूमि स्थल के ताले खुलवाने का श्रेय दिया।

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में हिमाचल प्रदेश कांग्रेस ने 7 जुलाई 2026 को शिमला में अयोध्या के राम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावा चोरी के विरोध में प्रतीकात्मक मार्च निकाला। कांग्रेस नेताओं, मंत्रिमंडल के सदस्यों और कार्यकर्ताओं ने इंदिरा गांधी खेल परिसर से राम बाजार स्थित राम मंदिर तक पदयात्रा की और विरोध में नारे लगाए।

मुख्य घटनाक्रम

मार्च के बाद मुख्यमंत्री, मंत्रिमंडल के सदस्यों और विधायकों ने शिमला के राम मंदिर में पूजा-अर्चना की और हवन में भाग लिया। सुक्खू ने कहा कि करोड़ों श्रद्धालुओं ने गहरी आस्था के साथ अयोध्या मंदिर निर्माण के लिए धन और आभूषण दान किए थे, और जिन लोगों ने उस चढ़ावे का दुरुपयोग किया, उन्होंने न केवल जनता के विश्वास को तोड़ा, बल्कि करोड़ों भक्तों की आस्था को भी ठेस पहुँचाई।

सुक्खू के बयान

मुख्यमंत्री ने कहा, 'भगवान राम के सच्चे भक्त उनके नाम का राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल नहीं करते — उनका सबसे बड़ा संदेश मानवता की सेवा है।' उन्होंने यह भी बताया कि जब मंदिर निर्माण के लिए चंदा अभियान चलाया जा रहा था, तब उन्होंने स्वयं भी दान दिया था। सुक्खू ने कहा कि अयोध्या राम मंदिर के उद्घाटन के समय जहाँ देशभर में आधे दिन की छुट्टी घोषित हुई थी, वहीं हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य के लोगों की भगवान राम में गहरी आस्था को देखते हुए पूर्ण अवकाश घोषित किया था।

भाजपा पर निशाना

सुक्खू ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने राम मंदिर को राजनीति का विषय बना दिया है, जबकि कांग्रेस धार्मिक भावनाओं का राजनीतिक लाभ के लिए उपयोग करने में विश्वास नहीं रखती। उन्होंने कहा कि जो लोग भगवान राम और धर्म के नाम पर चंदा जुटाते हैं या राजनीति करते हैं, उन्हें ईमानदारी और निष्ठा के साथ काम करना चाहिए।

राजीव गांधी का उल्लेख

मुख्यमंत्री ने कहा कि राम मंदिर निर्माण की प्रक्रिया शुरू कराने का श्रेय सबसे पहले पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को जाना चाहिए, जिनके कार्यकाल में राम जन्मभूमि स्थल के ताले खोले गए थे। यह बयान ऐसे समय में आया है जब राम मंदिर से जुड़ा चढ़ावा विवाद राष्ट्रीय राजनीति में एक संवेदनशील मुद्दा बन चुका है।

आगे क्या

कांग्रेस के इस प्रदर्शन के बाद अब देखना होगा कि भाजपा और राम मंदिर ट्रस्ट इस मामले में क्या प्रतिक्रिया देते हैं। सुक्खू ने स्पष्ट किया कि जब भी लोगों की आस्था को ठेस पहुँचती है, नागरिक एकजुट होकर उसके खिलाफ खड़े होते हैं — और हिमाचल प्रदेश कांग्रेस की यह पदयात्रा उसी भावना की अभिव्यक्ति है।

संपादकीय दृष्टिकोण

वह अब राम मंदिर के भीतर हुई कथित अनियमितता को अपनी आस्था की प्रामाणिकता साबित करने के मंच के रूप में इस्तेमाल कर रही है। राजीव गांधी को मंदिर-प्रक्रिया का सूत्रधार बताना एक पुराना दावा है जो विवादास्पद भी है — ताले खुलवाने को मंदिर निर्माण की शुरुआत कहना इतिहास का सरलीकरण है। असली सवाल यह है कि क्या यह विरोध प्रदर्शन चढ़ावा चोरी के दोषियों पर जवाबदेही तय करने की माँग है, या राम के नाम पर उसी राजनीति की एक और कड़ी जिसका विरोध सुक्खू कर रहे हैं।
RashtraPress
7 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शिमला में कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन किस मुद्दे पर था?
यह प्रदर्शन अयोध्या के राम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावा चोरी के विरोध में था। 7 जुलाई 2026 को CM सुक्खू के नेतृत्व में कांग्रेस नेताओं ने शिमला में पदयात्रा निकाली और राम मंदिर में पूजा-अर्चना की।
सुक्खू ने भाजपा पर क्या आरोप लगाए?
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि भाजपा ने राम मंदिर को राजनीति का विषय बना दिया है और भगवान राम के नाम का इस्तेमाल केवल राजनीतिक लाभ के लिए किया जाता है। उन्होंने कहा कि सच्चे भक्त भगवान के नाम का राजनीतिक दोहन नहीं करते।
राजीव गांधी का इस विवाद से क्या संबंध बताया गया?
CM सुक्खू ने दावा किया कि राम मंदिर निर्माण की प्रक्रिया शुरू कराने का श्रेय सबसे पहले पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को जाता है, जिनके कार्यकाल में राम जन्मभूमि स्थल के ताले खोले गए थे। यह दावा कांग्रेस की राम मंदिर से ऐतिहासिक जुड़ाव की दलील का हिस्सा है।
हिमाचल प्रदेश सरकार ने राम मंदिर उद्घाटन पर क्या किया था?
सुक्खू के अनुसार, जब देशभर में राम मंदिर उद्घाटन के अवसर पर आधे दिन की छुट्टी घोषित की गई थी, तब हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य के लोगों की भगवान राम में गहरी आस्था को देखते हुए पूर्ण अवकाश घोषित किया था।
कांग्रेस का इस प्रदर्शन से क्या राजनीतिक संदेश था?
कांग्रेस ने इस प्रदर्शन के ज़रिए यह संदेश देने की कोशिश की कि पार्टी की भगवान राम में वास्तविक आस्था है और वह चढ़ावे के दुरुपयोग को लेकर श्रद्धालुओं के साथ खड़ी है। साथ ही पार्टी ने भाजपा पर धार्मिक भावनाओं के राजनीतिक दोहन का आरोप लगाया।
राष्ट्र प्रेस
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