2 अगस्त 2026
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राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद: एनडीए ने पप्पू यादव पर कार्रवाई माँगी, इंडिया ब्लॉक ने प्रदर्शन का बचाव किया

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राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद: एनडीए ने पप्पू यादव पर कार्रवाई माँगी, इंडिया ब्लॉक ने प्रदर्शन का बचाव किया

सारांश

राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी पर संसद परिसर में हुए प्रदर्शन ने बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। एनडीए ने इसे 'संसद का अपमान' बताते हुए पप्पू यादव पर कार्रवाई माँगी, तो इंडिया ब्लॉक ने जवाबदेही की माँग को जायज़ ठहराया। एफआईआर दर्ज होने के बाद यह टकराव अब कानूनी मोर्चे पर भी पहुँच गया है।

मुख्य बातें

एनडीए के नेताओं ने 2 अगस्त को निर्दलीय सांसद पप्पू यादव और अन्य विपक्षी सांसदों के खिलाफ कार्रवाई की माँग की।
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने राहुल गांधी , अखिलेश यादव और डिंपल यादव पर हिंदुओं और संतों का अपमान करने का आरोप लगाया।
धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने के आरोप में पप्पू यादव , राहुल गांधी और अवधेश प्रसाद के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।
कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने प्रदर्शन को जायज़ बताया; कन्हैया कुमार ने BJP पर भगवा रंग पर 'पेटेंट' का दावा करने का आरोप लगाया।
सपा सांसद राजीव राय ने पूछा कि राम मंदिर में दान की चोरी पर सवाल उठाना सनातन का अपमान कैसे हो सकता है।

संसद परिसर में राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर 2 अगस्त को हुए प्रदर्शन के बाद राजनीतिक विवाद तेज़ हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के नेताओं ने निर्दलीय सांसद पप्पू यादव और अन्य विपक्षी सांसदों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की माँग की, जबकि इंडिया ब्लॉक के नेताओं ने इस प्रदर्शन को जायज़ ठहराते हुए पलटवार किया। धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने के आरोप में पप्पू यादव, कांग्रेस नेता राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद यह विवाद और गहरा गया है।

एनडीए नेताओं की प्रतिक्रिया

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि राहुल गांधी, अखिलेश यादव और डिंपल यादव समेत कई निर्वाचित सांसदों ने पप्पू यादव की हरकत का समर्थन किया। उन्होंने कहा, 'उन्होंने हिंदुओं, संतों और भगवान राम के भक्तों का अपमान किया। मैं इसकी कड़ी से कड़ी निंदा करता हूँ। इन लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।'

जनता दल (यूनाइटेड) के नेता श्याम रजक ने कहा, 'संसद कोई मंच नहीं है। पप्पू यादव की पृष्ठभूमि को देखें तो वे 'आनंद मार्गी' रहे हैं, लेकिन 'आनंद मार्गी' भी आखिर एक संस्था से जुड़े लोग होते हैं। अगर उन्हें ऐसा कुछ करना था, तो वे कहीं और कर सकते थे। संसद में ऐसा व्यवहार करना संसद का अपमान है।'

BJP सांसद करण भूषण सिंह ने सनातन धर्म के कथित अपमान की निंदा करते हुए विपक्ष को चेतावनी दी कि वे लोगों की धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ न करें, अन्यथा 'देश जवाब देगा।'

बिहार BJP अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा, 'जिस तरह से सनातन और हिंदू संस्कृति का मजाक उड़ाया गया और जिस तरह से साधु-संतों का मजाक बनाया गया, उसे देश की जनता बर्दाश्त नहीं करेगी।' जदयू नेता नीरज कुमार ने सवाल किया कि क्या कांग्रेस संविधान की प्रस्तावना से भटक रही है।

इंडिया ब्लॉक का पलटवार

कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने पप्पू यादव का बचाव करते हुए कहा, 'किसी भी चीज के सिलसिले में एफआईआर दर्ज की जा सकती है। पप्पू यादव ने जो किया, वह बस लोगों का ध्यान खींचने का एक तरीका था। इसके पीछे कोई गलत मकसद नहीं था।' उन्होंने यह भी कहा कि राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी पर सवाल उठाना स्वाभाविक है।

कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने सवाल किया कि क्या भगवा रंग पर BJP का कोई पेटेंट है। उन्होंने कहा, 'संघ ने कभी तिरंगा नहीं फहराया। उन्होंने कभी देश की आजादी को स्वीकार नहीं किया। इन नए दावेदारों को पेटेंट किसने दिया? वे भगवा रंग को अपमानजनक चीज के तौर पर देख रहे हैं — यह उनकी अपनी सोच का नतीजा है।'

समाजवादी पार्टी के सांसद राजीव राय ने कहा, 'अगर पप्पू यादव के काम को सनातन का अपमान कहा जा रहा है, तो राम मंदिर में दान की चोरी, जमीन हड़पने और राम मंदिर के नाम पर कारोबार करने वालों के बारे में क्या कहेंगे? ऐसे आरोप लगाने वालों को शर्म आनी चाहिए।'

मामले की पृष्ठभूमि

यह विवाद तब शुरू हुआ जब पप्पू यादव और कुछ अन्य विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर में राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के खिलाफ प्रदर्शन किया। एनडीए नेताओं ने इसे 'संसद का अपमान' और धार्मिक भावनाओं पर हमला बताया, जबकि विपक्ष का तर्क है कि यह जवाबदेही की माँग थी। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब संसद सत्र के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच पहले से तनाव बना हुआ है।

आगे क्या होगा

एफआईआर दर्ज होने के बाद अब यह मामला कानूनी और राजनीतिक — दोनों मोर्चों पर लड़ा जाएगा। विपक्ष ने संकेत दिया है कि वह राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मुद्दे को संसद के भीतर और बाहर उठाता रहेगा, जबकि एनडीए लोकसभा अध्यक्ष से अनुशासनात्मक कार्रवाई की माँग कर सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असल में यह राम मंदिर को लेकर राजनीतिक स्वामित्व की लड़ाई है। एनडीए के लिए मंदिर की पवित्रता पर कोई भी सवाल राजनीतिक रूप से संवेदनशील है, जबकि विपक्ष चाहता है कि चढ़ावा चोरी के आरोपों पर जवाबदेही तय हो — जो एक वैध प्रश्न है। विडंबना यह है कि एफआईआर ने विपक्ष को वह मंच दे दिया जो शायद प्रदर्शन से नहीं मिलता। असली मुद्दा — राम मंदिर ट्रस्ट में कथित वित्तीय अनियमितताओं की जाँच — इस राजनीतिक शोर में दब जाने का खतरा है।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संसद परिसर में पप्पू यादव ने किस मुद्दे पर प्रदर्शन किया?
निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने राम मंदिर में भक्तों के चढ़ावे की कथित चोरी के मुद्दे पर संसद परिसर में प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में कुछ अन्य विपक्षी सांसद भी शामिल थे।
पप्पू यादव के खिलाफ एफआईआर क्यों दर्ज हुई?
धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने के आरोप में पप्पू यादव, कांग्रेस नेता राहुल गांधी और सपा सांसद अवधेश प्रसाद के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। एनडीए नेताओं ने इस प्रदर्शन को सनातन धर्म और संसद का अपमान बताया।
एनडीए नेताओं ने इस प्रदर्शन पर क्या कहा?
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने इसे हिंदुओं और संतों का अपमान बताते हुए कड़ी कार्रवाई की माँग की। जदयू नेता श्याम रजक ने कहा कि संसद कोई प्रदर्शन का मंच नहीं है और यह व्यवहार संसद का अपमान है।
इंडिया ब्लॉक ने इस विवाद में क्या रुख अपनाया?
इंडिया ब्लॉक के नेताओं ने प्रदर्शन को उचित ठहराया और कहा कि राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी पर जवाबदेही तय होनी चाहिए। कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने कहा कि प्रदर्शन के पीछे कोई गलत मकसद नहीं था।
कन्हैया कुमार ने BJP पर क्या आरोप लगाया?
कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने सवाल किया कि भगवा रंग पर BJP का कोई पेटेंट नहीं है, क्योंकि तिरंगे में भी भगवा रंग है। उन्होंने कहा कि BJP भगवा रंग को अपमानजनक नज़रिए से देख रही है, जो उनकी अपनी सोच को दर्शाता है।
राष्ट्र प्रेस
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