5 जुलाई 2026
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राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर भाजपा नेता गोपाल कृष्ण अग्रवाल बोले — अखिलेश की चिंता महज राजनीति

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राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर भाजपा नेता गोपाल कृष्ण अग्रवाल बोले — अखिलेश की चिंता महज राजनीति

सारांश

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में 8 गिरफ्तारियाँ और वरिष्ठ पदाधिकारियों के इस्तीफे के बाद भाजपा नेता गोपाल कृष्ण अग्रवाल ने अखिलेश यादव की आलोचना को 'महज राजनीति' करार दिया — और मुलायम सरकार में राम भक्तों पर हुई गोलीबारी का हवाला देकर पलटवार किया।

मुख्य बातें

भाजपा नेता गोपाल कृष्ण अग्रवाल ने 5 जुलाई को राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद पर प्रतिक्रिया दी।
SIT जाँच में अब तक 8 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है; ट्रस्ट के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने इस्तीफा दिया।
6 जुलाई को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक निर्धारित है।
अग्रवाल ने अखिलेश यादव की चिंता को राजनीति से प्रेरित बताया; मुलायम सरकार में राम भक्तों पर गोलीबारी का हवाला दिया।
RSS के दत्तात्रेय होसबोले, VHP अध्यक्ष, CM योगी आदित्यनाथ और ट्रस्ट अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा — सभी ने घटना पर बयान दिए हैं।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता गोपाल कृष्ण अग्रवाल ने 5 जुलाई को नई दिल्ली में राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव की टिप्पणियों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अखिलेश यादव की यह 'चिंता' राजनीति से प्रेरित है, न कि आस्था से। 6 जुलाई को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की एक अहम बैठक निर्धारित है।

चढ़ावा चोरी की घटना पर भाजपा का रुख

अग्रवाल ने कहा कि राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी की घटना 'बेहद दुर्भाग्यपूर्ण' है और इससे करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था पर कुठाराघात हुआ है। उन्होंने बताया कि इस मामले को लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS), विश्व हिंदू परिषद (VHP) और भाजपा — तीनों संगठन चिंतित हैं और सभी ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। उन्होंने कहा, 'जिन लोगों ने यह अपराध किया है, उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी।'

SIT जाँच और अब तक की कार्रवाई

अग्रवाल के अनुसार उत्तर प्रदेश सरकार इस पूरे मामले में पूरी तरह सक्रिय है। विशेष जाँच दल (SIT) की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई जारी है और अब तक 8 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त ट्रस्ट के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने अपने पदों से इस्तीफा भी दे दिया है। ट्रस्ट के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, VHP अध्यक्ष और RSS के दत्तात्रेय होसबोले — सभी ने इस मामले पर सार्वजनिक बयान दिए हैं।

बद्रीनाथ धाम विवाद पर अग्रवाल का जवाब

बद्रीनाथ धाम के एक कर्मचारी पर वित्तीय अनियमितता के आरोपों और उसकी जाँच के लिए चार सदस्यीय समिति गठित किए जाने के प्रश्न पर अग्रवाल ने कहा कि किसी एक मंदिर में हुई घटना को पूरे हिंदू धर्म से नहीं जोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने तर्क दिया कि इस तरह की घटनाएँ चर्च और मदरसों में भी सामने आई हैं, इसलिए हिंदू धर्म को एकतरफा निशाना बनाना उचित नहीं है।

अखिलेश यादव पर सीधा हमला

अखिलेश यादव की ओर से राम मंदिर विवाद पर उठाए गए सवालों को अग्रवाल ने राजनीतिक अवसरवाद करार दिया। उन्होंने याद दिलाया कि मुलायम सिंह यादव की सरकार के कार्यकाल के दौरान राम भक्तों पर गोली चलाई गई थी। उनका कहना था, 'अब राम मंदिर मामले पर चिंता दिखाना केवल राजनीति से प्रेरित है। इन्होंने अपनी सरकार के समय राम मंदिर को लेकर पहल क्यों नहीं की?' यह टिप्पणी उस पृष्ठभूमि में आई है जब विपक्ष लगातार ट्रस्ट की पारदर्शिता पर सवाल उठा रहा है।

आगे क्या होगा

6 जुलाई को होने वाली राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक में चढ़ावा प्रबंधन और आंतरिक जवाबदेही के उपायों पर चर्चा होने की संभावना है। SIT की जाँच जारी है और आगे और गिरफ्तारियों से इनकार नहीं किया जा सकता। यह मामला आने वाले दिनों में राजनीतिक और धार्मिक दोनों मोर्चों पर केंद्र में बना रहेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन मुख्य सवाल यह है कि इतने बड़े ट्रस्ट में आंतरिक निगरानी तंत्र क्यों विफल हुआ। SIT जाँच और इस्तीफे आश्वस्त करने वाले कदम हैं, परंतु 6 जुलाई की बैठक में यदि ट्रस्ट ठोस जवाबदेही ढाँचा नहीं प्रस्तुत करता, तो विपक्ष के सवाल और तीखे होते रहेंगे।
RashtraPress
5 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला क्या है?
अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की राशि की चोरी का मामला सामने आया है, जिसे ट्रस्ट और हिंदू संगठनों ने 'बेहद दुर्भाग्यपूर्ण' बताया है। SIT जाँच के बाद अब तक 8 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और ट्रस्ट के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने इस्तीफा दे दिया है।
6 जुलाई की राम मंदिर ट्रस्ट बैठक में क्या होगा?
6 जुलाई को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक में चढ़ावा प्रबंधन, आंतरिक जवाबदेही और आगे की कार्रवाई पर चर्चा होने की संभावना है। ट्रस्ट अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा सहित वरिष्ठ सदस्य इसमें भाग लेंगे।
भाजपा ने अखिलेश यादव की आलोचना को राजनीतिक क्यों बताया?
भाजपा नेता गोपाल कृष्ण अग्रवाल ने कहा कि मुलायम सिंह यादव की सरकार के दौरान राम भक्तों पर गोली चलाई गई थी, इसलिए अब राम मंदिर पर चिंता दिखाना अवसरवादी राजनीति है। उनका तर्क है कि समाजवादी पार्टी ने अपने शासनकाल में राम मंदिर के लिए कोई पहल नहीं की।
इस मामले में RSS और VHP की क्या भूमिका रही?
RSS के दत्तात्रेय होसबोले और VHP अध्यक्ष दोनों ने चढ़ावा चोरी की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए सार्वजनिक बयान दिए हैं। भाजपा नेता अग्रवाल के अनुसार तीनों संगठन — RSS, VHP और भाजपा — इस मामले को लेकर चिंतित हैं और कड़ी कार्रवाई के पक्ष में हैं।
बद्रीनाथ धाम विवाद का राम मंदिर मामले से क्या संबंध है?
बद्रीनाथ धाम के एक कर्मचारी पर वित्तीय अनियमितता के आरोपों की जाँच के लिए चार सदस्यीय समिति गठित की गई है। भाजपा नेता अग्रवाल ने इसे राम मंदिर मामले से अलग बताते हुए कहा कि किसी एक संस्था की घटना को पूरे हिंदू धर्म पर हमले के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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