राम मंदिर चढ़ावा विवाद: शिमला में सुक्खू के नेतृत्व में कांग्रेस का मार्च, बोले- 'आस्था से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं'
सारांश
मुख्य बातें
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में हिमाचल प्रदेश कांग्रेस ने 7 जुलाई 2026 को शिमला में अयोध्या के राम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावा चोरी के विरोध में प्रतीकात्मक मार्च निकाला। कांग्रेस नेताओं, मंत्रिमंडल के सदस्यों और कार्यकर्ताओं ने इंदिरा गांधी खेल परिसर से राम बाजार स्थित राम मंदिर तक पदयात्रा की और विरोध में नारे लगाए।
मुख्य घटनाक्रम
मार्च के बाद मुख्यमंत्री, मंत्रिमंडल के सदस्यों और विधायकों ने शिमला के राम मंदिर में पूजा-अर्चना की और हवन में भाग लिया। सुक्खू ने कहा कि करोड़ों श्रद्धालुओं ने गहरी आस्था के साथ अयोध्या मंदिर निर्माण के लिए धन और आभूषण दान किए थे, और जिन लोगों ने उस चढ़ावे का दुरुपयोग किया, उन्होंने न केवल जनता के विश्वास को तोड़ा, बल्कि करोड़ों भक्तों की आस्था को भी ठेस पहुँचाई।
सुक्खू के बयान
मुख्यमंत्री ने कहा, 'भगवान राम के सच्चे भक्त उनके नाम का राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल नहीं करते — उनका सबसे बड़ा संदेश मानवता की सेवा है।' उन्होंने यह भी बताया कि जब मंदिर निर्माण के लिए चंदा अभियान चलाया जा रहा था, तब उन्होंने स्वयं भी दान दिया था। सुक्खू ने कहा कि अयोध्या राम मंदिर के उद्घाटन के समय जहाँ देशभर में आधे दिन की छुट्टी घोषित हुई थी, वहीं हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य के लोगों की भगवान राम में गहरी आस्था को देखते हुए पूर्ण अवकाश घोषित किया था।
भाजपा पर निशाना
सुक्खू ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने राम मंदिर को राजनीति का विषय बना दिया है, जबकि कांग्रेस धार्मिक भावनाओं का राजनीतिक लाभ के लिए उपयोग करने में विश्वास नहीं रखती। उन्होंने कहा कि जो लोग भगवान राम और धर्म के नाम पर चंदा जुटाते हैं या राजनीति करते हैं, उन्हें ईमानदारी और निष्ठा के साथ काम करना चाहिए।
राजीव गांधी का उल्लेख
मुख्यमंत्री ने कहा कि राम मंदिर निर्माण की प्रक्रिया शुरू कराने का श्रेय सबसे पहले पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को जाना चाहिए, जिनके कार्यकाल में राम जन्मभूमि स्थल के ताले खोले गए थे। यह बयान ऐसे समय में आया है जब राम मंदिर से जुड़ा चढ़ावा विवाद राष्ट्रीय राजनीति में एक संवेदनशील मुद्दा बन चुका है।
आगे क्या
कांग्रेस के इस प्रदर्शन के बाद अब देखना होगा कि भाजपा और राम मंदिर ट्रस्ट इस मामले में क्या प्रतिक्रिया देते हैं। सुक्खू ने स्पष्ट किया कि जब भी लोगों की आस्था को ठेस पहुँचती है, नागरिक एकजुट होकर उसके खिलाफ खड़े होते हैं — और हिमाचल प्रदेश कांग्रेस की यह पदयात्रा उसी भावना की अभिव्यक्ति है।